{"_id":"62226d6a748e4a05d07a62d4","slug":"gwalior-road-over-bridge-stuck-in-noc-of-forest-department-jhansi-news-jhs216132929","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन विभाग की एनओसी में अटका ग्वालियर रोड ओवर ब्रिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन विभाग की एनओसी में अटका ग्वालियर रोड ओवर ब्रिज
विज्ञापन
झांसी। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले आनन-फानन में जिस ग्वालियर रोड ओवर ब्रिज का शिलान्यास कराया गया, उसकी कागजी औपचारिकताएं ही अब तक पूरी नहीं हो सकीं हैं। सेतु निगम को अभी तक वन विभाग की एनओसी ही नहीं मिली। इस वजह से शिलान्यास के करीब दो माह बाद भी इसका निर्माण आरंभ नहीं हो सका। अभियंता एनओसी का ही इंतजार कर रहे हैं।
कानपुर ट्रैक के डबल ट्रैक हो जाने के बाद ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग से रोजाना 50 सवारी एवं 40 मालगाड़ी गुजरती हैं। इस वजह से यह क्रासिंग 24 घंटे में 80 बार बंद होती है। इसके चलते यहां अक्सर लंबा जाम लगा रहता है। अत्यधिक जरूरत को देखते हुए यहां फोर लेन ओवर ब्रिज स्वीकृत हुआ। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से ठीक पहले 30 दिसंबर को इसका शिलान्यास हुआ। सेतु निगम अभियंताओं ने तर्क दिया कि आचार संहिता के दौरान काम प्रभावित न इसके चलते शिलान्यास कराया गया लेकिन, शिलान्यास के दो माह से अधिक बीतने के बाद भी यहां कोई काम शुरू ही नहीं हो सका। कागजी औपचारिकताएं पूरी न होने से यह काम अटका हुआ है। ओवर ब्रिज के नीचे हरित पट्टी समेत तमाम पेड़ भी आ रहे हैं। इस वजह से वन विभाग की एनओसी लिया जाना अत्यंत आवश्यक था लेकिन, विभाग ने यह एनओसी अभी तक नहीं ली। इस जरूरी एनओसी के बगैर यह काम शुरू नहीं हो सकता। वहीं, सेतु निगम लिमिटेड के परियोजना निदेशक वेद प्रकाश का कहना है एनओसी के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही एनओसी जारी होने की उम्मीद है। चुनावी प्रक्रिया के चलते भी यह काम प्रभावित हुआ है। इसका निर्माण जल्द आरंभ कराया जाएगा।
विज्ञापन
कानपुर ट्रैक के डबल ट्रैक हो जाने के बाद ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग से रोजाना 50 सवारी एवं 40 मालगाड़ी गुजरती हैं। इस वजह से यह क्रासिंग 24 घंटे में 80 बार बंद होती है। इसके चलते यहां अक्सर लंबा जाम लगा रहता है। अत्यधिक जरूरत को देखते हुए यहां फोर लेन ओवर ब्रिज स्वीकृत हुआ। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से ठीक पहले 30 दिसंबर को इसका शिलान्यास हुआ। सेतु निगम अभियंताओं ने तर्क दिया कि आचार संहिता के दौरान काम प्रभावित न इसके चलते शिलान्यास कराया गया लेकिन, शिलान्यास के दो माह से अधिक बीतने के बाद भी यहां कोई काम शुरू ही नहीं हो सका। कागजी औपचारिकताएं पूरी न होने से यह काम अटका हुआ है। ओवर ब्रिज के नीचे हरित पट्टी समेत तमाम पेड़ भी आ रहे हैं। इस वजह से वन विभाग की एनओसी लिया जाना अत्यंत आवश्यक था लेकिन, विभाग ने यह एनओसी अभी तक नहीं ली। इस जरूरी एनओसी के बगैर यह काम शुरू नहीं हो सकता। वहीं, सेतु निगम लिमिटेड के परियोजना निदेशक वेद प्रकाश का कहना है एनओसी के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही एनओसी जारी होने की उम्मीद है। चुनावी प्रक्रिया के चलते भी यह काम प्रभावित हुआ है। इसका निर्माण जल्द आरंभ कराया जाएगा।
विज्ञापन