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Jhansi News: जीएसटी रजिस्ट्रेशन किसी के नाम और व्यापार कोई अन्य कर रहा
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जीएसटी विभाग में फर्म का रजिस्ट्रेशन किसी के नाम है और इसका संचालन कोई और करता रहा। करीब 1.46 करोड़ के फर्जीवाड़े में ऊर्जा पेट्रोकेम पर चल रही एसआईटी कार्रवाई के दौरान पकड़े गए व्यापारी नरेंद्र कुमार ने कुछ ऐसी ही बात जांच के दौरान अफसरों को बताई। विभाग ने नए सिरे से पंजीकृत फर्मों की छानबीन शुरू कर दी है।
झांसी, महोबा व हमीरपुर की सात बोगस फर्मों की जांच एसआईटी को सौंपी गई है। एसआईटी ने महोबा की ऊर्जा पेट्रोकेम के संचालक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि फर्म का रजिस्ट्रेशन जरूर कराया था, लेकिन व्यापार खुद न कर अपने दोस्त को काम सौंप दिया था। इसके बाद से उसका दोस्त ही फर्म का संचालन कर खरीद-फरोख्त से लेकर रिटर्न दाखिल व आरटीसी क्लेम कर रहा था। हालांकि, यह बात न तो जीएसटी अफसरों के गले उतर रही है और न जांच कर रही एसआईटी के। लेकिन एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए उक्त व्यापारी के दोस्त की तलाश शुरू कर दी है। उधर, जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 डीके सचान ने सभी अफसरों से पंजीकृत फर्मों के सत्यापन को लेकर संवेदनशील रहने को कहा है, जिससे इस प्रकार के मामलों पर रोकथाम लग सके।
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महोबा की ऊर्जा पेट्रोकेम फर्म की एसआईटी जांच में तथ्य सामने आया है कि फर्म को उसका दोस्त संचालित कर रहा था। ऐसे में विभागीय अफसरों को पंजीकृत फर्मों की नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं।
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डीके सचान, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1
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झांसी। जीएसटी विभाग में फर्म का रजिस्ट्रेशन किसी के नाम है और इसका संचालन कोई और करता रहा। करीब 1.46 करोड़ के फर्जीवाड़े में ऊर्जा पेट्रोकेम पर चल रही एसआईटी कार्रवाई के दौरान पकड़े गए व्यापारी नरेंद्र कुमार ने कुछ ऐसी ही बात जांच के दौरान अफसरों को बताई। विभाग ने नए सिरे से पंजीकृत फर्मों की छानबीन शुरू कर दी है।
झांसी, महोबा व हमीरपुर की सात बोगस फर्मों की जांच एसआईटी को सौंपी गई है। एसआईटी ने महोबा की ऊर्जा पेट्रोकेम के संचालक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि फर्म का रजिस्ट्रेशन जरूर कराया था, लेकिन व्यापार खुद न कर अपने दोस्त को काम सौंप दिया था। इसके बाद से उसका दोस्त ही फर्म का संचालन कर खरीद-फरोख्त से लेकर रिटर्न दाखिल व आरटीसी क्लेम कर रहा था। हालांकि, यह बात न तो जीएसटी अफसरों के गले उतर रही है और न जांच कर रही एसआईटी के। लेकिन एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए उक्त व्यापारी के दोस्त की तलाश शुरू कर दी है। उधर, जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 डीके सचान ने सभी अफसरों से पंजीकृत फर्मों के सत्यापन को लेकर संवेदनशील रहने को कहा है, जिससे इस प्रकार के मामलों पर रोकथाम लग सके।
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महोबा की ऊर्जा पेट्रोकेम फर्म की एसआईटी जांच में तथ्य सामने आया है कि फर्म को उसका दोस्त संचालित कर रहा था। ऐसे में विभागीय अफसरों को पंजीकृत फर्मों की नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं।
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डीके सचान, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1