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बढ़ी हुईं दरें फंसा सकती हैं पेच
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Apr 2016 12:09 AM IST
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nagar nigam, jhansi hindi news
- फोटो : demo
झांसी। नगर निगम द्वारा निकाले गए होर्डिंग के ठेके में बढ़ी हुई दरें पेच फंसा सकती हैं। विज्ञापन एजेंसियों के ठेकेदार नई दरों में टेंडर लेने को तैयार नहीं है, ऐसे में 18 अप्रैल को होने वाले टेंडर को लेकर नगर निगम के अधिकारी असमंजस में हैं। विज्ञापन एजेंसियां जनवरी और मार्च में निकाले गए टेंडरों को फेल कर चुके हैं।
नगर निगम ने होर्डिंग का ठेका देने के लिए जनवरी से प्रयास शुरू कर दिए थे। उस समय ठेकेदारों ने एक राय होकर निविदा फार्म में दर के स्थान पर शासनादेश का हवाला दे दिया था। ठेकेदारों की प्लानिंग के कारण तब होर्डिंग का ठेका नहीं हो पाया था।
नगर निगम ने एक बार फिर मार्च में टेंडर निकाले थे, तब तीन फार्म बिके जरूर लेकिन, किसी ने जमा नहीं किए। नगर निगम ने होर्डिंग का ठेका करने के लिए एक बार फिर प्रयास किया है। अब 18 अप्रैल को टेंडर डाले जाएंगे। लेकिन, इस बार बढ़ी हुईं दरें पेच फंसा सकती हैं।
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नगर निगम ने सभी विज्ञापन एजेंसियों के लिए होर्डिंग के रेट 150 रुपये प्रति वर्ग फीट प्रस्तावित कर आपत्तियां मांगी थी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद विज्ञापन व होर्डिंग की दरें 85 रुपये प्रतिवर्ग फीट निश्चित हो गई, इसे सदन की बैठक में सर्वसम्मति से पास कराया गया और बाद में इसका शासन से गजट भी हुआ, इनमें चार श्रेणियां भी फिक्स कर दी गई। इतने पर भी विज्ञापन एजेंसियां तैयार नहीं हुई और कोर्ट चलीं गई।
कोर्ट ने शासन के गजट को मान्य कर दिया। अब ठेकेदारों ने विरोध शुरू कर दिया है कि इन दरों पर ठेका नहीं लिया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक होर्डिंग का ठेका नहीं हो सका है।
पहली बार हो रहा ठेका
यह बात सुनने में अजीब जरूर लगती है, मगर यह सच है। नगर पालिका झांसी और फिर बने नगर निगम में कभी भी विज्ञापन होर्डिंग के ठेके नहीं हुए। ठेकेदार पूल बनाकर एक मूल्य तय कर साइड किराए पर ले लेते थे। यह पहली बार हो रहा है कि नगर निगम में होर्डिंग के ठेके नियमानुसार हो रहे हैं। गौरतलब है कि नगर निगम क्षेत्र में होर्डिंग विज्ञापन के लिए 588 साइड चिह्नित हैं। इनके अलावा जहां भी होर्डिंग लगाई जा रही हैं, वह पूर्ण रूप से अवैध हैं।
‘नई दरों से भुगतान करने वाले ठेकेदारों को ही टेंडर दिए जाने हैं, इसलिए पुरानी एजेंसियां निविदा फार्म नहीं खरीद पा रही हैं। जुलाई से लागू हुई नई दरों का अभी तक पूरा भुगतान नहीं हो सका है। जब तक भुगतान नहीं होगा, तब तक पुरानी एजेंसियों को निविदाएं नहीं दी जाएंगी।’
रोहन सिंह
अपर नगर आयुक्त
नगर निगम, झांसी
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नगर निगम ने होर्डिंग का ठेका देने के लिए जनवरी से प्रयास शुरू कर दिए थे। उस समय ठेकेदारों ने एक राय होकर निविदा फार्म में दर के स्थान पर शासनादेश का हवाला दे दिया था। ठेकेदारों की प्लानिंग के कारण तब होर्डिंग का ठेका नहीं हो पाया था।
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नगर निगम ने एक बार फिर मार्च में टेंडर निकाले थे, तब तीन फार्म बिके जरूर लेकिन, किसी ने जमा नहीं किए। नगर निगम ने होर्डिंग का ठेका करने के लिए एक बार फिर प्रयास किया है। अब 18 अप्रैल को टेंडर डाले जाएंगे। लेकिन, इस बार बढ़ी हुईं दरें पेच फंसा सकती हैं।
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नगर निगम ने सभी विज्ञापन एजेंसियों के लिए होर्डिंग के रेट 150 रुपये प्रति वर्ग फीट प्रस्तावित कर आपत्तियां मांगी थी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद विज्ञापन व होर्डिंग की दरें 85 रुपये प्रतिवर्ग फीट निश्चित हो गई, इसे सदन की बैठक में सर्वसम्मति से पास कराया गया और बाद में इसका शासन से गजट भी हुआ, इनमें चार श्रेणियां भी फिक्स कर दी गई। इतने पर भी विज्ञापन एजेंसियां तैयार नहीं हुई और कोर्ट चलीं गई।
कोर्ट ने शासन के गजट को मान्य कर दिया। अब ठेकेदारों ने विरोध शुरू कर दिया है कि इन दरों पर ठेका नहीं लिया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक होर्डिंग का ठेका नहीं हो सका है।
पहली बार हो रहा ठेका
यह बात सुनने में अजीब जरूर लगती है, मगर यह सच है। नगर पालिका झांसी और फिर बने नगर निगम में कभी भी विज्ञापन होर्डिंग के ठेके नहीं हुए। ठेकेदार पूल बनाकर एक मूल्य तय कर साइड किराए पर ले लेते थे। यह पहली बार हो रहा है कि नगर निगम में होर्डिंग के ठेके नियमानुसार हो रहे हैं। गौरतलब है कि नगर निगम क्षेत्र में होर्डिंग विज्ञापन के लिए 588 साइड चिह्नित हैं। इनके अलावा जहां भी होर्डिंग लगाई जा रही हैं, वह पूर्ण रूप से अवैध हैं।
‘नई दरों से भुगतान करने वाले ठेकेदारों को ही टेंडर दिए जाने हैं, इसलिए पुरानी एजेंसियां निविदा फार्म नहीं खरीद पा रही हैं। जुलाई से लागू हुई नई दरों का अभी तक पूरा भुगतान नहीं हो सका है। जब तक भुगतान नहीं होगा, तब तक पुरानी एजेंसियों को निविदाएं नहीं दी जाएंगी।’
रोहन सिंह
अपर नगर आयुक्त
नगर निगम, झांसी