फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Group of engineering students is feeding the hungry, teaching the poor

इंजीनियरिंग छात्रों का ग्रुप भूखों को खिला रहा खाना, निर्धनों को पढ़ा रहा

Sun, 08 May 2022 11:27 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2022 11:27 PM IST
विज्ञापन
Group of engineering students is feeding the hungry, teaching the poor
झांसी। भूखों को खाना खिलाने और निर्धन बच्चों को पढ़ाने के लिए बीआईईटी से इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों ने एक ग्रुप बनाया है। शिक्षण संस्थानों की मेस में बचने वाले खाने को ग्रुप के सदस्य इकट्ठा करते हैं। खुद के पैसे जोड़कर खरीदी गई वैन से रोज इसे बांटते हैं। इसके अलावा नवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को रोजाना पढ़ाते भी हैं।
विज्ञापन

बीआईईटी से पासआउट बृजेश यादव इस ग्रुप के प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि वह अक्सर सड़क किनारे झोपड़ पट्टी में रहने वाले लोगों को खाने के लिए तरसते देखते थे तो बहुत दुख होता था। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को अच्छी शिक्षा और मार्गदर्शन मिल सके, इसलिए उन्हें पढ़ाने की इच्छा होती थी। उन्होंने अपनी यह भावना इंजीनियरिंग कर रहे कुछ साथियों को बताई। सात-आठ दोस्त जनसेवा के इस काम के लिए आगे आए। बृजेश ने बताया कि बीआईईटी की ही मेस में रोजाना खाना बच जाता था। ऐसे में शुरू में इसे ही गरीबों को वितरित करना शुरू किया।
विज्ञापन

इसके बाद कुछ अन्य शिक्षण संस्थानों की भी मेस से खाना एकत्र करने लगे। बृजेश बताते हैं कि रोजाना खाना बांटने के दौरान ऑटो करना पड़ता था। ऐसे में किराया का काफी पैसा खर्च होता था। बाद में सभी छात्रों ने स्कॉलरशिप का पैसा इकट्ठा करके एक पुरानी वैन खरीद ली। अब रोजाना सखी के हनुमान मंदिर के पास झोपड़ पट्टी, मेडिकल कॉलेज के आसपास फुटपाथ पर रहने वालों और बस स्टैंड के पीछे जाकर जरूरतमंदों को भोजन वितरित करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो महीने पहले शुरू की लाइब्रेरी में पढ़ रहे 150 छात्र
झांसी। बृजेश ने बताया कि दो महीने पहले ग्रुप के सभी सदस्यों ने मिलकर बड़ागांव में बस स्टैंड के पास लाइब्रेरी शुरू की है। ग्रुप के सदस्यों ने अपनी किताबें यहां रखी हैं। कुछ खरीदी भी हैं। यहां पर कोर्स की पढ़ाई के अलावा छात्रों को इंजीनियरिंग की भी तैयारी कराई जा रही है। प्रवीर कुमार, विवेक पांडेय, अंकुश सिंह, शुभम सिंह, अमन यादव मिलकर छात्रों को नि:शुल्क पढ़ाते हैं। कक्षा नौ से 12वीं तक के 150 छात्र पढ़ने आते हैं। बताया कि समय-समय पर बड़े-बड़े पदों पर नियुक्त सीनियर्स वर्चुअल छात्रों को अहम टिप्स देते हैं।

सीनियर ने दुबई से भेजे चार क्विंटल कपड़े बांटे
झांसी। बृजेश ने कहा कि उनके सीनियर शिवमोहन दुबई मेट्रो में कार्यरत हैं। उन्होंने वहां से कुछ महीने पहले चार क्विंटल कपड़ा भेजा था, जिसे ग्रुप के सभी सदस्यों ने मिलकर जरूरतमंदों को बांटा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed