फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Grassland healthy for cow sahjan leaf

सहजन लीफ मील से सेहतमंद और दुधारू होंगे गोवंश

Thu, 04 Feb 2021 12:08 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 04 Feb 2021 12:08 AM IST
विज्ञापन
Grassland healthy for cow sahjan leaf
झांसी। गोवंश को सेहतमंद बनाने और दुग्ध उत्पादन में बढ़ोत्तरी करने के लिए झांसी के वैज्ञानिकों ने सस्ता फार्मूला तैयार किया है। चमत्कारी पेड़ कहे जाने वाले सहजन की पत्तियों से तैयार किए गए लीफ मील से पशुओं में प्रोटीन और जिंक की मात्रा बढ़ेगी। इसके साथ ही, वैज्ञानिकों का दावा है कि इसके प्रयोग से 20-25 फीसद दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी।
विज्ञापन

केंद्र और प्रदेश सरकार सहजन वृक्ष को लगाने पर बढ़ावा दे रही है। इस पेड़ को आमतौर पर भोजन और चिकित्सा के लिए उपयोगी माना जाता है। वहीं, झांसी के चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने इसे पशुओं के लिए उपयोगी बनाते हुए सहजन लीफ मील तैयार किया है। इसके लिए ग्रासलैंड में सहजन के पौधोें को 50-50 और 30-30 सेमी की दूरी पर लगाया गया। कुछ समय बाद पौधों का विकास होने पर इसकी पत्तियों और मुलायम तने को तोड़कर, काटकर और सुखाकर पाउडर के तौर पर लीफ मील तैयार किया गया। वैज्ञानिकों ने इस लीफ मील को गोवंश को आहार के तौर पर दिया। पशुओं के परीक्षण के बाद पाया गया कि उनमें प्रोटीन, जिंक और फाइबर की मात्रा में वृद्धि हुई। जिससे दुग्ध उत्पादन में बढ़ोत्तरी हुई। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह पशु आहार पशुपालकों को काफी सस्ता पड़ेगा। आमतौर पर पशु आहार 10-15 रुपये किलो में आता है, लेकिन लीफ से बना पशु आहार दो रुपये किलो तक पड़ेगा।
विज्ञापन

दूध से अधिक प्रोटीन देता है सहजन
सहजन का पारंपरिक प्रयोग सब्जी के तौर पर होता है। वैज्ञानिक बताते हैं कि इसकी पत्तियों में संतरे से अधिक विटामिन सी, केले से अधिक पोटेशियम और अंडे-दूध से अधिक प्रोटीन होता है। पत्तियों में 21.53 फीसद क्रूड प्रोटीन, 24.07 फीसद एसिड डिटर्जेंट फ ाइबर,17.55 फीसद न्यूट्रल डिटर्जेंट फ ाइबर होता है। भारत हर साल 1-2.2 मिलियन टन सहजन का उत्पादन करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूखे की स्थिति में भी मिलेगा चारा
सहजन से चारे का उत्पादन पूरे साल किया जा सकता है। सूखे की स्थिति में भी यह पेड़ विकसित होता है। दो से तीन किलो पत्तियों में आराम से पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता हो जाती है। ग्रासलैंड के वैज्ञानिक पशुपालकों को इसे अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

सहजन लीफ मील को पशुपालक आराम से तैयार कर सकते हैं। यह कम पानी वाली जमीन पर भी लगाया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने प्रयोग के बाद पाया है कि सहजन लीफ मील से पशुओं में प्रोटीन, जिंक की मात्रा बढ़ती है। जोकि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में सहायक है।
डॉ. विजय कुमार यादव, निदेशक, भारतीय चारागाह और चारा अनुसंधान संस्थान झांसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed