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आश्रय स्थलों में भेजे जा रहे अन्ना गोवंश
Thu, 10 Jan 2019 08:19 AM IST
vivek shukla
jhansi
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Published by: vivek shukla
Updated Thu, 10 Jan 2019 08:19 AM IST
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cow van vihar
- फोटो : amarujala
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सड़कों पर विचरण कर रहे गोवंश को 10 जनवरी तक आश्रय स्थलों में पहुंचाने के निर्देशों से जिले में हड़कंप मचा हुआ है। ईओ ने कान्हा गोवंश आश्रय स्थल में गोवंश भेजना आरंभ भी कर दिया है। इससे नगर की सड़कों पर गोवंशों की संख्या में कमी आई है।
जिले में अन्ना गोवंश के संरक्षण के लिए आठ गोवंश आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। वहीं, नगर पालिका परिषद ने निकटवर्ती ग्राम दैलवारा में कान्हा पशु आश्रय स्थल का निर्माण कराया है। इसी तरह तालबेहट नगर पंचायत की ओर से तालबेहट में आश्रय स्थल निर्मित है। इनमें गोवंश पहुंचना प्रारंभ हो गया है। अधिशासी अधिकारी मधुसूदन जायसवाल ने बताया कि दैलवारा में साठ व तालबेहट में 300 चालीस गोवंश पहुंच चुके हैं।
दैलवारा में करीब चार एकड़ भूमि पर करीब 3 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। इस धनराशि से भूमि पर दो शेड, गार्ड रूम, वेटनरी रूम व अस्पताल का निर्माण कराया गया है। इसमें करीब सात सौ से आठ सौ पशुओं को रखा जा सकता है। बता दें कि अन्ना जानवर जहां नगर की सड़कों पर विचरण करते हुए राहगीरों के लिए आफत बन चुके हैं।
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अन्ना जानवरों के हमले में कई लोग चुटहिल हो चुके हैं तो कुछ की मौत भी हो चुकी है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को फसल बचाना मुश्किल हो रहा है। पिछले दिनों प्रदेश के कई जिलों में अन्ना पशुओं को स्कूल, अस्पताल में बंद करने की घटनाएं हुई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दस जनवरी तक अन्ना गोवंश को आश्रय स्थलों में पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने नगर पालिका ललितपुर के ग्राम दैलवारा में बन रहे कान्हा गोवंश आश्रय स्थल में निराश्रित गोवंश के भेजने तथा उनके चारे व पानी की व्यवस्था के निर्देश अधिशाषी अधिकारी को दिए हैं। वहीं, तालबेहट में बने कान्हा गोवंश आश्रय स्थल में 10 जनवरी तक गोवंश संरक्षित करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में बन रहे आश्रय स्थलों पर एक नजर
ग्राम तहसील एकड़ क्षमता
कल्यानपुरा ललितपुर 150 5000
दूधई डुगरिया पाली 55 4000
पुलवारा तालबेहट 34.48 1500
कारीपहाड़ी तालबेहट 61 3000
गिरार डगडगी मड़ावरा 26.50 3000
नाराहट अमझरा मड़ावरा 304 10000
निवारी पाली महरौनी 14.34 500
अमौरा महरौनी 18.11 600
दैलवारा में भेजे जा रहे गोवंश
दैलवारा में निर्मित आश्रय स्थल में गोवंश पहुंचाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में सड़क पर अन्ना जानवर नजर नहीं आएंगे।
मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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जिले में अन्ना गोवंश के संरक्षण के लिए आठ गोवंश आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। वहीं, नगर पालिका परिषद ने निकटवर्ती ग्राम दैलवारा में कान्हा पशु आश्रय स्थल का निर्माण कराया है। इसी तरह तालबेहट नगर पंचायत की ओर से तालबेहट में आश्रय स्थल निर्मित है। इनमें गोवंश पहुंचना प्रारंभ हो गया है। अधिशासी अधिकारी मधुसूदन जायसवाल ने बताया कि दैलवारा में साठ व तालबेहट में 300 चालीस गोवंश पहुंच चुके हैं।
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दैलवारा में करीब चार एकड़ भूमि पर करीब 3 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। इस धनराशि से भूमि पर दो शेड, गार्ड रूम, वेटनरी रूम व अस्पताल का निर्माण कराया गया है। इसमें करीब सात सौ से आठ सौ पशुओं को रखा जा सकता है। बता दें कि अन्ना जानवर जहां नगर की सड़कों पर विचरण करते हुए राहगीरों के लिए आफत बन चुके हैं।
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अन्ना जानवरों के हमले में कई लोग चुटहिल हो चुके हैं तो कुछ की मौत भी हो चुकी है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को फसल बचाना मुश्किल हो रहा है। पिछले दिनों प्रदेश के कई जिलों में अन्ना पशुओं को स्कूल, अस्पताल में बंद करने की घटनाएं हुई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दस जनवरी तक अन्ना गोवंश को आश्रय स्थलों में पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने नगर पालिका ललितपुर के ग्राम दैलवारा में बन रहे कान्हा गोवंश आश्रय स्थल में निराश्रित गोवंश के भेजने तथा उनके चारे व पानी की व्यवस्था के निर्देश अधिशाषी अधिकारी को दिए हैं। वहीं, तालबेहट में बने कान्हा गोवंश आश्रय स्थल में 10 जनवरी तक गोवंश संरक्षित करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में बन रहे आश्रय स्थलों पर एक नजर
ग्राम तहसील एकड़ क्षमता
कल्यानपुरा ललितपुर 150 5000
दूधई डुगरिया पाली 55 4000
पुलवारा तालबेहट 34.48 1500
कारीपहाड़ी तालबेहट 61 3000
गिरार डगडगी मड़ावरा 26.50 3000
नाराहट अमझरा मड़ावरा 304 10000
निवारी पाली महरौनी 14.34 500
अमौरा महरौनी 18.11 600
दैलवारा में भेजे जा रहे गोवंश
दैलवारा में निर्मित आश्रय स्थल में गोवंश पहुंचाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में सड़क पर अन्ना जानवर नजर नहीं आएंगे।
मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद