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Jhansi News: चौराहाें से फुटपाथ तक प्रतिबंधित पॉलिथीन में बिक रहा सामान
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झांसी। महानगर में चौराहों से लेकर फुटपाथ तक प्रतिबंधित पॉलिथीन में सामान बिक रहा है। नगर निगम प्रशासन आंखें मूंदे हुए है। ठेलों में फल से लेकर सब्जी तक प्रतिबंधित पॉलिथीन में ही दी जा रही है। खास बात ये है कि नगर निगम की बिल्डिंग के आसपास ही यह स्थिति है।
देश में 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग्स के निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री से लेकर उपयोग तक पूरी तरह प्रतिबंध है। मगर जिम्मेदारों के शिथिल रवैये से प्रतिबंध सिर्फ कागजों में ही दिखाई देता है। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिबंधित पॉलिथीन को लेकर पड़ताल की तो हर जगह खुलेआम इसमें सामान बिकता मिला। बीकेडी से ग्वालियर रोड में फल-सब्जी समेत अन्य खानपान के सामान लोग प्रतिबंधित पॉलिथीन में ही खरीदकर ले जाते दिखे तो बीकेडी से चित्रा चौराहा, चित्रा चौराहा से सीपरी बाजार में भी पटरी दुकानदार से लेकर ठेला विक्रेता तक प्रतिबंधित पॉलिथीन में ही सामान बेचते दिखे। विक्रेता इतने बेखौफ हैं कि नगर निगम के आसपास भी प्रतिबंधित पॉलिथीन में ही ग्राहकों को सामान दे रहे थे।
25,000 रुपये तक जुर्माने का है प्रावधान
प्रतिबंधित पॉलिथीन में सामान की बिक्री करते मिलने पर न्यूनतम एक हजार जुर्माना लगाने का प्रावधान है। वहीं, अधिकतम 25 हजार रुपये तक नगर निगम की टीम विक्रेता पर जुर्माना लगा सकती है।
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एक माह चला अभियान, सिर्फ एक लाख जुर्माना
प्रतिबंधित पॉलिथीन के लिए नगर निगम ने 15 जुलाई से 15 अगस्त तक अभियान चलाया था। तब निगम प्रशासन ने महानगर भर में कार्रवाई करने के बावजूद एक महीने में मात्र एक लाख रुपये जुर्माना वसूला था।
सेहत के लिए खतरनाक
मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन माहुर ने बताया पॉलिथिन से गर्म पदार्थ तेजी से रिएक्शन करता है, जो घातक होता है। इससे जानलेवा कैंसर होने की काफी आशंका होती है।
वर्जन..
प्रतिबंधित पॉलिथीन को लेकर अभियान चलाकर लगातार कार्रवाई की जाती है। जुर्माना से लेकर प्रतिबंधित पॉलिथीन को जब्त भी किया जाता है। इसके खिलाफ फिर अभियान चलाया जाएगा।
- राहुल कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त।
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देश में 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग्स के निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री से लेकर उपयोग तक पूरी तरह प्रतिबंध है। मगर जिम्मेदारों के शिथिल रवैये से प्रतिबंध सिर्फ कागजों में ही दिखाई देता है। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिबंधित पॉलिथीन को लेकर पड़ताल की तो हर जगह खुलेआम इसमें सामान बिकता मिला। बीकेडी से ग्वालियर रोड में फल-सब्जी समेत अन्य खानपान के सामान लोग प्रतिबंधित पॉलिथीन में ही खरीदकर ले जाते दिखे तो बीकेडी से चित्रा चौराहा, चित्रा चौराहा से सीपरी बाजार में भी पटरी दुकानदार से लेकर ठेला विक्रेता तक प्रतिबंधित पॉलिथीन में ही सामान बेचते दिखे। विक्रेता इतने बेखौफ हैं कि नगर निगम के आसपास भी प्रतिबंधित पॉलिथीन में ही ग्राहकों को सामान दे रहे थे।
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25,000 रुपये तक जुर्माने का है प्रावधान
प्रतिबंधित पॉलिथीन में सामान की बिक्री करते मिलने पर न्यूनतम एक हजार जुर्माना लगाने का प्रावधान है। वहीं, अधिकतम 25 हजार रुपये तक नगर निगम की टीम विक्रेता पर जुर्माना लगा सकती है।
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एक माह चला अभियान, सिर्फ एक लाख जुर्माना
प्रतिबंधित पॉलिथीन के लिए नगर निगम ने 15 जुलाई से 15 अगस्त तक अभियान चलाया था। तब निगम प्रशासन ने महानगर भर में कार्रवाई करने के बावजूद एक महीने में मात्र एक लाख रुपये जुर्माना वसूला था।
सेहत के लिए खतरनाक
मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन माहुर ने बताया पॉलिथिन से गर्म पदार्थ तेजी से रिएक्शन करता है, जो घातक होता है। इससे जानलेवा कैंसर होने की काफी आशंका होती है।
वर्जन..
प्रतिबंधित पॉलिथीन को लेकर अभियान चलाकर लगातार कार्रवाई की जाती है। जुर्माना से लेकर प्रतिबंधित पॉलिथीन को जब्त भी किया जाता है। इसके खिलाफ फिर अभियान चलाया जाएगा।
- राहुल कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त।