फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Give the government money for the 2017 elections..we are ready to take the polling parties again

2017 के इलेक्शन का पैसा तो दिला दो सरकार..हम दोबारा पोलिंग पार्टियां ले जाने को हैं तैयार

Sun, 23 Jan 2022 12:57 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jan 2022 12:57 AM IST
विज्ञापन
Give the government money for the 2017 elections..we are ready to take the polling parties again
झांसी। विधानसभा चुनाव 2022 के लिए परिवहन विभाग ने तकरीबन डेढ़ हजार बस स्वामियों को नोटिस भेजे हैं, लेकिन अभी तक पिछले चुनावों में लगी 450 निजी बसों का भुगतान भी नहीं हो पाया है। इसे लेकर बस स्वामी परेशान हैं। वहीं, निजी बस स्वामियों में इस बात को लेकर रोष भी है कि सरकारी बस चालकों की अपेक्षा उनके कर्मचारियों को तनख्वाह तो दूर, खाना तक नहीं मिला पाता है। उनका कहना है कि 2017 के इलेक्शन का पैसा मिल जाना चाहिए। हम दोबारा पोलिंग पार्टियां ले जाने को तैयार हैं।
विज्ञापन

वाहन मालिकों का कहना है कि लोकसभा चुनाव 2019, पंचायत चुनाव और उप चुनावों में लगे वाहनों का करोड़ों रुपयों का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। विभाग के बाबू इधर से उधर चक्कर कटवाते हैं, लेकिन भुगतान नहीं हो पाया। इतना ही नहीं भुगतान में असमानता बरती जाती है। रोडवेज बसों को जितना भुगतान मिलता है। निजी बसों का उतना भुगतान नहीं किया जाता है।
विज्ञापन

बस स्वामियों ने बताया कि पिछली ग्राम पंचायत में लगी 450 निजी बसों का अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। ड्राइवर और कंडक्टरों को कोई मानदेय नहीं मिलता, जबकि राज्य कर्मचारियों को अलग से खर्चा मिलता है। वाहन मालिकों की चिंता खत्म नहीं हुई थी कि फिर से अधिग्रहण के नोटिस पहुंचने लगे हैं। निजी बस स्वामियों का दो करोड़ 70 लाख रुपया बाकी पड़ा है। जिला बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन का कहना है कि दैनिक खर्च के अलावा ड्राइवर कंडक्टरों को न्यूनतम मजदूरी मिलनी चाहिए। जबकि पिछले चुनावों का भुगतान जल्द करना चाहिए। ऐसे चुनावों का क्या फायदा, जिसका भुगतान सालों तक लटका रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्राम पंचायत चुनावों का भुगतान अभी तक बाकी है, जबकि विधानसभा चुनावों को लेकर अधिग्रहण के नोटिस मिलने लगे हैं। पिछले चुनाव में लगे 450 वाहनों का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है।
- गौरी शंकर प्रभारी, जिला बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन, झांसी
मेरे पास 90 बसें हैं। अभी तक पिछले चुनाव में लगी बसों का भुगतान नहीं किया गया है। -अनूप यादव, अध्यक्ष जिला बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन
ड्राइवर और कंडक्टर की तनख्वाह नहीं होती है। चुनाव ड्यूटी में न्यूनतम मजदूरी मिलनी चाहिए। -मो. जावेद, महासचिव जिला बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed