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अब काम नहीं आएगी सेटिंग-गेटिंग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Sep 2016 12:30 AM IST
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police, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। रेंज के तीनों जिले (झांसी, ललितपुर व जालौन) से 11 इंस्पेक्टर का बोरिया बिस्तर बंधने जा रहा है। इनका जिला और झांसी रेंज से बाहर स्थानांतरण होगा। इन इंस्पेक्टरों की सूची तैयार हो चुकी है। डीआईजी कार्यालय से सूची शासन को भेजी जा रही है। चुनाव आयोग का निर्देश मिलते ही इनको रेंज से बाहर अथवा दूसरे जिले में भेज दिया जाएगा।
चुनाव आयोग की गाइड लाइन है कि वह इंस्पेक्टर हैं, जो चार साल से अथवा 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान जिलों में तैनात थे, उनका स्थानांतरण किया जाए। जो दारोगा एक सर्किल में तीन साल से तैनात हैं, उन्हें संबंधित विधानसभा क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया जाए। पुलिस सूत्र बताते हैं कि डीआईजी कार्यालय ने ऐसे 11 इंस्पेक्टरों की सूची तैयार की है, जिन्हें जिले अथवा रेंज से बाहर स्थानांतरित किया जाना है। चुनाव आयोग का निर्देश मिलते ही इनका बोरिया बिस्तर बंध जाएगा। झांसी जिले में दो इंस्पेक्टर तो ऐसे हैं जिन्हें बाहर रहना गवारा नहीं है।
करीब डेढ़ वर्ष पहले एक इंस्पेक्टर का उच्चाधिकारियों ने ललितपुर स्थानांतरण कर दिया था। अधिकारियों के दबाव के चलते वह ललितपुर गए, जहां राजनीतिक दबाव में पहुंचते ही थाने का चार्ज संभाला। कुछ समय के बाद उन्होंने राजनीतिक गोटियां बैठाईं और झांसी स्थानांतरण करवा लिया। एक इंस्पेक्टर ऐसे हैं, जो चुनाव आने से पहले ही सेटिंग करके लूप लाइन में चले गए हैं ताकि उनके ऊपर नजर नहीं पड़ सके।
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चुनाव आयोग का निर्देश मिलते ही भेजे जाएंगे
डीआईजी शरद सचान ने बताया कि 11 इंस्पेक्टरों की सूची बनाई गई है। इसमें झांसी से चार, जालौन से छह और ललितपुर से एक इंस्पेक्टर हैं। इनमें से कुछ को रेंज के बाहर और कुछ को जिले के बाहर स्थानांतरण किया जाना है। चुनाव आयोग का निर्देश मिलते ही सभी को रिलीव कर दिया जाएगा।
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चुनाव आयोग की गाइड लाइन है कि वह इंस्पेक्टर हैं, जो चार साल से अथवा 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान जिलों में तैनात थे, उनका स्थानांतरण किया जाए। जो दारोगा एक सर्किल में तीन साल से तैनात हैं, उन्हें संबंधित विधानसभा क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया जाए। पुलिस सूत्र बताते हैं कि डीआईजी कार्यालय ने ऐसे 11 इंस्पेक्टरों की सूची तैयार की है, जिन्हें जिले अथवा रेंज से बाहर स्थानांतरित किया जाना है। चुनाव आयोग का निर्देश मिलते ही इनका बोरिया बिस्तर बंध जाएगा। झांसी जिले में दो इंस्पेक्टर तो ऐसे हैं जिन्हें बाहर रहना गवारा नहीं है।
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करीब डेढ़ वर्ष पहले एक इंस्पेक्टर का उच्चाधिकारियों ने ललितपुर स्थानांतरण कर दिया था। अधिकारियों के दबाव के चलते वह ललितपुर गए, जहां राजनीतिक दबाव में पहुंचते ही थाने का चार्ज संभाला। कुछ समय के बाद उन्होंने राजनीतिक गोटियां बैठाईं और झांसी स्थानांतरण करवा लिया। एक इंस्पेक्टर ऐसे हैं, जो चुनाव आने से पहले ही सेटिंग करके लूप लाइन में चले गए हैं ताकि उनके ऊपर नजर नहीं पड़ सके।
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चुनाव आयोग का निर्देश मिलते ही भेजे जाएंगे
डीआईजी शरद सचान ने बताया कि 11 इंस्पेक्टरों की सूची बनाई गई है। इसमें झांसी से चार, जालौन से छह और ललितपुर से एक इंस्पेक्टर हैं। इनमें से कुछ को रेंज के बाहर और कुछ को जिले के बाहर स्थानांतरण किया जाना है। चुनाव आयोग का निर्देश मिलते ही सभी को रिलीव कर दिया जाएगा।