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Jhansi News: झांसी में गरबा उत्सव की धूम, भक्ति गीतों के बीच गूंज रही टकटक की आवाज

Thu, 10 Oct 2024 05:19 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Oct 2024 05:19 AM IST
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Garba festival in Jhansi, sound of Taktak echoing amidst devotional songs
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। इस नवरात्र झांसी में गरबा उत्सव की धूम है। लोगों की भीड़ भी खूब जमा हो रही है। खासतौर पर महिलाओं को यह आयोजन खूब भा रहे हैं। देर रात तक देवी भजनों की गूंज के बीच डांडिया के टकराने की टक-टक खूब सुनाई दे रही है।
गुजरात से शुरू होकर देश के महानगरों से होता हुआ गरबा उत्सव अब झांसी में भी धूम मचा रहा है। सामाजिक संस्थाओं की ओर से नवरात्र की शुरुआत के साथ ही यहां लगातार गरबा उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। बीते सात दिनों में यहां गरबा उत्सव के 16 आयोजन हो चुके हैं और यह क्रम नवरात्र की नवमी तक लगातार जारी रहने वाला है। गरबा उत्सव में शामिल होने के लिए लोगों को टिकट खरीदने पड़ते हैं। बावजूद, आयोजन में लोगों की खूब भीड़ जमा हो रही है। खासतौर पर महिलाओं को यह आयोजन खूब भा रहे हैं।
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पारंपरिक परिधानों में होते हैं शामिल
गरबा उत्सव में लोग पारंपरिक परिधानों में शामिल होते हैं। महिलाएं लहंगा-चुनरी तो पुरुष कुर्ता-पायजामे में नजर आ रहे हैं। उन्हें डांडिया स्टिक आयोजन स्थल पर आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराई जाती हैं। यहां तक कि बच्चे भी पारंपरिक परिधान पहनकर मस्ती करते नजर आते हैं।
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गरबा उत्सव पूरी तरह से धार्मिक आयोजन है। इसमें महिलाओं को मां की भक्ति के साथ-साथ उत्सव मनाने का भी मौका मिलता है। यही वजह है कि गरबा के प्रति लोगों का क्रेज भी लगातार बढ़ता जा रहा है। - कविता राय, साथी सामाजिक संस्था

गरबा उत्सव महिलाओं को उनके अंदर छिपी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मंच भी प्रदान करता है। आयोजनों में उन्हें सुरक्षित और पारिवारिक माहौल मिलता है। यही वजह है कि वे परिवार के साथ इसमें शामिल होती हैं। - पूजा शर्मा, आसरा सामाजिक संस्था

रामलीलाओं में भी बढ़े दर्शक
महानगर में दो स्थान सदर बाजार और बड़ाबाजार में रामलीला जारी हैं। सदर बाजार में यह आयोजन अपने 100 साल पूरे कर रहा है। जबकि, बड़ाबाजार में 60वीं बार रामलीला हो रही है। दोनों ही स्थानों पर देर रात तक दर्शकों का जमावड़ा बना रहता है। लोग भक्तिभाव के साथ रामलीला देखने पहुंचते हैं। हालांकि, बीच का दौर ऐसा भी आया था, जब रामलीलाओं में दर्शकों का टोटा हो गया था लेकिन, अब एक बार फिर दर्शक पहुंचने लगे हैं। दोनों जगहों पर देर रात तक भीड़ जमा रहती है।
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आयोजन स्थल पर सात सौ लोगों के बैठने का इंतजाम है। सभी कुर्सियां भरी रहती हैं। इसके अलावा, लोग खड़े होकर भी रामलीला का आनंद लेते हैं। हालांकि, बीच के दौर में रामलीला के दर्शकों की संख्या में कमी आई थी लेकिन, अब एक बार फिर दर्शक जमा होने लगे हैं। - विकास खत्री, सदर बाजार रामलीला कमेटी


रामलीला धार्मिक आयोजन होने के साथ-साथ देश की प्राचीन कला संस्कृति के संरक्षण का मंच भी है। हालांकि, जिस दौर में टीवी पर रामलीला का प्रसारण हुआ था, तब और उसके बाद के वर्षों में दर्शकों की संख्या में एकदम गिरावट आई थी, लेकिन अब बार फिर दर्शक वापस लौट आए हैं। - भरत राय, बड़ाबाजार रामलीला कमेटी
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