फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   For them, daughters are the sons, their goodness holds

इनके लिए तो बेटियां ही बेटे हैं, उनकी सलामती को रखती हैं व्रत

Thu, 28 Oct 2021 12:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 12:54 AM IST
विज्ञापन
For them, daughters are the sons, their goodness holds
झांसी। ओस की बूंद सी कही जाने वाली बेटियां सबको प्यारी होती हैं। महानगर में तमाम परिवार ऐसे हैं, जिनके लिए बेटियां बेटों से कम नहीं हैं। अपनी बेटियों को आगे बढ़ाने की बात हो या उनको मुसीबत से बचाने की, मां ने खुद को आगे कर बेटियों को सलामत किया। उनके लिए मां व्रत भी रखती हैं। महानगर में कई मां ऐसी हैं, जो बेटियों के कोरोना संक्रमित होने के बाद उनके साथ अस्पताल में क्वारंटीन रही। एक मां तो अपनी बेटी के साथ अस्पताल में रहकर महामारी को मात दी। आज अहोई अष्टमी है। इस दिन महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और सलामती के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन कई मां बेटियों के लिए व्रत रखेंगीं।
विज्ञापन

15 दिन अस्पताल में बिताए
महानगर के मिशन कंपाउंड निवासी राजेश अग्रवाल और डिंपल अग्रवाल की बेटी दीपाली अग्रवाल उनकी लाडली है। अप्रैल में दीपाली को कोरोना ने जकड़ा, तो माता-पिता की चिंता बढ़ गई। बेटी को रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। महामारी के दौर में जहां परिजनों को मरीज से दूर रखा जा रहा था, तो मां डिंपल आगे आकर खुद बेटी के साथ अस्पताल में रहीं। बेटी की स्थिति लगातार गिरती जा रही थी। बेटी के स्वास्थ्य की चिंता में प्रार्थना, व्रत और सेवा की। बेटी की हालत सुधरी तो घर लेकर आए। यहां भी देखभाल की और बेटी ने कोरोना को हराया। वे बताती हैं कि बेटी ही सब कुछ है। बेटी का स्वास्थ्य खराब हुआ था, तो चिंता बढ़ गई थी। मगर भगवान ने सब कुछ ठीक कर दिया।
विज्ञापन

बेटी के लिए अस्पताल में रही मां
महानगर के रायगंज निवासी पल्लवी सहारिया के लिए छह साल की बेटी अनन्या बेटे से कम नहीं है। पल्लवी बताती हैं कि बेटी को कोरोना हो गया। छोटी उम्र में बच्ची का अकेले क्वारंटीन रहना संभव नहीं था। अस्पताल मेें भर्ती कराया, तो डाक्टर मुझे साथ रखने को तैयार नहीं थे। काफी समझाने के बाद वे माने, तो बेटी के साथ अस्पताल और घर में क्वारंटीन रही। उसकी पूरी देखभाल की। उसके लिए हर साल व्रत भी रखती हूं। मेरे लिए बेटी सब कुछ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खुद को भी कर लिया क्वारंटीन
महानगर के टंडन रोड निवासी नीलम शुक्ला ने बेटी तान्या के लिए महामारी को मात दी। उनकी बेटी को भी कोरोना संक्रमण हुआ। संक्रमण के दौर में बेटी का स्वास्थ्य गिरता जा रहा था। बेटी के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए उन्होंने खुद को भी 14 दिन क्वारंटीन कर लिया। इस बीच खुद भी कोरोना पॉजिटिव हो र्गईं, लेकिन हौसला बनाए रखकर महामारी को हराया। वे कहती हैं कि बेटी-बेटे में कोई अंतर नहीं है। बेटी उन्हें बहुत प्यारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed