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Jhansi News: पढ़ाई नहीं करने पर पिता ने थप्पड़ मारा, इकलौते बेटे ने फंदा लगाकर दी जान
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झांसी। बड़ागांव थानांतर्गत गांव मबईगिर्द में पढ़ाई नहीं करने पर पिता ने 10वीं में पढ़ रहे इकलौते पुत्र को थप्पड़ मार दिया। इससे पुत्र इतना आहत हुआ कि माता-पिता के काम पर जाते ही फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इससे घर में कोहराम मचा हुआ है।
गांव मबईगिर्द निवासी जगमोहन अहिरवार का इकलौता पुत्र ध्रुव अहिरवार (16) 10वीं कक्षा का छात्र था। इस समय उसकी अर्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही थीं। दो बेटियों के बाद ध्रुव बड़ी मन्नत से हुआ था। इसकी वजह से परिवार की आंखों का तारा बना हुआ था। परिजनों ने बताया कि ध्रुव कुछ दिनों से पढ़ाई नहीं कर रहा था। दोस्तों के साथ मौका लगते ही घूमने चला जाता था।
जगमोहन ने पढ़ाई नहीं करने पर बृहस्पतिवार को ध्रुव को डांटते हुए थप्पड़ मार दिया। इससे वह काफी आहत हुआ, मगर उसने इजहार नहीं होने दिया। कुछ देर के बाद जगमोहन रोजाना की तरह ई-रिक्शा लेकर चला गया। मां काम पर और दोनों बेटियां कन्या भोज करने चली गईं। इस बीच ध्रुव ने कमरे में गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद जब दोनों बेटियां कन्या भोज से लौटकर आईं तो भाई को फंदे पर लटका देख चीख पड़ीं।
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बहनों की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता जगमोहन ने बताया कि ध्रुव अहिरवार 10वीं में पढ़ता था। इस समय अर्धवार्षिक परीक्षा चल रही थी, मगर कुछ दिन से वह पढ़ नहीं रहा था। वह अपने दोस्तों के साथ घूमने चला जाता था। उसने समझाते हुए उसके थप्पड़ मारा था। उसे नहीं पता था कि बेटा अपनी जान दे देगा।
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गांव मबईगिर्द निवासी जगमोहन अहिरवार का इकलौता पुत्र ध्रुव अहिरवार (16) 10वीं कक्षा का छात्र था। इस समय उसकी अर्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही थीं। दो बेटियों के बाद ध्रुव बड़ी मन्नत से हुआ था। इसकी वजह से परिवार की आंखों का तारा बना हुआ था। परिजनों ने बताया कि ध्रुव कुछ दिनों से पढ़ाई नहीं कर रहा था। दोस्तों के साथ मौका लगते ही घूमने चला जाता था।
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जगमोहन ने पढ़ाई नहीं करने पर बृहस्पतिवार को ध्रुव को डांटते हुए थप्पड़ मार दिया। इससे वह काफी आहत हुआ, मगर उसने इजहार नहीं होने दिया। कुछ देर के बाद जगमोहन रोजाना की तरह ई-रिक्शा लेकर चला गया। मां काम पर और दोनों बेटियां कन्या भोज करने चली गईं। इस बीच ध्रुव ने कमरे में गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद जब दोनों बेटियां कन्या भोज से लौटकर आईं तो भाई को फंदे पर लटका देख चीख पड़ीं।
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बहनों की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता जगमोहन ने बताया कि ध्रुव अहिरवार 10वीं में पढ़ता था। इस समय अर्धवार्षिक परीक्षा चल रही थी, मगर कुछ दिन से वह पढ़ नहीं रहा था। वह अपने दोस्तों के साथ घूमने चला जाता था। उसने समझाते हुए उसके थप्पड़ मारा था। उसे नहीं पता था कि बेटा अपनी जान दे देगा।