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पिता ने ही की थी बेटी की हत्या, सौतेली मां के साथ बुना था घटना का तानाबाना

Mon, 30 Aug 2021 12:44 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 30 Aug 2021 12:44 AM IST
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father killed daughter, arrested
father killed daughter, arrested - फोटो : DEHAT
पिता ने ही की थी बेटी की हत्या, सौतेली मां के साथ बुना था घटना का तानाबाना
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झांसी। गुरसराय थाना इलाके में चार दिन पहले हुई 13 वर्षीय बालिका की हत्या का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश कर दिया। बेटी की हत्या उसके पिता ने ही की थी। सौतेली मां के साथ मिलकर उसने घटना का तानाबाना बुना था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गुरसराय के मोहल्ला कटरा बाजार पीएनबी बैंक के पास निवासी बीड़ी कारोबारी अमित कुमार शुक्ला की बेटी खुशी (13) का शव बुधवार को घर में पड़ा पाया गया था। पिता ने पुलिस को बताया था कि वह कारोबार के सिलसिले से मऊरानीपुर गया हुआ था। घर में पुत्री अकेली थी। शाम को जब लौटा तो पुत्री घर में पड़ी मिली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी थी। शुरुआत से ही पुलिस के रडार पर पिता और मृतका की सौतेली मां आकांक्षा शुक्ला थी। सुबूत सामने आते ही पुलिस ने मृतका के पिता पर हाथ डाल दिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर वो टूट गया।
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रविवार को घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी शिवहरि मीणा ने बताया कि अमित कुमार शुक्ला ने पहली पत्नी की मौत के बाद आकांक्षा शुक्ला से 2018 में दूसरी शादी की थी। आकांक्षा भी पहले से ही एक बेटी की मां थी। लेकिन, खुशी को लेकर आए दिन अमित और आकांक्षा में झगड़ा होता रहता था। आकांक्षा सौतेली बेटी को प्रताड़ित करती थी। आकांक्षा पति से कहती थी कि घर में या तो खुशी रहेगी या वो। आकांक्षा के उकसाने पर अमित ने बेटी की हत्या का षड़यंत्र रचा। रक्षाबंधन पर पत्नी को मायके भेजकर बेटी की घर में हत्या कर दी। खुद को निर्दोष साबित करने के लिए मऊरानीपुर चला गया। शाम को वापस आने पर घटना की जानकारी रिश्तेदारों को दी और बेटी को इलाज के लिए अस्पताल ले गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। एसएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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दृश्यम फिल्म देखकर लिखी वारदात की पटकथा
झांसी। अमित कुमार शुक्ला कई दिन पहले अपनी बेटी खुशी की हत्या का मन बना चुका था। लेकिन, वो चाहता था कि इसका आरोप उसके ऊपर न आए। घटना को सफाई से अंजाम देने के लिए उसने कई बार अजय देवगन की फिल्म दृश्यम देखी। इसके बाद उसने घटना का प्लान तैयार कर डाला। पहले रक्षाबंधन के बहाने पत्नी आकांक्षा को मायके जालौन भेजा। घटना वाले दिन घर में अमित और उसकी बेटी खुशी अकेली थी। अमित ने सुबह बेटी की हत्या की और उसके बाद कारोबार के सिलसिले से सामान्य तौर पर मऊरानीपुर चला गया। मऊरानीपुर में उसने अपनी मौजूदगी के तमाम सुबूत इकट्ठे किए। सीसीटीवी कैमरों के सामने से गुजरा और बीड़ी व्यवसाय से संबंधित कई लोगों से मिला। बिल वाउचर पर उन लोगों के हस्ताक्षर भी लिए। शाम को घर लौटकर बेटी को घर में पड़ा देखकर रोना-पीटना शुरू कर दिया। रिश्तेदारों को फोन कर सूचना दी। लेकिन, पुलिस की निगाह में वो शुरू से ही चढ़ चुका था। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में उसने अपने निर्दोष होने के कई सुबूत पेश किए। लेकिन, कड़ाई से पूछताछ करने पर वो टूट गया और सच उगल दिया।
छाती पर चढ़कर घोंटा था बेटी का गला
झांसी। अमित कुमार शुक्ला ने अपनी बेटी खुशी की बड़ी ही बेरहमी से हत्या की थी। कलयुगी बाप ने बेटी की छाती पर बैठकर उसका गला घोंटा था, जिससे मृतका की कई पसलियां भी टूट गई थीं। हालांकि, बेटी ने भी जान बचाने की तमाम कोशिशें की थीं। पिता से गुहार भी लगाई थी और रिश्ते का वास्ता भी दिया था। लेकिन, पिता के सिर पर खून सवार था और उसकी जान लेकर ही वो माना।
मां की मौत के बाद मामा के यहां रहने लगी थी खुशी
झांसी। अमित कुमार शुक्ला की पहली शादी नीलू शुक्ला के साथ 2003 में हुई थी। 2009 में उन्होंने बेटी को जन्म दिया था। शादी के सात साल बाद घर में बच्चा आने पर पूरे परिवार में खुशियां फैल गईं थीं। लेकिन, 2012 में कैंसर से नीलू की मौत हो गई। मां की मौत के बाद से खुशी अपने मामा के यहां रहने लगी थी। 2018 में अमित ने दूसरी शादी विधवा आकांक्षा से की थी। आकांक्षा पहले से ही एक बेटी की मां थी। उसके पहले पति मयंक द्विवेदी की चार साल पहले मौत हो चुकी थी।
पुलिस को सूचना दिए बगैर अंतिम संस्कार की थी तैयारी
झांसी। अमित ने बेटी की मौत की जानकारी अपने रिश्तेदारों को दी, लेकिन पुलिस को कोई सूचना नहीं दी। वो रिश्तेदारों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार करना चाहता था। लेकिन, रिश्तेदारों के कहने पर उसे न चाहते हुए भी बेटी को अस्पताल ले जाना पड़ा। अस्पताल के मेमो के जरिये पुलिस को जानकारी मिली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।

अमर उजाला ने पहले ही कर दिया था इशारा
झांसी। अमर उजाला शुरुआत से ही घटना को पीछे करीबियों का हाथ मानकर चल रहा था। 27 अगस्त के अंक में प्रकाशित खबर ‘किशोरी की हत्या में करीबी का हाथ’ जरिये इसका सीधा इशारा भी कर दिया गया था। अमर उजाला का संदेह एकदम सही साबित हुआ और पिता ही बेटी का कातिल निकला।
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