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ललितपुर में तेजी से बढ़ रहा भालुओं का कुनबा

Wed, 18 Aug 2021 01:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 18 Aug 2021 01:30 AM IST
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Fast growing clan of bears in Lalitpur
भालू
झांसी। ललितपुर के मड़ावरा रेंज स्थित रीछना पहाड़ी के इर्द-गिर्द भालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सात साल के भीतर ही यहां भालुओं के कुनबे की संख्या दस से बढ़कर 178 हो गई है।
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ललितपुर जिले के तालबेहट, माताटीला, ललितपुर, बार, गौना, महरौनी व मड़ावरा सहित कुल आठ रेंज हैं। जिसमें 74023.860 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन क्षेत्र फैला है। इसमें मड़ावरा रेंज स्थित रीछना पहाड़ी के आसपास का इलाका भालुओं के लिए काफी उपयुक्त माना जा रहा है। जिसके चलते भालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
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विभागीय गणना के अनुसार वर्ष 2013 में कुल 10 भालू थे, लेकिन वर्ष 2016 की गिनती में भालुओं की संख्या बढ़कर शतक पर पहुंच गई जबकि वन विभाग द्वारा वर्ष 2019 में कराई गई गिनती में भालू बढ़कर 178 हो गए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार रीछना पहाड़ी के आसपास का वातावरण भालुओं के लिए काफी अनुकूल है। घना वन क्षेत्र होेने के कारण लोगों का पहुंचना भी आसान नहीं होता है। इस इलाके से निकली धसान नदी भालुओं के पानी पीने का बेहतरीन साधन है। भालुओं का पसंदीदा भोजन शहद और महुआ है। इस क्षेत्र में महुआ के पेड़ों की संख्या भी काफी होने से यह जगह भालुओं को रास आ रही है।
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मड़ावरा रेंज स्थित रीछना पहाड़ी के इर्द-गिर्द उपयुक्त वातावरण होने के कारण भालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
पीपी सिंह, मुख्य वन संरक्षक
अपने शावकों की सुरक्षा के लिए हमला कर देती है मादा भालू
ललितपुर/मड़ावरा। बारिश के बाद मड़ावरा वन क्षेत्र के सकरा और लखंजर का घना जंगल जानवरों के विचरण के लिए और भी बेहतर हो गया है।
मड़ावरा के जंगलों में नीलगाय, सांभर, छिकरा, लकड़बग्घा, तेंदुआ एवं भालू जैसे जंगली जानवर पाए जाते हैं। यहां मादा भालू अपने शावकों की सुरक्षा के लिए सामने वाले पर हमला भी कर देती है। इसमें कई घायल भी हुए हैं। मध्यप्रदेश की सीमा से सटे वनगुवां एवं सकरा वनबीट में भालू बहुतायत में पाए जाते हैं, जो कई बार जंगल में चरवाहों पर हमला भी कर देते हैं। 18 अगस्त 2019 को सकरा वन बीट के नारा भरका के नजदीक एक मादा भालू जो अपने साथ शावक भी लिए थी उसने मुन्ना यादव पर हमला बोल दिया था। वह अपने मवेशियों को लेकर सकरा वनवीट से लौट रहा था। वहीं दूसरे मामले में ग्राम सकरा निवासी बलु सहरिया डमनझिरी जंगल के नजदीक स्थित साठिया हार में अपने खेत पर उड़द की फसल की रखवाली कर रहा था। तभी उसके खेत में गाय घुस गई। वह अपने हाथ में छाता लेकर उसे भगाने जंगल की तरह भागा जहां पहले से बैठी मादा भालू ने उस पर हमला कर दिया। बताया जाता है कि मादा भालू अपने शावकों की सुरक्षा के लिए हमला कर देती है।। मड़ावरा के क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहम्मद इफ़्तिख़ार खान बताते हैं कि जंगल में गश्त के दौरान कभी-कभार भालू, सांभर, चिंकारा जैसे जानवरों से सामना हो जाता है। ललितपुर जनपद में मड़ावरा क्षेत्र का घना मिश्रित जंगल वन्य जीवों के रहवास के लिए काफी अच्छा है। जंगलों में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए वन विभाग की टीमों द्वारा प्रयास जारी हैं।
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