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बीमा पोर्टल में अपलोड नहीं हुआ किसानों का ब्योरा
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farmers record not uploaded in insurence portal
बीमा पोर्टल में अपलोड नहीं हुआ किसानों का ब्योरा
झांसी। भारी बारिश की वजह से खरीफ की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है। राहत पाने के लिए किसानों की पूरी उम्मीद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर टिकी हुई, लेकिन इसमें भी जमकर लापरवाही बरती जा रही। बीमा योजना के तहत मुआवजा पाने वाले किसानों के दस्तावेज केंद्रीय फसल बीमा पोर्टल पर अपलोड करने होते हैं, लेकिन अभी तक यह सूची अपलोड नहीं हो सकी है। पोर्टल कल तक ही खुला रहेगा। इस दौरान करीब 1.90 लाख किसानों के नाम, खाता संख्या एवं आधार नंबर को अलग-अलग पोर्टल में अपलोड करना होगा। आखिरी दिन होने के नाते कृषि अधिकारियों के बीच अब खलबली है।
अत्यधिक बारिश होने की वजह से इस बार रबी की फसल पूरी तरह खराब हो गई है। किसानों से जुलाई में प्रीमियम भी जमा करा लिए गए, लेकिन अभी तक किसानों के ब्योरे केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए हैं। केंद्रीय पोर्टल 31 अक्तूबर तक ही खुला रहेगा। इसी बीच किसानों का पूरा ब्योरा इनमें अपलोड करना होगा। इनमें किसानों के नाम-पते के साथ खतौनी की कॉपी, बैंक खाता संख्या एवं आधार नंबर भी दर्ज कराना होगा। झांसी में इस बार करीब 1.90 लाख किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपना पंजीकरण कराया है जबकि 2.25 लाख केसीसी धारक किसान हैं। ऐसे में 31 अक्तूबर तक इन किसानों का ब्यौरा अपलोड न होने पर किसानों को मुआवजा दे पाने में मुश्किल होगी। इन किसानों के डेटा अंतिम तौर पर सर्वर में अपलोड करने के बाद ही मुआवजा दिए जाने की कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी। कृषि अधिकारियों ने दिसंबर के आखिरी माह तक ही मुआवजा वितरित हो सकने की उम्मीद जताई है।
आज बैंक शाखाओं में पहुंचकर किसान कराएं मिलान
डेटा फीडिंग की आखिरी तिथि होने के नाते जिन किसानों के आधार कार्ड एवं खाता संख्या मिस मैच हो गई वे गुरुवार को अपनी बैंक शाखा पहुंचकर गड़बड़ी ठीक करा सकते हैं। ऐसे किसानों के लिए यह आखिरी मौका होगा। उपनिदेशक कृषि कमल कटियार के मुताबिक अपने आधार कार्ड की छायाप्रति बैंकों में ले जाकर जमा कराना होगा। उनका कहना है कि किसान सम्मान निधि की तीसरी किश्त हासिल कर लेने वाले किसानों को यह कवायद करने की आवश्यकता नहीं है।
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झांसी। भारी बारिश की वजह से खरीफ की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है। राहत पाने के लिए किसानों की पूरी उम्मीद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर टिकी हुई, लेकिन इसमें भी जमकर लापरवाही बरती जा रही। बीमा योजना के तहत मुआवजा पाने वाले किसानों के दस्तावेज केंद्रीय फसल बीमा पोर्टल पर अपलोड करने होते हैं, लेकिन अभी तक यह सूची अपलोड नहीं हो सकी है। पोर्टल कल तक ही खुला रहेगा। इस दौरान करीब 1.90 लाख किसानों के नाम, खाता संख्या एवं आधार नंबर को अलग-अलग पोर्टल में अपलोड करना होगा। आखिरी दिन होने के नाते कृषि अधिकारियों के बीच अब खलबली है।
अत्यधिक बारिश होने की वजह से इस बार रबी की फसल पूरी तरह खराब हो गई है। किसानों से जुलाई में प्रीमियम भी जमा करा लिए गए, लेकिन अभी तक किसानों के ब्योरे केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए हैं। केंद्रीय पोर्टल 31 अक्तूबर तक ही खुला रहेगा। इसी बीच किसानों का पूरा ब्योरा इनमें अपलोड करना होगा। इनमें किसानों के नाम-पते के साथ खतौनी की कॉपी, बैंक खाता संख्या एवं आधार नंबर भी दर्ज कराना होगा। झांसी में इस बार करीब 1.90 लाख किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपना पंजीकरण कराया है जबकि 2.25 लाख केसीसी धारक किसान हैं। ऐसे में 31 अक्तूबर तक इन किसानों का ब्यौरा अपलोड न होने पर किसानों को मुआवजा दे पाने में मुश्किल होगी। इन किसानों के डेटा अंतिम तौर पर सर्वर में अपलोड करने के बाद ही मुआवजा दिए जाने की कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी। कृषि अधिकारियों ने दिसंबर के आखिरी माह तक ही मुआवजा वितरित हो सकने की उम्मीद जताई है।
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आज बैंक शाखाओं में पहुंचकर किसान कराएं मिलान
डेटा फीडिंग की आखिरी तिथि होने के नाते जिन किसानों के आधार कार्ड एवं खाता संख्या मिस मैच हो गई वे गुरुवार को अपनी बैंक शाखा पहुंचकर गड़बड़ी ठीक करा सकते हैं। ऐसे किसानों के लिए यह आखिरी मौका होगा। उपनिदेशक कृषि कमल कटियार के मुताबिक अपने आधार कार्ड की छायाप्रति बैंकों में ले जाकर जमा कराना होगा। उनका कहना है कि किसान सम्मान निधि की तीसरी किश्त हासिल कर लेने वाले किसानों को यह कवायद करने की आवश्यकता नहीं है।
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