{"_id":"6acaa800a9ca77e74200ec56","slug":"farmers-outraged-over-disparity-in-paddy-prices-stage-road-blockade-jhansi-news-c-167-1-sjhs1005-103763-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: धान के दामों में अंतर पर भड़के किसान, लगाया जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: धान के दामों में अंतर पर भड़के किसान, लगाया जाम
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चिरगांव। गल्ला मंडी में धान के दामों में अंतर को लेकर शनिवार को किसानों ने हंगामा कर दिया। नाराज किसानों ने ट्रैक्टर खड़े कर मंडी गेट पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद मंडी सचिव ने व्यापारियों से बातचीत कर धान की डाक शुरू कराई। इस दौरान करीब दो घंटे तक हंगामा होता रहा।
किसान शैलेंद्र राजपूत ने बताया कि किसान 20 से 50 किलोमीटर दूर से धान बेचने मंडी आए थे। कई किसान एक दिन पहले ही मंडी पहुंच गए थे और उन्हें रात में रुकना पड़ा। किसानों का कहना था कि पहले जिस धान के दाम चार हजार रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहे थे, उसके भाव सुबह तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल बताए जाने लगे। दामों में अंतर देखकर किसान नाराज हो गए और मंडी गेट पर जाम लगा दिया।
बाद में मंडी सचिव के हस्तक्षेप से डाक शुरू हुई। किसानों के मुताबिक, धान की बोली करीब 3400 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास लगी। इसके बाद मामला शांत हुआ।
वहीं, चिरगांव निवासी गोविंददास राजपूत और धर्मेंद्र कुशवाहा ने तुलाई के नाम पर किसानों से रुपये लेने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि धर्मकांटा सरकारी होने के बावजूद तुलाई के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं। किसानों ने भुगतान में दो प्रतिशत कटौती किए जाने और करीब 15 दिन बाद भुगतान मिलने की भी शिकायत की।
विज्ञापन
मंडी सचिव धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याओं का निराकरण कराया जाएगा। उन्हें मंडी सचिव का कार्यभार संभाले अभी 15 दिन ही हुए हैं।
विज्ञापन
चिरगांव। गल्ला मंडी में धान के दामों में अंतर को लेकर शनिवार को किसानों ने हंगामा कर दिया। नाराज किसानों ने ट्रैक्टर खड़े कर मंडी गेट पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद मंडी सचिव ने व्यापारियों से बातचीत कर धान की डाक शुरू कराई। इस दौरान करीब दो घंटे तक हंगामा होता रहा।
किसान शैलेंद्र राजपूत ने बताया कि किसान 20 से 50 किलोमीटर दूर से धान बेचने मंडी आए थे। कई किसान एक दिन पहले ही मंडी पहुंच गए थे और उन्हें रात में रुकना पड़ा। किसानों का कहना था कि पहले जिस धान के दाम चार हजार रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहे थे, उसके भाव सुबह तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल बताए जाने लगे। दामों में अंतर देखकर किसान नाराज हो गए और मंडी गेट पर जाम लगा दिया।
विज्ञापन
बाद में मंडी सचिव के हस्तक्षेप से डाक शुरू हुई। किसानों के मुताबिक, धान की बोली करीब 3400 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास लगी। इसके बाद मामला शांत हुआ।
वहीं, चिरगांव निवासी गोविंददास राजपूत और धर्मेंद्र कुशवाहा ने तुलाई के नाम पर किसानों से रुपये लेने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि धर्मकांटा सरकारी होने के बावजूद तुलाई के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं। किसानों ने भुगतान में दो प्रतिशत कटौती किए जाने और करीब 15 दिन बाद भुगतान मिलने की भी शिकायत की।
विज्ञापन
मंडी सचिव धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याओं का निराकरण कराया जाएगा। उन्हें मंडी सचिव का कार्यभार संभाले अभी 15 दिन ही हुए हैं।