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गरीबी और कर्ज के बोझ ने ले ली कूरे की जान, सात बेटियों का था पिता और पांच बहनों का इकलौता भाई
Sun, 21 Jun 2020 09:25 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ललितपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ललितपुर
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 21 Jun 2020 09:25 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
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गरीबी और कर्ज के दलदल में फंसे थाना जखौरा इलाके के एक किसान ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली। मृतक की सात बेटियां हैं, जबकि वह पांच बहनों का इकलौता भाई था। महज डेढ़ बीघा जमीन के भरोसे वह किसी तरह परिवार की गुजर-बसर कर रहा था। घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। परिवार की हालत देख क्षेत्र के लोग भी गमगीन हैं।
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जखौरा कस्बा निवासी रज्जू अहिरवार के पुत्र कूरे (40) ने रविवार की दोपहर तकरीबन दो बजे विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। पत्नी और बच्चों की चीख-पुकार को सुन आसपास के ग्रामीण वहां पहुंच गए और आनन-फानन में कूरे को जखौरा के अस्पताल में लेकर भागे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान किसान ने दम तोड़ दिया।
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मृतक के जीजा दयाराम ने बताया कि मृतक पांच बहनों में अकेला भाई था। बहनों की शादी हो चुकी है। मृतक की सात बेटियां भी हैं। किसान क्रेडिट कार्ड का उस पर ढाई लाख रुपये का कर्ज था। कर्ज को लेकर वह हमेशा परेशान रहता था। इसके अलावा हाथ में सिर्फ डेढ़ बीघा जमीन थी, जिससे परिवार की गुजर-बसर मुश्किल हो रही थी। इन्हीं सभी चिंताओं और गरीबी के चलते कूरे ने जान दे दी।
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एक ही बेटी की कर पाया था शादी
मृतक किसान की सात बेटियां हैं, लेकिन वह इनमें से सबसे बड़ी बेटी के ही हाथ पीले कर पाया था। उसे अन्य बेटियों की शादी की भी चिंता रहती थी, परंतु इसके लिए उसके पास पैसे नहीं थे। किसान की मौत के बाद उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।