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किसानों को अब नकद से नहीं मिलेगी खाद

Tue, 07 Jul 2020 01:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2020 01:12 AM IST
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Farmer fertilizer not will be find in hardly
झांसी। किसान खाद अब नगद पैसा देकर नहीं खरीद सकेंगे। खाद खरीदने के लिए उनको ऑनलाइन भुगतान करना होगा। कुछ खाद दुकानों पर पीएसयू मशीनें भी लगाई जाएंगी लेकिन, उनको एटीएम कॉर्ड वहां लेकर जाना अनिवार्य होगा।
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पिछली रबी सीजन में खाद की जमकर कालाबाजारी हुई थी। मप्र का कोटा कम हो जाने की वजह से यूपी की खाद ऊंची कीमत पर वहां खपाई गई। खाद की यह कालाबाजारी तमाम जगहों पर होती है लेकिन, इसे रोकना प्रशासन के वश में नहीं रह गया। तमाम जगहों से मिली ऐसी शिकायतों को देखते हुए अब सरकार ने खाद की नकद बिक्री पर ही रोक लगा दी हालांकि अफसरों का कहना है कि कोरोना काल को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा लेकिन, जानकारों का कहना है कालाबाजारी रोकने के लिए यह व्यवस्था प्रयोग के तौर पर अजामाई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी केके सिंह के मुताबिक सभी उर्वरक केंद्रों को ऑनलाइन पेंमेट ही स्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। कोई किसान केंद्र पर आकर भुगतान करना चाहता है तब वहां पीएसयू मशीन की व्यवस्था रहेगी। किसान अपने एटीएम कॉर्ड के जरिए ऑनलाइन भुगतान उसके माध्यम से कर सकेगा।
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किसानों के संग बढ़ेगा धोखाधड़ी का खतरा
ऑनलाइन भुगतान आंरभ होने के साथ किसानों पर धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ जाएगा। ग्रामीण इलाकों में अभी भी ज्यादातर किसान एटीएम का प्रयोग सहजता के साथ नहीं कर पाते हैं। ऐसे में भुगतान के लिए उनको किसी न किसी की मदद लेनी होगी, जो खतरनाक साबित हो सकता है। इसी तरह झांसी के तमाम ग्रामीण इलाकों में अभी इंटरनेट सेवा भी अच्छी नहीं है ऐसे में किसानों को इस वजह से भी मुसीबत उठानी पड़ेगी।
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बुवाई आरंभ, खाद के गोदाम खाली
खरीफ की नर्सरी समेत बुवाई आरंभ हो चुकी है लेकिन, कृषि विभाग की तैयारियां अभी भी अधूरी है। खरीफ सीजन आरंभ होने पर कुल करीब 2823 मैट्रिक टन यूरिया, 2693 मैट्रिक टन डीएपी, 127 मैट्रिक टन म्यूरेट ऑफ पोटॉश एवं 1500 मैट्रिक टन एसएसपी की जरूरत होती है लेकिन, इसकी आधी मात्रा भी यहां नहीं आई है। इसको लेकर किसानों में चिंता है। जिला कृषि अधिकारी कमलेश सिंह के मुताबिक खरीफ में खाद की आवश्यकता कम होती है। किसानों की जरूरत के मुताबिक व्यवस्था की गई है।
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