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किसान परिवार का सहारा बनी बीमा योजना
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Tue, 31 Oct 2017 12:20 AM IST
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- फोटो : demo pic
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मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना दुर्घटना में बेमौत मर रहे किसानों के परिवारों का सहारा बन रही है। यदि किसान की दुर्घटना में मृत्यु होती है तो उसके परिजनों को पांच लाख रुपये का बीमा क्लेम का लाभ दिया जा रहा है। जिले में अब तक 5,610 किसान परिवारों को लाभ मिल चुका है।
योजना की खास बात यह है कि इसमें किसान का बीमा होता है तो उसे कोई प्रीमियम (बीमा का पैसा) नहीं देना पड़ता है। यदि बीमित परिवार के मुखिया किसान की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो उसके परिजनों को पांच लाख रुपये का बीमा क्लेम दिया जाता है। लेकिन, इसके लिए दुर्घटना में मृत किसान का पोस्टमार्टम कराना होता है और उसी रिपोर्ट के आधार पर बीमा क्लेम बनता है। जिले में दैवीय आपदा/ दुघर्टना से 14,180 किसानों की मौत हुई है। सर्वे कराने के बाद 5,610 किसान परिवारों को बीमा का लाभ दे दिया गया है।
जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी किसान (राजस्व अभिलेखों और खतौनी में दर्ज खातेदार व सहखातेदार) जिनकी वार्षिक आय 75 हजार रुपये से कम है, चाहे वह किसी भी व्यवसाय में हों, वे योजना का लाभ ले सकते हैं। योजना 18 से 70 वर्ष आयु के मध्य के किसान पर लागू होगी।
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योजना की खास बात यह है कि इसमें किसान का बीमा होता है तो उसे कोई प्रीमियम (बीमा का पैसा) नहीं देना पड़ता है। यदि बीमित परिवार के मुखिया किसान की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो उसके परिजनों को पांच लाख रुपये का बीमा क्लेम दिया जाता है। लेकिन, इसके लिए दुर्घटना में मृत किसान का पोस्टमार्टम कराना होता है और उसी रिपोर्ट के आधार पर बीमा क्लेम बनता है। जिले में दैवीय आपदा/ दुघर्टना से 14,180 किसानों की मौत हुई है। सर्वे कराने के बाद 5,610 किसान परिवारों को बीमा का लाभ दे दिया गया है।
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जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी किसान (राजस्व अभिलेखों और खतौनी में दर्ज खातेदार व सहखातेदार) जिनकी वार्षिक आय 75 हजार रुपये से कम है, चाहे वह किसी भी व्यवसाय में हों, वे योजना का लाभ ले सकते हैं। योजना 18 से 70 वर्ष आयु के मध्य के किसान पर लागू होगी।
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