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किसान चाहे कुछ भी कहें, प्रशासन ने नहीं माना नुकसान
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झांसी। जिले में रबी की खड़ी फसल पर मंगलवार को बारिश के साथ ओले गिरे। इसके अलावा आंधी से भी फसलों को नुकसान पहुंचा। बावजूद, राजस्व विभाग की रिपोर्ट में क्षति नहीं पाई गई है। कहीं-कहीं मामूली नुकसान ही बताया गया है। फसलों को तैंतीस फीसदी से अधिक नुकसान पर ही किसानों को मुआवजा देने का प्रावधान है।
मंगलवार को मौसम का रुख अचानक बदल गया था। दोपहर में तकरीबन एक बजे घने बादल छा गए थे और तेज आंधी के साथ बारिश होने लगी थी। ग्रामीण इलाकों में कहीं - कहीं ओले भी गिरे थे। इससे कई स्थानों पर गेहूं, सरसों, चना व मटर की फसल को नुकसान पहुंचा था। जिले की पांचों तहसीलों को नुकसान के आकलन निर्देश दिए गए थे। जिम्मेदारी लेखपालों को सौंपी गई थी। सभी तहसीलों से जिला स्तर पर रिपोर्ट भेज दी गई है। कहीं - कहीं 10-15 फीसदी का नुकसान बताया गया है। जबकि, 33 फीसदी से अधिक नुकसान पर ही किसानों को मुआवजा देने का प्रावधान है। वहीं, किसान प्रशासन की इस रिपोर्ट से इत्तेफाक नहीं रखते। उनका कहना है कि मऊरानीपुर तहसील के पठा, ढकरवारा, खखौरा, भानपुरा, कुंअरपुरा, मठुपुरा आदि गांवों में तेज आंधी से फसलों के फूल झड़ गए। कहीं-कहीं 35-40 फीसदी तक नुकसान हुआ। किसान गरौठा तहसील के गांव सुट्टा सिंगार व आसपास के गांवों में भी नुकसान की बात कह रहे हैं। साथ ही टहरौली तहसील के दिनैरा दिनैरी व पथैड़ी में भी नुकसान बता रहे हैं।
मऊरानीपुर के कुछ गांवों की रिपोर्ट आना बाकी है, शेष सभी जगह से रिपोर्ट आ गई है। कहीं-कहीं फसलों को अधिकतम 10-15 फीसदी का ही नुकसान हुआ है। ज्यादा नुकसान कहीं नहीं हुआ है।
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- राम अक्षयवर चौहान, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
मौसम के बिगड़े मिजाज से गरौठा तहसील के सुट्टा सिंगार व आसपास के गांवों में कुछ किसानों की फसल क्षतिग्रस्त हुई है। टहरौली तहसील के दिनैरा दिनैरी व पथैड़ी में भी यही स्थिति सामने आई है। ओले और आंधी से फसलों को खासी क्षति पहुंची है।
- अविनाश भार्गव, तहसील अध्यक्ष - भारतीय किसान यूनियन
मंगलवार को आंधी, बारिश से मऊरानीपुर तहसील के ढकरवारा, खखौरा, भानपुरा, कुंअरपुरा, मठुपुरा आदि में कई किसानों की फसलों को चालीस फीसदी तक नुकसान हुआ है। तेज आंधी की वजह से फूल झड़ गए है। फसल ही खड़ी रह गईं हैं।
- शिवनारायण सिंह परिवार, प्रदेश अध्यक्ष - किसान कांग्रेस
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मंगलवार को मौसम का रुख अचानक बदल गया था। दोपहर में तकरीबन एक बजे घने बादल छा गए थे और तेज आंधी के साथ बारिश होने लगी थी। ग्रामीण इलाकों में कहीं - कहीं ओले भी गिरे थे। इससे कई स्थानों पर गेहूं, सरसों, चना व मटर की फसल को नुकसान पहुंचा था। जिले की पांचों तहसीलों को नुकसान के आकलन निर्देश दिए गए थे। जिम्मेदारी लेखपालों को सौंपी गई थी। सभी तहसीलों से जिला स्तर पर रिपोर्ट भेज दी गई है। कहीं - कहीं 10-15 फीसदी का नुकसान बताया गया है। जबकि, 33 फीसदी से अधिक नुकसान पर ही किसानों को मुआवजा देने का प्रावधान है। वहीं, किसान प्रशासन की इस रिपोर्ट से इत्तेफाक नहीं रखते। उनका कहना है कि मऊरानीपुर तहसील के पठा, ढकरवारा, खखौरा, भानपुरा, कुंअरपुरा, मठुपुरा आदि गांवों में तेज आंधी से फसलों के फूल झड़ गए। कहीं-कहीं 35-40 फीसदी तक नुकसान हुआ। किसान गरौठा तहसील के गांव सुट्टा सिंगार व आसपास के गांवों में भी नुकसान की बात कह रहे हैं। साथ ही टहरौली तहसील के दिनैरा दिनैरी व पथैड़ी में भी नुकसान बता रहे हैं।
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मऊरानीपुर के कुछ गांवों की रिपोर्ट आना बाकी है, शेष सभी जगह से रिपोर्ट आ गई है। कहीं-कहीं फसलों को अधिकतम 10-15 फीसदी का ही नुकसान हुआ है। ज्यादा नुकसान कहीं नहीं हुआ है।
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- राम अक्षयवर चौहान, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
मौसम के बिगड़े मिजाज से गरौठा तहसील के सुट्टा सिंगार व आसपास के गांवों में कुछ किसानों की फसल क्षतिग्रस्त हुई है। टहरौली तहसील के दिनैरा दिनैरी व पथैड़ी में भी यही स्थिति सामने आई है। ओले और आंधी से फसलों को खासी क्षति पहुंची है।
- अविनाश भार्गव, तहसील अध्यक्ष - भारतीय किसान यूनियन
मंगलवार को आंधी, बारिश से मऊरानीपुर तहसील के ढकरवारा, खखौरा, भानपुरा, कुंअरपुरा, मठुपुरा आदि में कई किसानों की फसलों को चालीस फीसदी तक नुकसान हुआ है। तेज आंधी की वजह से फूल झड़ गए है। फसल ही खड़ी रह गईं हैं।
- शिवनारायण सिंह परिवार, प्रदेश अध्यक्ष - किसान कांग्रेस