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Jhansi News: डिफेंस कॉरिडोर में फैक्टरियां बननी शुरू, मिसाइल का ईंधन बनाएगी बीडीएल
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। गरौठा तहसील में डिफेंस कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। जल्द ही यहां कॉरिडोर स्थापना का काम रफ्तार पकड़ेगा। कॉरिडोर के लिए आवंटित जमीन पर रक्षा मंत्रालय की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) ने अपने इलाके की चहारदीवारी बनाने का काम शुरू कर दिया है। कंपनी यहां मिसाइल का ईंधन बनाने की इकाई स्थापित करने जा रही है।
वहीं, 15 अन्य औद्योगिक इकाइयों को जमीन उपलब्ध करा दी गई है। जल्द ही इन फैक्टरियों में सुरक्षा उपकरणों का निर्माण शुरू होगा। इस कार्य से जहां क्षेत्र का विकास होगा। वहीं, सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण एरच कस्बे से सटे छह गांवों की 1,034 हेक्टेयर जमीन पर किया जा रहा है। कॉरिडोर में यूनिट स्थापित करने के लिए 16 निवेशकों ने करार किया है। यहां उन्हें जमीन भी आवंटित कर दी गई है। वह भी जल्द अपना निर्माण शुरू करेंगे और इकाई को विकसित करेंगे। इन इकाइयों की स्थापना के बाद डिफेंस कॉरिडोर अपने स्वरूप में आ जाएगा। इस कार्य से जहां रक्षा क्षेत्र में विकास होगा। वहीं, रोजगार के इतने साधन उपलब्ध होंगे कि युवाओं को नौकरी के लिए बुंदेलखंड से बाहर जाने की जरूरत नहीं रह जाएगी। डिफेंस कॉरिडोर में स्थापित की जा रही इकाइयों में रक्षा उपकरणों और उनसे जुड़ी सामग्री का निर्माण किया जाएगा। यहां राइफल, रिवाल्वर, पिस्टल व अन्य छोटे हथियार व कलपुर्जे बनेंगे।
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- डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण के लिए कार्य जारी है। 16 इकाइयों को जमीन मुहैया करा दी गयी है। इनमें कुछ ने कार्य भी शुरू कर दिया है। - मनीष चौधरी, उपायुक्त, उद्योग, झांसी
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इन इकाइयों को मिली जमीन
- भारत डायनामिक्स लिमिटेड
- लॉरेंसो डिफेंस प्रा. लिमिटेड
- स्वर्ण इंफ्राटेल प्रा. लिमिटेड
- मुरारी इंजीनियरिंग
- सदाशिव शक्ति डिफेंस प्रा. लि.
- ग्लोबल इंजीनियरिंग लिमिटेड
- डब्लूबी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्रा. लि.
- फैरीटेरियो इंडिया प्रा. लि.
- ग्लोबल टेक्नोक्रेट लि.
- ऐविगवे टेक्नोलॉजी प्रा. लिमिटेड
- डब्लूडीएफ इंजीनियरिंग प्रा. लिमिटेड
- ज्योमा सोल्यूशन प्रा.लिमिटेड
- माइक्रॉन इंस्टूमेंटस प्रा.लिमिटेड
- नवभारत डिफेंस सिस्टम
- विजयन त्रिशूल डिफेंस सोल्यूशन प्रा.लि.
- नेक्स्ट स्टार्ट टेकविजन एलएलपी
33 केवी उपकेंद्र का भी निर्माण पूरा
डिफेंस कॉरिडोर में बिजली आपूर्ति के लिए अलग से 33 केवी उपकेंद्र की स्थापना की गई है। यहां से 4 फीडरों से बिजली मुहैया कराई जाएगी। एक फीडर से बिजली भी दी जाने लगी है। शेष तीन फीडरों का कार्य जारी है। जल्द ही यह भी पूर्ण कर ली जाएंगी।
झांसी। गरौठा तहसील में डिफेंस कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। जल्द ही यहां कॉरिडोर स्थापना का काम रफ्तार पकड़ेगा। कॉरिडोर के लिए आवंटित जमीन पर रक्षा मंत्रालय की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) ने अपने इलाके की चहारदीवारी बनाने का काम शुरू कर दिया है। कंपनी यहां मिसाइल का ईंधन बनाने की इकाई स्थापित करने जा रही है।
वहीं, 15 अन्य औद्योगिक इकाइयों को जमीन उपलब्ध करा दी गई है। जल्द ही इन फैक्टरियों में सुरक्षा उपकरणों का निर्माण शुरू होगा। इस कार्य से जहां क्षेत्र का विकास होगा। वहीं, सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण एरच कस्बे से सटे छह गांवों की 1,034 हेक्टेयर जमीन पर किया जा रहा है। कॉरिडोर में यूनिट स्थापित करने के लिए 16 निवेशकों ने करार किया है। यहां उन्हें जमीन भी आवंटित कर दी गई है। वह भी जल्द अपना निर्माण शुरू करेंगे और इकाई को विकसित करेंगे। इन इकाइयों की स्थापना के बाद डिफेंस कॉरिडोर अपने स्वरूप में आ जाएगा। इस कार्य से जहां रक्षा क्षेत्र में विकास होगा। वहीं, रोजगार के इतने साधन उपलब्ध होंगे कि युवाओं को नौकरी के लिए बुंदेलखंड से बाहर जाने की जरूरत नहीं रह जाएगी। डिफेंस कॉरिडोर में स्थापित की जा रही इकाइयों में रक्षा उपकरणों और उनसे जुड़ी सामग्री का निर्माण किया जाएगा। यहां राइफल, रिवाल्वर, पिस्टल व अन्य छोटे हथियार व कलपुर्जे बनेंगे।
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- डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण के लिए कार्य जारी है। 16 इकाइयों को जमीन मुहैया करा दी गयी है। इनमें कुछ ने कार्य भी शुरू कर दिया है। - मनीष चौधरी, उपायुक्त, उद्योग, झांसी
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इन इकाइयों को मिली जमीन
- भारत डायनामिक्स लिमिटेड
- लॉरेंसो डिफेंस प्रा. लिमिटेड
- स्वर्ण इंफ्राटेल प्रा. लिमिटेड
- मुरारी इंजीनियरिंग
- सदाशिव शक्ति डिफेंस प्रा. लि.
- ग्लोबल इंजीनियरिंग लिमिटेड
- डब्लूबी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्रा. लि.
- फैरीटेरियो इंडिया प्रा. लि.
- ग्लोबल टेक्नोक्रेट लि.
- ऐविगवे टेक्नोलॉजी प्रा. लिमिटेड
- डब्लूडीएफ इंजीनियरिंग प्रा. लिमिटेड
- ज्योमा सोल्यूशन प्रा.लिमिटेड
- माइक्रॉन इंस्टूमेंटस प्रा.लिमिटेड
- नवभारत डिफेंस सिस्टम
- विजयन त्रिशूल डिफेंस सोल्यूशन प्रा.लि.
- नेक्स्ट स्टार्ट टेकविजन एलएलपी
33 केवी उपकेंद्र का भी निर्माण पूरा
डिफेंस कॉरिडोर में बिजली आपूर्ति के लिए अलग से 33 केवी उपकेंद्र की स्थापना की गई है। यहां से 4 फीडरों से बिजली मुहैया कराई जाएगी। एक फीडर से बिजली भी दी जाने लगी है। शेष तीन फीडरों का कार्य जारी है। जल्द ही यह भी पूर्ण कर ली जाएंगी।