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Jhansi News: शहीदों की याद में आंखें नम, मातम कर मनाया गम

Thu, 18 Jul 2024 06:13 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2024 06:13 AM IST
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Eyes moist in memory of martyrs, grief celebrated by mourning
संवाद न्यूज एजेंसी
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झांसी। यौमे आशूरा (मुहर्रम) पर पैगंबर ए इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत पर मातम किया गया। इसके साथ ही ताजिये और बुर्राकों का जुलूस निकाला गया। अखाड़ों में युवाओं ने कलाबाजी दिखाकर करबला की जंग की यादों को ताजा किया। लोगों की आंखें नम हो गईं।
बुधवार सुबह गंधीगर टपरा पर ताजिया, बुर्राक, अलम और अखाड़े इकट्ठा हुए। ताजिया कमेटी के सदस्यों ने सभी को मिसिलबद्ध कराकर जुलूस के रूप में रवाना किया। ताजियों और बुर्राकों का जुलूस सराफा बाजार, मानिक चौक, सिटी पोस्ट ऑफिस, सिंधी तिराहा होते हुए रानी महल पहुंचा। जहां से कई ताजिये ठंडा होने के लिए लक्ष्मीताल स्थित करबला पहुंचे और बुर्राकें अपने इमामबाड़ों पर वापस आ गईं। शाम होते ही ताजिये और बुर्राकें दोबारा से गंदीगर का टपरा पर इकट्ठा हुए, जिन्हें दोबारा से मिसिलबद्ध होने के बाद रवाना किया गया।
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सराफा बाजार, बजाजा बाजार, मालिनों का चौराहा, बड़ा बाजार होता हुआ मुरली मनोहर मंदिर पहुंचा। बुर्राकें और अखाड़े इमामबाड़ों के लिए लौट गए और ताजिये ठंडा होने के लिए करबला के लिए रवाना हो गए। मातमी धुनों पर बैंडों ने करबला की यादों को ताजा किया। जुलूस में मुल्लू रहीम, कासिम उस्ताद, बिसाती बाजार, ललई बजीर, हम्माल समाज, बॉबी, चुईया, हमीम खां की बुर्राक आकर्षण का केंद्र रहे। बजीर चौधरी, करीम बख्श, बाई साब का ताजिये पर लोगों का जमावाड़ा रहा। अल्लू उस्ताद का अखाड़ा और राईन समाज के अखाड़ों में युवाओं ने कलाबाजी कर सभी को अचंभित कर दिया। नगर मजिस्ट्रेट विधेश, सीओ सिटी रामवीर सिंह, शहर कोतवाल शैलेंद्र सिंह, रवीश त्रिपाठी, मुकेश अग्रवाल, अतुल किलपन, ताजिया कमेटी के जिलाध्यक्ष नूर अहमद मंसूरी, व्यवस्थापक मंसूर अहमद मंसूरी, जुम्मन खान, सिराजुद्दीन ने आभार व्यक्त किया।
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- या हुसैन मौला हुसैन की गूंजीं सदाएं
यौमे आशूरा पर अंजुमन ए अब्बासिया के तत्वावधान में मेवातीपुरा से मातमी जुलूस निकाला गया। दरीगरान, नरिया बाजार होता हुआ गंदीगर का टपरा पहुंचा। यहां धर्मगुरुओं ने करबला के शहीदों के किस्से बताए। इसके बाद मातमी जुलूस बड़ा बाजार, बड़ागांव गेट होता हुआ खाकी शाह पहुंचकर इसका समापन हुआ। जुलूस में शामिल युवा, बुजुर्ग और बच्चे छाती पीटकर करबला के शहीदों को याद करते हुए आगे बढ़ रहे थे। खंजर और छुरियों से अपने जिस्म को जख्मी करते हुए या हुसैन मौला हुसैन कहते हुए बढ़ रहे थे।

- बैज लगाकर ताजियेदारों का किया सम्मान
मुहर्रम पर वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई ताजिया इमामबाड़ा राष्ट्रीय पंच परमेश्वरी महासमिति के तत्वावधान में रानी महल ताजिया कमेटी के सदस्यों ने ताजिया, बुर्राक और अखाड़ेदारों को बैज लगाकर सम्मानित किया। वहीं पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस मौके पर युवराज मार्तंड स्वामी, मोहम्मद अकरम मंसूरी, हाजी मुन्ना, बाबू मंसूरी, मोहम्मद इस्लाम, शहनवाज आलम, सायमा खान, रिजवान खान, सुनील कुमार त्रिवेदी, अरुण द्विवेदी, अशोक कतरोलिया, मुकेश सिंघल, बलवीर चौधरी, मोहन नेपाली, डॉ. नीति शास्त्री, साबरा बेगम आदि मौजूद रहे। अब्दुल रशीद ने आभार व्यक्त किया।
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