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वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर वाणिज्य विभाग की नजर
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Wed, 17 Jun 2015 01:41 AM IST
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वाणिज्य कर विभाग आरटीओ कार्यालय में होने वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर नजर जमाए हुए है। विभाग को सूचना मिल रही है कि प्रदेश में कई जगह टैक्स बचाने के लिए फर्जी बिलों पर रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं। इससे राजस्व का नुकसान रहा है।
वाणिज्य कर विभाग को हाल में ही मुरादाबाद व नजीमाबाद में जांच के दौरान पता लगा कि स्थानीय आरटीओ कार्यालय में 199 स्कूटर व बाइक के जो पंजीकरण हुए हैं, उनमें फर्जी बिलों का प्रयोग किया गया है। वाहन खरीदने वालों ने असली की जगह फर्जी बिल बनवाकर आरटीओ कार्यालय में प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर रजिस्ट्रेशन प्राप्त कर लिया गया। इस खुलासे के बाद कमिश्नर वाणिज्य कर ने सभी जोन अफसरों को अपने यहां के आरटीओ कार्यालय में संपर्क कर पंजीकरण के बिलों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू डिप्ट कुमार ने बताया कि संबंधित एजेंसियां जिन बिलों पर टैक्स जमा कर रही हैं। उन बिलों के आधार पर आरटीओ कार्यालय में जमा बिलों से टेस्ट चेकिंग कराने की योजना बनाई गई है। इसके लिए आरटीओ कार्यालय के अफसरों के साथ पत्राचार शुरू कर दिया गया है। पत्राचार के माध्यम से टेस्ट चेकिंग के लिए अधिकारियों से सहयोग मांगा गया है।
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वाणिज्य कर विभाग को हाल में ही मुरादाबाद व नजीमाबाद में जांच के दौरान पता लगा कि स्थानीय आरटीओ कार्यालय में 199 स्कूटर व बाइक के जो पंजीकरण हुए हैं, उनमें फर्जी बिलों का प्रयोग किया गया है। वाहन खरीदने वालों ने असली की जगह फर्जी बिल बनवाकर आरटीओ कार्यालय में प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर रजिस्ट्रेशन प्राप्त कर लिया गया। इस खुलासे के बाद कमिश्नर वाणिज्य कर ने सभी जोन अफसरों को अपने यहां के आरटीओ कार्यालय में संपर्क कर पंजीकरण के बिलों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं।
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इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू डिप्ट कुमार ने बताया कि संबंधित एजेंसियां जिन बिलों पर टैक्स जमा कर रही हैं। उन बिलों के आधार पर आरटीओ कार्यालय में जमा बिलों से टेस्ट चेकिंग कराने की योजना बनाई गई है। इसके लिए आरटीओ कार्यालय के अफसरों के साथ पत्राचार शुरू कर दिया गया है। पत्राचार के माध्यम से टेस्ट चेकिंग के लिए अधिकारियों से सहयोग मांगा गया है।
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