{"_id":"6137cba98ebc3e59cd6ca8ec","slug":"every-time-the-train-stops-the-details-are-being-recorded-the-in-charge-is-investigating-jhansi-news-jhs2037588175","type":"story","status":"publish","title_hn":"झांसी : प्रभारी कर रहे जांच, ट्रेन के हर बार रुकने का दर्ज हो रहा ब्यौरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी : प्रभारी कर रहे जांच, ट्रेन के हर बार रुकने का दर्ज हो रहा ब्यौरा
Wed, 08 Sep 2021 12:01 PM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Sep 2021 12:01 PM IST
सार
पुष्पक एक्सप्रेस और पटना इंदौर एक्सप्रेस में लूटपाट की घटनाओं का खुलासा तो दो सप्ताह बाद भी नहीं हो सका है। लेकिन ट्रेनों में अब जीआरपी और आरपीएफ स्क्वॉयड कर्मी ड्यूटी के दौरान जरूर बेहद सतर्कता बरत रहे हैं। ट्रेन जहां भी रुकती है उसका ब्यौरा कारण समेत डायरी में दर्ज किया जा रहा है।
विज्ञापन
- फोटो : ANI
विस्तार
अब मंडल में रात में गुजरने वालीं सभी ट्रेनों में जीआरपी और आरपीएफ स्क्वॉयड भेजा जा रहा है। कुछ ट्रेनों में जीआरपी, तो कुछ में आरपीएफ का स्क्वॉयड चल रहा है। स्क्वॉयड की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित कर लें कि ट्रेन के सभी दरवाजे बंद हैं कि नहीं। किसी स्थान पर कोई संदिग्ध व्यक्ति या समूह दिखाई तो इसकी तुरंत सूचना कंट्रोल रूम को देना है। चालक, कोच कंडक्टर व गार्ड का नंबर रखना भी जरूरी है।
एक्सपर्ट की मदद
पुष्पक एक्सप्रेस और पटना इंदौर एक्सप्रेस के लुटेरों को पकड़ने के लिए आरपीएफ और जीआरपी के अफसर, थानेदार से लेकर सिपाही तक जांच में जुटे हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। अभी तक ढाई सौ से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। इनमें पुराने हिस्ट्रीशीटर, अवैध वेंडर, गदाई व घटनास्थल के आसपास क्षेत्रों के बदमाश शामिल हैं। झांसी से कानपुर तक के ऐसे अपराधियों का पता किया गया, जो रेल अपराधों से जुड़े रहे हैं। एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है। रात में सादा कपड़ों में पुलिस सभी रेलवे आउटर पर गश्त कर रही है। मगर लुटेरों को पकड़ने में सफलता हासिल नहीं लग सकी है।
प्रतिदिन डायरी की जांच
पुष्पक एक्सप्रेस और पटना इंदौर एक्सप्रेस में लूटपाट की घटनाओं का खुलासा तो दो सप्ताह बाद भी नहीं हो सका है। लेकिन ट्रेनों में अब जीआरपी और आरपीएफ स्क्वॉयड कर्मी ड्यूटी के दौरान जरूर बेहद सतर्कता बरत रहे हैं। ट्रेन जहां भी रुकती है उसका ब्यौरा कारण समेत डायरी में दर्ज किया जा रहा है। खासकर गाड़ी के छोटे स्टेशन या सिग्नल पर रुकने पर, ऐसी जगहों पर घटना होने की संभावना अधिक रहती है। ट्रेन स्क्वॉयड लौटने पर संबंधित थाना प्रभारी प्रतिदिन डायरी की जांच करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक्सपर्ट की मदद
पुष्पक एक्सप्रेस और पटना इंदौर एक्सप्रेस के लुटेरों को पकड़ने के लिए आरपीएफ और जीआरपी के अफसर, थानेदार से लेकर सिपाही तक जांच में जुटे हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। अभी तक ढाई सौ से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। इनमें पुराने हिस्ट्रीशीटर, अवैध वेंडर, गदाई व घटनास्थल के आसपास क्षेत्रों के बदमाश शामिल हैं। झांसी से कानपुर तक के ऐसे अपराधियों का पता किया गया, जो रेल अपराधों से जुड़े रहे हैं। एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है। रात में सादा कपड़ों में पुलिस सभी रेलवे आउटर पर गश्त कर रही है। मगर लुटेरों को पकड़ने में सफलता हासिल नहीं लग सकी है।
विज्ञापन
प्रतिदिन डायरी की जांच
पुष्पक एक्सप्रेस और पटना इंदौर एक्सप्रेस में लूटपाट की घटनाओं का खुलासा तो दो सप्ताह बाद भी नहीं हो सका है। लेकिन ट्रेनों में अब जीआरपी और आरपीएफ स्क्वॉयड कर्मी ड्यूटी के दौरान जरूर बेहद सतर्कता बरत रहे हैं। ट्रेन जहां भी रुकती है उसका ब्यौरा कारण समेत डायरी में दर्ज किया जा रहा है। खासकर गाड़ी के छोटे स्टेशन या सिग्नल पर रुकने पर, ऐसी जगहों पर घटना होने की संभावना अधिक रहती है। ट्रेन स्क्वॉयड लौटने पर संबंधित थाना प्रभारी प्रतिदिन डायरी की जांच करते हैं।
विज्ञापन