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पहले भी तो लीक हुए पेपर, अब पुलिस करेगी पड़ताल
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झांसी। जिस तरीके से श्रीराम महाविद्यालय के लिपिक राजदीप ने पेपर लीक किया उसे देखते हुए पुलिस को अंदेशा है कि भौतिक विज्ञान से पहले हुए दूसरे प्रश्न पत्र भी पेपर लीक हो सकते हैं। इसके पहले भी आरोपी बाबू चार परीक्षाओं में बंडल बनाने का काम कर चुका था। इन स्थितियों को देखते हुए पुलिस आरोपी बाबू समेत प्रबंधक एवं अन्य कर्मचारियों की सीडीआर खंगालने में जुटी है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय की परीक्षाएं 28 मार्च से आरंभ हैं। अभी तक बीएससी सेकेंड इयर की चार परीक्षाएं हो चुकीं। इनमें गणित के सभी प्रश्नपत्र समेत भौतिक विज्ञान के प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा हो चुकी। पुलिस अफसरों का कहना है कि आरोपी लिपिक के पेपर भेजने के महज सात मिनट के भीतर प्रश्न पत्र तमाम छात्रों के मोबाइल में पहुंच गया। इसे देखते हुए कहा जा रहा कि छात्रों को पेपर आने की बात पहले से मालूम थी। उनको यह बात भी पता थी कि पेपर सुबह छह बजे तक मिल जाएगा। चटपट तरीके से छात्र पेपर हल करके परीक्षा हाल तक पहुंच गए।
इसको देखते हुए आशंका जताई जा रही कि भौतिक विज्ञान प्रथम समेत अन्य विषय के पेपर भी आउट हुए। अब इसकी पड़ताल के लिए पुलिस महाविद्यालय स्टॉफ कर्मचारियों के मोबाइल की पड़ताल के साथ इनकी सीडीआर भी खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है बंडल खोलने में लिपिक की ड्यूटी सुनियोजित तरीके से लगती थी। महाविद्यालय में तीन लिपिक हैं। राजदीप को ही नियमित तौर से प्रश्नपत्र के बंडल खोलने में लगाया जाता था। आरोपी लिपिक की भतीजी भी बीएससी (द्वितीय वर्ष) की छात्रा है। उसके चार प्रश्नपत्र पहले हो चुके। इनमें 28 मार्च को गणित प्रथम (एलजेब्रा एंड मैट्रिक्स), 30 मार्च को गणित द्वितीय (इक्यूवेशन एंड इंटरनल ट्रांसफरर्मेशन), एक अप्रैल को गणित तृतीय (मैकेनिक्स) एवं चार अप्रैल को भौतिक विज्ञान का प्रथम प्रश्न पत्र (ऑपटिक्स एंड लेजर्स) का हो चुका। पुलिस सूत्रों का कहना है राजदीप की ड्यूटी इन परीक्षाओं के समय भी वहां थी। एसएसपी शिवहरी मीना का कहना है अभी इस मामले की जांच चल रही है। सभी पहलुओं की पड़ताल पुलिस कर रही है।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय की परीक्षाएं 28 मार्च से आरंभ हैं। अभी तक बीएससी सेकेंड इयर की चार परीक्षाएं हो चुकीं। इनमें गणित के सभी प्रश्नपत्र समेत भौतिक विज्ञान के प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा हो चुकी। पुलिस अफसरों का कहना है कि आरोपी लिपिक के पेपर भेजने के महज सात मिनट के भीतर प्रश्न पत्र तमाम छात्रों के मोबाइल में पहुंच गया। इसे देखते हुए कहा जा रहा कि छात्रों को पेपर आने की बात पहले से मालूम थी। उनको यह बात भी पता थी कि पेपर सुबह छह बजे तक मिल जाएगा। चटपट तरीके से छात्र पेपर हल करके परीक्षा हाल तक पहुंच गए।
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इसको देखते हुए आशंका जताई जा रही कि भौतिक विज्ञान प्रथम समेत अन्य विषय के पेपर भी आउट हुए। अब इसकी पड़ताल के लिए पुलिस महाविद्यालय स्टॉफ कर्मचारियों के मोबाइल की पड़ताल के साथ इनकी सीडीआर भी खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है बंडल खोलने में लिपिक की ड्यूटी सुनियोजित तरीके से लगती थी। महाविद्यालय में तीन लिपिक हैं। राजदीप को ही नियमित तौर से प्रश्नपत्र के बंडल खोलने में लगाया जाता था। आरोपी लिपिक की भतीजी भी बीएससी (द्वितीय वर्ष) की छात्रा है। उसके चार प्रश्नपत्र पहले हो चुके। इनमें 28 मार्च को गणित प्रथम (एलजेब्रा एंड मैट्रिक्स), 30 मार्च को गणित द्वितीय (इक्यूवेशन एंड इंटरनल ट्रांसफरर्मेशन), एक अप्रैल को गणित तृतीय (मैकेनिक्स) एवं चार अप्रैल को भौतिक विज्ञान का प्रथम प्रश्न पत्र (ऑपटिक्स एंड लेजर्स) का हो चुका। पुलिस सूत्रों का कहना है राजदीप की ड्यूटी इन परीक्षाओं के समय भी वहां थी। एसएसपी शिवहरी मीना का कहना है अभी इस मामले की जांच चल रही है। सभी पहलुओं की पड़ताल पुलिस कर रही है।
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