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ईश्वर भक्तों को नहीं करते निराश
Sat, 19 Jan 2019 01:54 AM IST
देवेंद्र कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Sat, 19 Jan 2019 01:54 AM IST
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shree ram katha, jhansi news
- फोटो : amar ujala, jhansi news
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श्रीराम कथा व्यास मोहन दास जी महाराज ने कहा कि ईश्वर कभी अपने भक्तों को निराश नहीं करते हैं। हर क्षण वह आपकी मदद के लिए रहता है। जरूरत है कि हर परिस्थिति में परम पिता का नाम जपो।
ग्वालियर रोड स्थित हरि विहार कॉलोनी के श्री सिद्ध खाती बाबा मंदिर में चल रहे श्रीराम कथा में शुक्रवार को शिव पार्वती विवाह प्रसंग का वर्णन कर मोहन दास जी ने कहा कि भगवान शिव ने 84 हजार वर्ष समाधि लगाई और घनघोर तपस्या की। इसी प्रकार, माता पार्वती ने भी भगवान शिव को पाने के लिए कठिन तपस्या की। महादेव की बारात ब्रह्मांड की अनोखी बारात थी, जिसमें सभी जीव, प्रेत, देव, यक्ष बाराती थे। कथा व्यास ने कहा कि भगवान शिव की शरण में जो जाता है, वह जीवन में कभी निराश नहीं होता। उसे भक्ति का फल अवश्य प्राप्त होता है। शिव के मंत्र में जादूई ताकत है, जो जीवन देता है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का हृदय अपने भक्तों के लिए समुद्र की तरह है। जीवन में कभी भी कष्ट हो, उनका नाम जपो। शिव की शरण में पहुंचो।
प्रवचन अवसर पर मंदिर परिसर में शिव बारात निकाली गई। इसमें बच्चों, युवाओं ने भगवान शिव, मां पार्वती तथा देव व असुरों के स्वरूप धारण किए। भगवान शिव को दूल्हा स्वरूप में उनके बारातियों के साथ मंच पर लाया गया। इसके बाद शिव-पार्वती का विवाह हुआ। इस दौरान हरीमोहन प्रजापति, जशोदा, सुनील प्रजापति, सूर्या कुशवाहा, अक्षय कुमार, तुलसी दास, कलावती, वैष्णवी, अनीता, दीपक, कबीरराज, सविता, सुमन, सुरेश आदि मौजूद रहे।
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ग्वालियर रोड स्थित हरि विहार कॉलोनी के श्री सिद्ध खाती बाबा मंदिर में चल रहे श्रीराम कथा में शुक्रवार को शिव पार्वती विवाह प्रसंग का वर्णन कर मोहन दास जी ने कहा कि भगवान शिव ने 84 हजार वर्ष समाधि लगाई और घनघोर तपस्या की। इसी प्रकार, माता पार्वती ने भी भगवान शिव को पाने के लिए कठिन तपस्या की। महादेव की बारात ब्रह्मांड की अनोखी बारात थी, जिसमें सभी जीव, प्रेत, देव, यक्ष बाराती थे। कथा व्यास ने कहा कि भगवान शिव की शरण में जो जाता है, वह जीवन में कभी निराश नहीं होता। उसे भक्ति का फल अवश्य प्राप्त होता है। शिव के मंत्र में जादूई ताकत है, जो जीवन देता है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का हृदय अपने भक्तों के लिए समुद्र की तरह है। जीवन में कभी भी कष्ट हो, उनका नाम जपो। शिव की शरण में पहुंचो।
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प्रवचन अवसर पर मंदिर परिसर में शिव बारात निकाली गई। इसमें बच्चों, युवाओं ने भगवान शिव, मां पार्वती तथा देव व असुरों के स्वरूप धारण किए। भगवान शिव को दूल्हा स्वरूप में उनके बारातियों के साथ मंच पर लाया गया। इसके बाद शिव-पार्वती का विवाह हुआ। इस दौरान हरीमोहन प्रजापति, जशोदा, सुनील प्रजापति, सूर्या कुशवाहा, अक्षय कुमार, तुलसी दास, कलावती, वैष्णवी, अनीता, दीपक, कबीरराज, सविता, सुमन, सुरेश आदि मौजूद रहे।
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