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Jhansi News: सुभाषगंज समेत प्रमुख बाजारों में ई-रिक्शा व ऑटो के प्रवेश पर रोक
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। त्योहारी सीजन में बाजार के अंदर जाम की समस्या को दूर करने के लिए ई-रिक्शा एवं ऑटो के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई। नई व्यवस्था में रानी महल, सुभाषगंज, सराफा बाजार, गंदी का टपरा, सिंधी तिराहा, मुरली मनोहर मंदिर समेत जगहों से ऑटो एवं ई-रिक्शा के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया।
सोमवार से यह व्यवस्था लागू की गई है। अब सुबह 11 से रात नौ बजे तक बाजार के प्रमुख रास्तों पर जाने की इजाजत नहीं रहेगी। बाजार के अंदर मिलने पर इन वाहनों का चालान भी होगा। 20 अक्तूबर के अंक में अमर उजाला ने खास तौर से शहर के बाजार में लगने वाले जाम की समस्या प्रकाशित की थी।
सबसे अधिक समस्या बाजार के भीतर घुसने वाले ऑटो एवं ई-रिक्शा की वजह से पैदा हो रही थी। व्यापारियों का कहना था कि सवारियां भरने को ऑटो और ई-रिक्शा सड़कों पर खड़े रहते हैं। इस वजह से सबसे अधिक जाम लगता है। यहां पुलिसकर्मियों भी तैनात नहीं रहते। इसी कारण कोतवाली के आसपास इन वाहनों के चालक खड़े होकर सवारियां भरते हैं। समाचार प्रकाशित होने के बाद आखिरकार पुलिस महकमे की नींद टूटी। ी
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झांसी। त्योहारी सीजन में बाजार के अंदर जाम की समस्या को दूर करने के लिए ई-रिक्शा एवं ऑटो के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई। नई व्यवस्था में रानी महल, सुभाषगंज, सराफा बाजार, गंदी का टपरा, सिंधी तिराहा, मुरली मनोहर मंदिर समेत जगहों से ऑटो एवं ई-रिक्शा के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया।
सोमवार से यह व्यवस्था लागू की गई है। अब सुबह 11 से रात नौ बजे तक बाजार के प्रमुख रास्तों पर जाने की इजाजत नहीं रहेगी। बाजार के अंदर मिलने पर इन वाहनों का चालान भी होगा। 20 अक्तूबर के अंक में अमर उजाला ने खास तौर से शहर के बाजार में लगने वाले जाम की समस्या प्रकाशित की थी।
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सबसे अधिक समस्या बाजार के भीतर घुसने वाले ऑटो एवं ई-रिक्शा की वजह से पैदा हो रही थी। व्यापारियों का कहना था कि सवारियां भरने को ऑटो और ई-रिक्शा सड़कों पर खड़े रहते हैं। इस वजह से सबसे अधिक जाम लगता है। यहां पुलिसकर्मियों भी तैनात नहीं रहते। इसी कारण कोतवाली के आसपास इन वाहनों के चालक खड़े होकर सवारियां भरते हैं। समाचार प्रकाशित होने के बाद आखिरकार पुलिस महकमे की नींद टूटी। ी
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