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आई, ईएनटी, गायनी में एमएस की एक-एक सीटों पर मान्यता निरस्त
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झांसी। नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) ने महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में ईएनटी, गायनी और आई विभाग में एमएस की एक-एक सीटों की मान्यता निरस्त करते हुए प्रवेश पर रोक लगा दी है। ऐसा किसी विभाग में फैकल्टी तो किसी में चिकित्सा शिक्षकों के शोध पत्र कम होने की वजह से हुआ है।
मेडिकल कॉलेज में पिछले साल नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम ने अलग-अलग विभागों का निरीक्षण किया था। इस दौरान शिक्षकों, परीक्षा से संबंधित मानकों का परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की गई। टीम ने अपनी रिपोर्ट काउंसिल को सौंप दी। रिपोर्ट में तमाम कमियों की बात सामने आई। किसी विभाग में फैकल्टी तो किसी में चिकित्सा शिक्षकों के शोध पत्र कम मिले। इसके बाद एनएमसी ने ईएनटी, गायनी और आई में एमएस की एक-एक सीट पर मान्यता निरस्त कर दी है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन सीटों पर प्रवेश नहीं लिए जाएं। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से एनएमसी को पत्र लिखकर सारी कमियां ठीक कर लिए जाने की बात कही गई है। कॉलेज प्रशासन ने शासन स्तर पर भी मामले की जानकारी दे दी गई है।
सर्जरी की भी छह सीटों पर तलवार
एनएमसी दो महीने पहले सर्जरी की भी छह सीटों पर मान्यता निरस्त कर चुकी है। हालांकि, मेडिकल कॉलेज की तरफ से इसको लेकर दोबारा पत्र लिखा गया है। साथ ही रिपोर्ट में उल्लेखित कमियों को दूर कर लेने का दावा किया गया है। अब तक एनएमसी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
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जल्द शुरू होनी है पहली काउंसलिंग
नीट की परीक्षा के बाद एमएस की सीटों पर जल्द ही काउंसलिंग शुरू होनी है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के प्रयासों के बावजूद पहली काउंसलिंग में मान्यता निरस्त होने वाली सर्जरी, ईएनटी, गायनी और आई की सीटों पर प्रवेश नहीं हो पाएगा। कॉलेज प्रशासन दूसरी काउंसलिंग को लेकर आशान्वित है। अब देखने की बात ये कि उनकी उम्मीद के मुताबिक एनएमसी से हरी झंडी मिलती है या नहीं।
ईएनटी, गायनी, आई के साथ-साथ सर्जरी विभाग में पिछले साल एनएमसी की टीम ने निरीक्षण किया था। कुछ कमियां बताई थीं, जिन्हें पूरा करके एनएमसी को रिपोर्ट भेज दी गई है। लगातार पत्र लिखे जा रहे हैं। साथ ही शासन को भी जानकारी दे दी गई है। उम्मीद है कि रद्द हुई एमएस की सीटों पर फिर से मान्यता मिल जाएगा। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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मेडिकल कॉलेज में पिछले साल नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम ने अलग-अलग विभागों का निरीक्षण किया था। इस दौरान शिक्षकों, परीक्षा से संबंधित मानकों का परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की गई। टीम ने अपनी रिपोर्ट काउंसिल को सौंप दी। रिपोर्ट में तमाम कमियों की बात सामने आई। किसी विभाग में फैकल्टी तो किसी में चिकित्सा शिक्षकों के शोध पत्र कम मिले। इसके बाद एनएमसी ने ईएनटी, गायनी और आई में एमएस की एक-एक सीट पर मान्यता निरस्त कर दी है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन सीटों पर प्रवेश नहीं लिए जाएं। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से एनएमसी को पत्र लिखकर सारी कमियां ठीक कर लिए जाने की बात कही गई है। कॉलेज प्रशासन ने शासन स्तर पर भी मामले की जानकारी दे दी गई है।
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सर्जरी की भी छह सीटों पर तलवार
एनएमसी दो महीने पहले सर्जरी की भी छह सीटों पर मान्यता निरस्त कर चुकी है। हालांकि, मेडिकल कॉलेज की तरफ से इसको लेकर दोबारा पत्र लिखा गया है। साथ ही रिपोर्ट में उल्लेखित कमियों को दूर कर लेने का दावा किया गया है। अब तक एनएमसी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
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जल्द शुरू होनी है पहली काउंसलिंग
नीट की परीक्षा के बाद एमएस की सीटों पर जल्द ही काउंसलिंग शुरू होनी है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के प्रयासों के बावजूद पहली काउंसलिंग में मान्यता निरस्त होने वाली सर्जरी, ईएनटी, गायनी और आई की सीटों पर प्रवेश नहीं हो पाएगा। कॉलेज प्रशासन दूसरी काउंसलिंग को लेकर आशान्वित है। अब देखने की बात ये कि उनकी उम्मीद के मुताबिक एनएमसी से हरी झंडी मिलती है या नहीं।
ईएनटी, गायनी, आई के साथ-साथ सर्जरी विभाग में पिछले साल एनएमसी की टीम ने निरीक्षण किया था। कुछ कमियां बताई थीं, जिन्हें पूरा करके एनएमसी को रिपोर्ट भेज दी गई है। लगातार पत्र लिखे जा रहे हैं। साथ ही शासन को भी जानकारी दे दी गई है। उम्मीद है कि रद्द हुई एमएस की सीटों पर फिर से मान्यता मिल जाएगा। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।