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Jhansi News: एनीमिया जांच का बढ़ेगा दायरा, बुंदेलखंड में है ये बड़ी समस्या
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झांसी। बजट में केंद्र सरकार ने स्किल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत 0 से 40 साल तक के सात करोड़ लोगों की यूनिवर्सल स्क्रीनिंग और काउंसलिंग की जाएगी। बुंदेलखंड में खासकर महिलाओं में एनीमिया बड़ी समस्या है। यहां 15 से 49 साल तक की 40 फीसदी महिलाओं में खून की कमी है। मिशन शुरू होने से इसकी रोकथाम हो सकेगी।
नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-4 (एनएफएचएस) के मुताबिक झांसी में वर्ष 2015-16 में 15 से 19 साल की 58 फीसदी किशोरियों में खून की कमी मिली थी। 2020-21 में हुए एनएफएचएस-5 सर्वे में ये आंकड़ा 18 फीसदी घटकर 40 प्रतिशत रह गया। वहीं, एनएफएचएस-5 के सर्वे में 15 से 49 साल की 35.7 फीसदी गर्भवती महिलाओं में खून की कमी मिली है। जबकि, सामान्यता 40 फीसदी महिलाएं एनीमिक मिलीं। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन कम होता है और प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव हो जाता है तो फिर प्रसूता की जान जा सकती है। ऐसे में बजट में स्किल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन करने की घोषणा से अब 40 साल तक के लोगों की एनीमिया की जांच का दायरा बढ़ेगा। अब तक सीमित लोगों की ही जांच हो पाती है। साथ ही दवाओं की भी उपलब्धता बढ़ेगी।
ये भी जानें
हीमोग्लोबिन स्थिति
11 ग्राम या उससे ज्यादा - सामान्य
10.9 से 7 ग्राम - एनीमिया
सात ग्राम से कम - गंभीर एनीमिया
बुंदेलखंड में महिलाएं ज्यादा एनिमिक है। खासकर गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या ज्यादा देखने को मिलता है। इससे महिलाओं को गर्भधारण करने में दिक्कत होती है। ध्यान न दिया जाए तो गर्भावस्था के दौरान महिला की जान भी जा सकती है। एनीमिया की रोकथाम के लिए स्किल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन बहुत मददगार साबित होगा। - डॉ. सुधाकर पांडेय, सीएमओ।
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ललितपुर में ड्रग पार्क जल्द शुरू होने की बढ़ी उम्मीद
झांसी। सरकार ने बजट में फार्मास्यूटिकल्स में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए उत्कृष्टता केंद्रों के जरिए नया कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। विशिष्ट प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास में निवेश के लिए उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे ललितपुर में ड्रग पार्क को लेकर उम्मीद और बढ़ गई है। अभी यहां पर ड्रग पार्क को लेकर जमीन चिह्नित हो गई है। बजट की घोषणाएं से संकेत मिल रहे हैं कि यहां पर सिर्फ दवाओं का कच्चा माल ही नहीं बनेगा। बल्कि, दवाओं पर रिसर्च के लिए यहां पर यूनिट लगाई जा सकती है।
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नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-4 (एनएफएचएस) के मुताबिक झांसी में वर्ष 2015-16 में 15 से 19 साल की 58 फीसदी किशोरियों में खून की कमी मिली थी। 2020-21 में हुए एनएफएचएस-5 सर्वे में ये आंकड़ा 18 फीसदी घटकर 40 प्रतिशत रह गया। वहीं, एनएफएचएस-5 के सर्वे में 15 से 49 साल की 35.7 फीसदी गर्भवती महिलाओं में खून की कमी मिली है। जबकि, सामान्यता 40 फीसदी महिलाएं एनीमिक मिलीं। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन कम होता है और प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव हो जाता है तो फिर प्रसूता की जान जा सकती है। ऐसे में बजट में स्किल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन करने की घोषणा से अब 40 साल तक के लोगों की एनीमिया की जांच का दायरा बढ़ेगा। अब तक सीमित लोगों की ही जांच हो पाती है। साथ ही दवाओं की भी उपलब्धता बढ़ेगी।
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हीमोग्लोबिन स्थिति
11 ग्राम या उससे ज्यादा - सामान्य
10.9 से 7 ग्राम - एनीमिया
सात ग्राम से कम - गंभीर एनीमिया
बुंदेलखंड में महिलाएं ज्यादा एनिमिक है। खासकर गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या ज्यादा देखने को मिलता है। इससे महिलाओं को गर्भधारण करने में दिक्कत होती है। ध्यान न दिया जाए तो गर्भावस्था के दौरान महिला की जान भी जा सकती है। एनीमिया की रोकथाम के लिए स्किल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन बहुत मददगार साबित होगा। - डॉ. सुधाकर पांडेय, सीएमओ।
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ललितपुर में ड्रग पार्क जल्द शुरू होने की बढ़ी उम्मीद
झांसी। सरकार ने बजट में फार्मास्यूटिकल्स में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए उत्कृष्टता केंद्रों के जरिए नया कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। विशिष्ट प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास में निवेश के लिए उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे ललितपुर में ड्रग पार्क को लेकर उम्मीद और बढ़ गई है। अभी यहां पर ड्रग पार्क को लेकर जमीन चिह्नित हो गई है। बजट की घोषणाएं से संकेत मिल रहे हैं कि यहां पर सिर्फ दवाओं का कच्चा माल ही नहीं बनेगा। बल्कि, दवाओं पर रिसर्च के लिए यहां पर यूनिट लगाई जा सकती है।