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Jhansi News: दलालों के मकड़जाल में फंसे कर्मचारी बरगलाते हैं तीमारदारों को
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सीएमएस ने कहा, दलालों के चिह्नित करने के लिए लगाए हैं कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती गंभीर मरीजों को यूं ही तीमारदार निजी नर्सिंगहोम लेकर नहीं जाते हैं। दलालों का इतना बड़ा मकड़जाल है कि कर्मचारी ही नहीं, डॉक्टर भी नर्सिंगहोम में बेहतर उपचार की बात से तीमारदारों को बरगलाते हैं। वहीं, रोगी की जान नर्सिंगहोम में सुरक्षित मानकर परिजन उन्हें लेकर चले जाते हैं।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार होने के बाद दलाल सक्रिय हो जाते हैं। कोई तीमारदारों को यहां समय से सही उपचार न मिलने की बात कहकर बरगलाता है तो कोई कई गंभीर रोगियों के नर्सिंगहोम में सही होने की बात कहता है। यही नहीं, कुछ डॉक्टर भी परिजनों को बेहतर उपचार के लिए नर्सिंगहोम में ले जाने का मशविरा देते हैं। यही नहीं, मेडिकल कॉलेज में तरह-तरह की असुविधा होने की बात कहकर बाहर ले जाने का दबाव बनाते हैं।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि संज्ञान में आया है कि इमरजेंसी के आसपास नर्सिंगहोमों के दलाल सक्रिय हैं, जिनको पकड़ने की योजना बनाई जा रही है। विगत दिनों लापरवाही बरतने वाले पांच वार्ड बॉय को हटाया गया है। अब दलालों को पकड़ने के लिए टीम लगाई गई है। यह भी चिह्नित किया जाएगा कि इमरजेंसी का कौन सा कर्मचारी और डॉक्टर रोगी को बाहर ले जाने के लिए बरगलाता है।
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एमएलसी के लिए मांगे जाते हैं रुपये
झांसी। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में आने वाले गंभीर घायलों की एमएलसी (मेडिको-लीगल सर्टिफिकेट) तथा डेथ सर्टिफिकेट बनाने के लिए रुपये मांगने का आरोप हैं। सीएमएस का कहना है कि यदि इसके बाबत शिकायत आएगी तो संबंधित ईएमओ के खिलाफ सीधे कार्रवाई होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती गंभीर मरीजों को यूं ही तीमारदार निजी नर्सिंगहोम लेकर नहीं जाते हैं। दलालों का इतना बड़ा मकड़जाल है कि कर्मचारी ही नहीं, डॉक्टर भी नर्सिंगहोम में बेहतर उपचार की बात से तीमारदारों को बरगलाते हैं। वहीं, रोगी की जान नर्सिंगहोम में सुरक्षित मानकर परिजन उन्हें लेकर चले जाते हैं।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार होने के बाद दलाल सक्रिय हो जाते हैं। कोई तीमारदारों को यहां समय से सही उपचार न मिलने की बात कहकर बरगलाता है तो कोई कई गंभीर रोगियों के नर्सिंगहोम में सही होने की बात कहता है। यही नहीं, कुछ डॉक्टर भी परिजनों को बेहतर उपचार के लिए नर्सिंगहोम में ले जाने का मशविरा देते हैं। यही नहीं, मेडिकल कॉलेज में तरह-तरह की असुविधा होने की बात कहकर बाहर ले जाने का दबाव बनाते हैं।
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मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि संज्ञान में आया है कि इमरजेंसी के आसपास नर्सिंगहोमों के दलाल सक्रिय हैं, जिनको पकड़ने की योजना बनाई जा रही है। विगत दिनों लापरवाही बरतने वाले पांच वार्ड बॉय को हटाया गया है। अब दलालों को पकड़ने के लिए टीम लगाई गई है। यह भी चिह्नित किया जाएगा कि इमरजेंसी का कौन सा कर्मचारी और डॉक्टर रोगी को बाहर ले जाने के लिए बरगलाता है।
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एमएलसी के लिए मांगे जाते हैं रुपये
झांसी। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में आने वाले गंभीर घायलों की एमएलसी (मेडिको-लीगल सर्टिफिकेट) तथा डेथ सर्टिफिकेट बनाने के लिए रुपये मांगने का आरोप हैं। सीएमएस का कहना है कि यदि इसके बाबत शिकायत आएगी तो संबंधित ईएमओ के खिलाफ सीधे कार्रवाई होगी।