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लाखों का गबन, पूर्व प्रधान को नोटिस

Thu, 14 Jan 2016 01:37 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Thu, 14 Jan 2016 01:37 AM IST
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Embezzlement of millions, the former head of the notice
झांसी। बंगरा के निनौरा गांव में कराए गए विकास कार्यों में खूब घालमेल हुआ। आठ माह पहले की गई शिकायत पर सहायक आयुक्त निबंधक द्वारा की गई जांच में लाखों रुपये की वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने पूर्व प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर बीस दिन में जवाब मांगा है।
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मऊरानीपुर तहसील के ब्लॉक बंगरा के ग्राम निनौरा निवासी जयराम पाल ने मई 2015 में जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पूर्व ग्राम प्रधान मातादीन पर विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश पर सहायक आयुक्त निबंधक ने जांच की। उन्होंने तमाम गड़बड़ियां पकड़ीं।
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डीएम को सौंपी जांच रिपोर्ट में सहायक आयुक्त निबंधक ने बताया कि वर्ष 2010-11 में हैंडपंप मरम्मत के लिए 15,250 रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन लॉगबुक में इसे नहीं दर्शाया गया। वर्ष 2011-12 में हैंडपंप मरम्मत के नाम पर सामग्री व मिस्त्री के मद में 87,090 रुपये का भुगतान किया गया। 25000 रुपये की राशि को पूर्व प्रधान ने स्वयं निकालकर भुगतान किया, शेष 62,090 का भुगतान संदिग्ध पाया गया।
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वहीं,  बीस नग हैंडपंप की मरम्मत हेतु 67,974 रुपये प्रस्तावित किए गए, जिसके सापेक्ष 63290 रुपये सामग्री व श्रमांश पर खर्च किया गया। 12000 रुपये का भुगतान चेक से किया गया, शेष 51290 रुपये प्रधान ने स्वयं आहरित कर भुगतान दर्शाया। यह राशि गबन की श्रेणी में मानी गई।

बाजार से लच्छी कुमार के मकान तक खड़ंजा का निर्माण पत्थर से कराया गया। सामग्री पर 1,19,090 रुपये का भुगतान किया गया। खड़ंजे में 39.45 घन मीटर मोरम का उपयोग दर्शाया गया। जबकि, ऊंचाई व गहराई का जिक्र नहीं किया गया। मोरम पर खर्च की गई धनराशि को भी गबन की श्रेणी में माना गया।

यही नहीं, 20 नग नये हैंडपंप की मरम्मत हेतु 74,015 रुपये प्रस्तावित किए गए, जिसके सापेक्ष 94,158 रुपये का भुगतान श्रमांश एवं सामग्री पर किया गया। इसमें से 15000 रुपये की धनराशि का भुगतान चेक से व 79,158 रुपये का भुगतान स्वयं आहरित कर किया गया, इस राशि को भी गबन की श्रेणी में माना गया।


26 नग स्ट्रीट लाइट का भुगतान सुजीत कुमार त्रिपाठी को 91 हजार रुपये किया गया, जबकि मौके पर 24 नग लाइटें लगी पाई गईं। सीसी रोड से गोटीराम के मकान तक एपेक्स खड़ंजा निर्माण 1,95,100 रुपये का किया गया। जबकि स्वीकृति 80 हजार रुपये की थी। इस तरह 4,09,888 रुपये की वित्तीय अनियमितता उजागर हुई।
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