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बिजौली में खुलेगा बिजली थाना

Tue, 13 Aug 2019 07:36 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 13 Aug 2019 07:36 PM IST
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electricity police station in bijoli soon
बिजौली में खुलेगा बिजली थाना
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झांसी। जनपद में बिजली चोरी से जुड़े मामलों के लिए एक अलग थाना खुलना है। इसके लिए बिजौली सबस्टेशन परिसर को चुना गया है। बिजली के लिए एक अलग थाना बनने पर विभाग के अधिकारियों को दूसरे थानों की पुलिस पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा।
अभी किसी भी तरह की चोरी पकड़ने पर पहले थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। इसके बाद अगर संबंधित व्यक्ति को पुलिस कार्रवाई से बचना है तो वह विभाग में जाकर शमन शुल्क और राजस्व निर्धारण एक साथ जमा करें। इसके बाद विभाग राजस्व जमा होने का एक पत्र लिखकर देगा, जिसके आधार पर ही पुलिस कार्रवाई से बचा जा सकता है। खासकर सीधे चोरी में लगने वाली धारा 135 में लोग ज्यादा परेशान होते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस भी लोगों को परेशान करने से नहीं चूकती है। साथ ही कई मामलों में विभाग के अधिकारियों को भी रिपोर्ट लिखाने के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं। इन्हीं सब समस्याओं को दूर करने के लिए एक अलग बिजली थाना खुलने जा रहा है। इस थाने में पूरे जनपद के बिजली से जुड़े मामलों की रिपोर्ट और विवेचना होगी। बिजौली सबस्टेशन परिसर में इस थाने को खोला जाएगा।
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दूसरे चरण में झांसी में बिजली थाना बनना है। नवंबर तक यह थाना खुल जाएगा। थाने के लिए बिजौली सबस्टेशन को चुना गया है। - राकेश वार्ष्णेय, अधीक्षण अभियंता।
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अभी तक शमन शुल्क जमा करके लोग आगे की कार्रवाई को लेकर बेफिक्र हो जाते थे। थाने में रिपोर्ट दर्ज करने से लोगों में भय रहता है और वह जल्द शमन शुल्क और राजस्व निर्धारण जमा कर देते हैं। बिजली चोरी रोकने में यह एक सार्थक कदम साबित हो रहा है। - आरपीएस तोमर, मुख्य अभियंता (वितरण)।

दोगुना लग रहा पैसा
बिजली चोरी पकड़ने पर अभी प्रति किलोवाट चार हजार रुपये शमन शुल्क और 46800 रुपये जुर्माना (कर निर्धारण) जमा करना पड़ता है। कनेक्शन होने के बाद भी अगर आप मीटर बाईपास, मीटर में गड़बड़ी या अन्य किसी तरह से चोरी कर रहे हैं तो ऐसी स्थिति में आपने जितने रुपये बिल के द्वारा एक साल में जमा किए हैं, वह राशि कर निर्धारण में से घटा दी जाती हैं। नए आदेश के तहत जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया गया है। चोरी के दौरान लोड एक किलोवाट से अधिक पाया गया तो जुर्माने की राशि उसी हिसाब से बढ़ती जाएगी।
ज्यादातर ऐसे आते हैं मामले
- बिना कनेक्शन घर मेें कटिया डालकर बिजली चोरी
- बकाये पर कनेक्शन कटने के बाद फिर जोड़ लेना
- मीटर के पहले कट लगाकर।
- मीटर में कारस्तानी कर।
- चोरी की बिजली से सिंचाई की मोटर चलाना।
- घरेलू बिजली कनेक्शन व्यावसायिक इस्तेमाल।
ये है कानून
- बिजली चोरी करते पाए जाने पर अगर अब तय शमन शुल्क जमा नहीं करते हैं तो तीन माह से सात साल तक ही सजा हो सकती है।
- धारा 135 विद्युत अधिनियम: कटिया डालकर, घरेलू बिजली का व्यावसायिक इस्तेमाल।
- धारा 136 विद्युत अधिनियम: बिजली के सरकारी उपकरणों को नुकसान पहुंचाना।
- धारा 137 विद्युत अधिनियम: विद्युत चोरी का सामान बरामद होने पर।
- धारा 138 विद्युत अधिनियत: मीटर से छेड़छाड़, काटे गए कनेक्शन को फिर जोड़ना।
- धारा 139 विद्युत अधिनियम: बिजली की बर्बादी करने जैसे मामलों में।
- धारा 140 विद्युत अधिनियम: बिजली के तार और अन्य उपकरण चोरी के मामले।
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