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विश्वविद्यालयों में अब प्रभावी होगी ई-गवर्नेंस
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Fri, 10 Jul 2015 01:42 AM IST
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झांसी। उत्तर प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में ई-गवर्नेंस प्रणाली को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। राजभवन की ओर से शैक्षणिक, प्रशासनिक कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता व समयबद्धता लाने के लिए सभी विश्वविद्यालयों में सशक्त वेब पोर्टल विकसित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। छह माह बाद लखनऊ में होने वाले सम्मेलन में राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को अपना ‘रिपोर्ट कार्ड’ प्रस्तुत करना होगा।
उत्तर प्रदेश में राज्यपाल का दायित्व संभालने के बाद से ही राम नाईक उच्च शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने के लिए प्रयासरत हैं। कई विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में आ रही गिरावट पर वह चिंता जता चुके हैं। चाहे दीक्षांत समारोह के समय से न होने की बात हो या रिजल्ट व शैक्षणिक सत्र में देरी की, हर मुद्दे पर राज्यपाल का रुख गंभीर रहा है। अब उन्होंने स्वयं विश्वविद्यालयों की बिगड़ी चाल को सुधारने की पहल कर दी है। इसी क्रम में राजभवन की ओर से सभी विश्वविद्यालयों को अपने-अपने यहां प्रभावी तरीके से ई-गवर्नेंस लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। तर्क दिया गया है कि काफी समय से विश्वविद्यालयों में शिक्षण, परीक्षा संचालन, मूल्यांकन, छात्रवृत्ति आदि कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता लाने की आवश्यकता महसूस हो रही है।
इसलिए राज्य विश्वविद्यालय सुदृढ़ वेब पोर्टल विकसित कर ई-गवर्नेंस प्रणाली प्रभावी तरह से लागू करें। इसके बाद संबद्धता, प्रवेश, पंजीकरण, मूल्यांकन आदि चीजें ऑनलाइन हो जाएंगी, जिससे पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। छह माह बाद होने वाले कुलपतियों के सम्मेलन में सभी विश्वविद्यालय विकसित की जा रही प्रणाली का सूक्ष्म प्रस्तुतीकरण कराएंगे। यहां यह बताना जरूरी है कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय(बीयू), झांसी में पहले से ही अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की जा चुकी हैं। छात्रों के चार्टों का डिजिटाइजेशन कर उनको ऑनलाइन करने वाली बुंदेलखंड विश्वविद्यालय देश की पहली यूनिवर्सिटी बन गई है।
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ये सेवाएं होंगी ऑनलाइन
-प्रवेश, पंजीकरण, संबद्धता व परीक्षा मूल्यांकन की कार्रवाई।
-मार्कशीट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, डिग्री, डिग्री सत्यापन आदि अभिलेख।
-दशमोत्तर छात्रवृत्ति प्रतिपूर्ति योजना के तहत पंजीकृत छात्रों एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का विवरण।
-विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त व संबद्ध कॉलेजों के पाठ्यक्रम, सीट संख्या व फीस का विवरण।
-छात्र क्रियाकलाप, ट्रेनिंग व प्लेसमेंट, पुस्तकालय सुविधा, ई-कंटेंट, वर्चुअल शिक्षण/प्रशिक्षण।
-प्रशासनिक कार्यों से संबंधित संरक्षण योग्य समस्त अभिलेखों का डिजिटाइजेशन कर ऑनलाइन करना।
-समस्त ऑनलाइन डाटा को दीर्घकाल तक संरक्षित रखने हेतु उपयुक्त तकनीकी के साथ वांछित भंडारण करना।
-शिक्षण सत्र के दौरान छात्रों से संबंधित समस्त शैक्षणिक कार्यों, छात्र फीडबैक, सेवायोजक फीड बैक, सतत व सत्रांत मूल्यांकन।
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उत्तर प्रदेश में राज्यपाल का दायित्व संभालने के बाद से ही राम नाईक उच्च शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने के लिए प्रयासरत हैं। कई विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में आ रही गिरावट पर वह चिंता जता चुके हैं। चाहे दीक्षांत समारोह के समय से न होने की बात हो या रिजल्ट व शैक्षणिक सत्र में देरी की, हर मुद्दे पर राज्यपाल का रुख गंभीर रहा है। अब उन्होंने स्वयं विश्वविद्यालयों की बिगड़ी चाल को सुधारने की पहल कर दी है। इसी क्रम में राजभवन की ओर से सभी विश्वविद्यालयों को अपने-अपने यहां प्रभावी तरीके से ई-गवर्नेंस लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। तर्क दिया गया है कि काफी समय से विश्वविद्यालयों में शिक्षण, परीक्षा संचालन, मूल्यांकन, छात्रवृत्ति आदि कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता लाने की आवश्यकता महसूस हो रही है।
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इसलिए राज्य विश्वविद्यालय सुदृढ़ वेब पोर्टल विकसित कर ई-गवर्नेंस प्रणाली प्रभावी तरह से लागू करें। इसके बाद संबद्धता, प्रवेश, पंजीकरण, मूल्यांकन आदि चीजें ऑनलाइन हो जाएंगी, जिससे पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। छह माह बाद होने वाले कुलपतियों के सम्मेलन में सभी विश्वविद्यालय विकसित की जा रही प्रणाली का सूक्ष्म प्रस्तुतीकरण कराएंगे। यहां यह बताना जरूरी है कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय(बीयू), झांसी में पहले से ही अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की जा चुकी हैं। छात्रों के चार्टों का डिजिटाइजेशन कर उनको ऑनलाइन करने वाली बुंदेलखंड विश्वविद्यालय देश की पहली यूनिवर्सिटी बन गई है।
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ये सेवाएं होंगी ऑनलाइन
-प्रवेश, पंजीकरण, संबद्धता व परीक्षा मूल्यांकन की कार्रवाई।
-मार्कशीट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, डिग्री, डिग्री सत्यापन आदि अभिलेख।
-दशमोत्तर छात्रवृत्ति प्रतिपूर्ति योजना के तहत पंजीकृत छात्रों एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का विवरण।
-विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त व संबद्ध कॉलेजों के पाठ्यक्रम, सीट संख्या व फीस का विवरण।
-छात्र क्रियाकलाप, ट्रेनिंग व प्लेसमेंट, पुस्तकालय सुविधा, ई-कंटेंट, वर्चुअल शिक्षण/प्रशिक्षण।
-प्रशासनिक कार्यों से संबंधित संरक्षण योग्य समस्त अभिलेखों का डिजिटाइजेशन कर ऑनलाइन करना।
-समस्त ऑनलाइन डाटा को दीर्घकाल तक संरक्षित रखने हेतु उपयुक्त तकनीकी के साथ वांछित भंडारण करना।
-शिक्षण सत्र के दौरान छात्रों से संबंधित समस्त शैक्षणिक कार्यों, छात्र फीडबैक, सेवायोजक फीड बैक, सतत व सत्रांत मूल्यांकन।