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कोरोना काल में बढ़ी पारिवारिक तकरार, घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोत्तरी
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झांसी। कोरोना काल में पारिवारिक तकरार बढ़ गईं हैं। खासतौर पर पति - पत्नी के बीच के रिश्तों में खटास आ गई है। इसका अंदाजा तेजी से बढ़ते घरेलू हिंसा के मामलों को देखकर लगाया जा सकता है। जिला प्रोबेशन कार्यालय में पिछले तीन माह के भीतर ही घरेलू हिंसा के 97 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से कई मामलों में तो विवाद की जड़ में वर्क फ्रॉम होम व कोविड महामारी सामने आई है। इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्यों से हुए मनमुटाव ने भी पति-पत्नी के बीच दूरी बनाने का काम किया है।
कोविड - 19 महामारी ने लोगों के जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। लोगों की सेहत पर ये महामारी भारी साबित हुई है और कई परिवारों को भी इसने उजाड़ दिया है। इतना ही नहीं, महामारी की वजह से लोगों की दिनचर्या भी बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। इसका असर आपसी रिश्तों पर भी पड़ रहा है। लगातार घर में समय बिताने की वजह से पति - पत्नी के बीच झगड़े के मामले बढ़े हैं। सामान्य नोकझोंक से शुरू हुई बात मारपीट तक पहुंचने लगी है। घर की चारदीवारी के बीच का झगड़े अब दहलीज लांघकर बाहर आने लगे हैं। जिला प्रोबेशन कार्यालय में रोजाना एक से अधिक घरेलू हिंसा के मामले पहुंच रहे हैं। पिछले साल शुरू हुए कोरोना काल के दौरान इनमें तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि साल 2019-20 में जहां 169 मामले आए थे, तो वहीं 2020-21 में इनकी संख्या बढ़कर 197 पर पहुंच गई। जबकि, पिछले तीन महीने से कम समय में ही रिकॉर्ड 97 मामले यहां घरेलू हिंसा के दर्ज किए गए।
केस - 1
ससुराल से नहीं करना वर्क फ्रॉम होम
झांसी। झांसी का एक दंपती दिल्ली की आईटी कंपनी में पिछले छह साल से काम कर रहे हैं। दोनों दिल्ली में ही रहते हैं। कोरोना काल में कंपनी द्वारा मार्च 2020 से वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी गई है। पति ने पत्नी के समक्ष प्रस्ताव रखा कि झांसी में रहकर घर से काम करते रहेंगे। लेकिन, पत्नी ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उसका कहना था कि वो दिल्ली में ही रहकर घर से काम करेगी। पति को भी उसने झांसी न जाने के लिए कह दिया। इसे लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया, नौबत मारपीट तक जा पहुंची। बाद में कुछ दिन के लिए पत्नी झांसी अपने ससुराल आई, लेकिन बाद में दिल्ली लौट गई। जबकि, पति झांसी में ही है। पत्नी का कहना है कि वो अपनी ससुराल में रहकर कंपनी का काम नहीं कर सकती है। घर के काम का बोझ भी उस पर डाल दिया जाता है। ऐसे में कंपनी का काम प्रभावित होता है। जबकि, पति ने पत्नी की इस दलील को झूठ बताया।
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केस - 2
पत्नी पर कोरोना फैलाने का शक
झांसी। जिला प्रोबेशन कार्यालय में घरेलू हिंसा के एक मामले में पति ने पत्नी पर उसके घर में कोरोना महामारी फैलाने का शक जताया है। पति का कहना है कि उसकी पत्नी अप्रैल में अपने मायके गई थी। मायके में उसकी मां और भाई को कोरोना हो गया था। लेकिन, ये बात वो छुपाए रही और वापस लौटकर ससुराल आ गई। इसके एक सप्ताह बाद पत्नी को कोरोना हो गया, उससे वो खुद और परिवार के अन्य सदस्य भी पॉजिटिव हो गए। इस मसले पर दोनों के बीच विवाद हो गया। वहीं, पत्नी का अलग ही कहना है। उसका कहना है कि कोरोना पॉजिटिव होने के बाद ससुराल में उसकी देखरेख नहीं की गई। ऐसे में उसे मायके जाना पड़ा। उसके मायके जाने से मां और भाई भी संक्रमित हो गए थे। फिलहाल दोनों को समझाबुझाकर सुलह कराने की कोशिश की जा रही है।
केस - 3
बढ़ गया घर का काम, नहीं मिल रहा आराम
झांसी। घरेलू हिंसा के एक मामले में पत्नी ने आरोप लगाया है कि उसके परिवार में पति समेत सात सदस्य हैं। पहले कपड़े धोने, बर्तन मांजने व झाड़ू-पोछे लिए काम वाली आतीं थीं। लेकिन, पिछले कोरोना काल में ये हटा दी गईं थीं। कोरोना खत्म होने के बाद भी उन्हें वापस नहीं बुलाया गया। उसे ही पूरे घर का काम करना पड़ता है। इसे लेकर घर में आए दिन विवाद होता है। वहीं, पति ने तर्क दिया कि उसके माता-पिता बुजुर्ग हैं और बीमार रहते हैं। साथ ही छोटे बच्चे भी हैं। बच्चों और बुुजुर्गों को संक्रमण से बचाने के लिए बाहरी लोगों का घर में प्रवेश पूरी तरह से बंद कर रखा है। घर काम में मैं रोजाना हाथ बटाता हूं। कोरोना का खतरा खत्म होने पर फिर से काम वाली लगा ली जाएंगी। फिलहाल, एक ही छत के नीचे रहकर दोनों के बीच तकरार जारी है। जिला प्रोबेशन कार्यालय में उनकी लगातार काउंसलिंग की जा रही है।
केस - 4
पति के मोबाइल में सामने आई ‘वो’
झांसी। पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके पति के किसी दूसरी महिला से संबंध हैं, इसका शक उसे पहले से ही था। रोजाना वे ऑफिस से देर से लौटते थे और छु्ट्टी के दिन भी गायब रहते थे। लेकिन, लॉकडाउन में वे घर से बाहर नहीं निकल पाए। ऐसे में छत पर जाकर घंटों मोबाइल पर बात किया करते थे। वीडियो कॉल भी होती थी। पूछने पर ऑफिस की बातचीत होना बताते थे। लेकिन, एक दिन उनका मोबाइल देखा तो सब सामने आ गया। वे एक महिला से घंटों बातचीत करते थे। विरोध करने पर मारपीट पर आमादा हो गए। फिलहाल पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके आ गई है। जिला प्रोबेशन कार्यालय में पति को भी अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।
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कोविड - 19 महामारी ने लोगों के जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। लोगों की सेहत पर ये महामारी भारी साबित हुई है और कई परिवारों को भी इसने उजाड़ दिया है। इतना ही नहीं, महामारी की वजह से लोगों की दिनचर्या भी बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। इसका असर आपसी रिश्तों पर भी पड़ रहा है। लगातार घर में समय बिताने की वजह से पति - पत्नी के बीच झगड़े के मामले बढ़े हैं। सामान्य नोकझोंक से शुरू हुई बात मारपीट तक पहुंचने लगी है। घर की चारदीवारी के बीच का झगड़े अब दहलीज लांघकर बाहर आने लगे हैं। जिला प्रोबेशन कार्यालय में रोजाना एक से अधिक घरेलू हिंसा के मामले पहुंच रहे हैं। पिछले साल शुरू हुए कोरोना काल के दौरान इनमें तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि साल 2019-20 में जहां 169 मामले आए थे, तो वहीं 2020-21 में इनकी संख्या बढ़कर 197 पर पहुंच गई। जबकि, पिछले तीन महीने से कम समय में ही रिकॉर्ड 97 मामले यहां घरेलू हिंसा के दर्ज किए गए।
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केस - 1
ससुराल से नहीं करना वर्क फ्रॉम होम
झांसी। झांसी का एक दंपती दिल्ली की आईटी कंपनी में पिछले छह साल से काम कर रहे हैं। दोनों दिल्ली में ही रहते हैं। कोरोना काल में कंपनी द्वारा मार्च 2020 से वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी गई है। पति ने पत्नी के समक्ष प्रस्ताव रखा कि झांसी में रहकर घर से काम करते रहेंगे। लेकिन, पत्नी ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उसका कहना था कि वो दिल्ली में ही रहकर घर से काम करेगी। पति को भी उसने झांसी न जाने के लिए कह दिया। इसे लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया, नौबत मारपीट तक जा पहुंची। बाद में कुछ दिन के लिए पत्नी झांसी अपने ससुराल आई, लेकिन बाद में दिल्ली लौट गई। जबकि, पति झांसी में ही है। पत्नी का कहना है कि वो अपनी ससुराल में रहकर कंपनी का काम नहीं कर सकती है। घर के काम का बोझ भी उस पर डाल दिया जाता है। ऐसे में कंपनी का काम प्रभावित होता है। जबकि, पति ने पत्नी की इस दलील को झूठ बताया।
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केस - 2
पत्नी पर कोरोना फैलाने का शक
झांसी। जिला प्रोबेशन कार्यालय में घरेलू हिंसा के एक मामले में पति ने पत्नी पर उसके घर में कोरोना महामारी फैलाने का शक जताया है। पति का कहना है कि उसकी पत्नी अप्रैल में अपने मायके गई थी। मायके में उसकी मां और भाई को कोरोना हो गया था। लेकिन, ये बात वो छुपाए रही और वापस लौटकर ससुराल आ गई। इसके एक सप्ताह बाद पत्नी को कोरोना हो गया, उससे वो खुद और परिवार के अन्य सदस्य भी पॉजिटिव हो गए। इस मसले पर दोनों के बीच विवाद हो गया। वहीं, पत्नी का अलग ही कहना है। उसका कहना है कि कोरोना पॉजिटिव होने के बाद ससुराल में उसकी देखरेख नहीं की गई। ऐसे में उसे मायके जाना पड़ा। उसके मायके जाने से मां और भाई भी संक्रमित हो गए थे। फिलहाल दोनों को समझाबुझाकर सुलह कराने की कोशिश की जा रही है।
केस - 3
बढ़ गया घर का काम, नहीं मिल रहा आराम
झांसी। घरेलू हिंसा के एक मामले में पत्नी ने आरोप लगाया है कि उसके परिवार में पति समेत सात सदस्य हैं। पहले कपड़े धोने, बर्तन मांजने व झाड़ू-पोछे लिए काम वाली आतीं थीं। लेकिन, पिछले कोरोना काल में ये हटा दी गईं थीं। कोरोना खत्म होने के बाद भी उन्हें वापस नहीं बुलाया गया। उसे ही पूरे घर का काम करना पड़ता है। इसे लेकर घर में आए दिन विवाद होता है। वहीं, पति ने तर्क दिया कि उसके माता-पिता बुजुर्ग हैं और बीमार रहते हैं। साथ ही छोटे बच्चे भी हैं। बच्चों और बुुजुर्गों को संक्रमण से बचाने के लिए बाहरी लोगों का घर में प्रवेश पूरी तरह से बंद कर रखा है। घर काम में मैं रोजाना हाथ बटाता हूं। कोरोना का खतरा खत्म होने पर फिर से काम वाली लगा ली जाएंगी। फिलहाल, एक ही छत के नीचे रहकर दोनों के बीच तकरार जारी है। जिला प्रोबेशन कार्यालय में उनकी लगातार काउंसलिंग की जा रही है।
केस - 4
पति के मोबाइल में सामने आई ‘वो’
झांसी। पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके पति के किसी दूसरी महिला से संबंध हैं, इसका शक उसे पहले से ही था। रोजाना वे ऑफिस से देर से लौटते थे और छु्ट्टी के दिन भी गायब रहते थे। लेकिन, लॉकडाउन में वे घर से बाहर नहीं निकल पाए। ऐसे में छत पर जाकर घंटों मोबाइल पर बात किया करते थे। वीडियो कॉल भी होती थी। पूछने पर ऑफिस की बातचीत होना बताते थे। लेकिन, एक दिन उनका मोबाइल देखा तो सब सामने आ गया। वे एक महिला से घंटों बातचीत करते थे। विरोध करने पर मारपीट पर आमादा हो गए। फिलहाल पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके आ गई है। जिला प्रोबेशन कार्यालय में पति को भी अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।