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बीयू : कोरोना वायरस के दौर में विदेशी छात्र ने लिया प्रवेश
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झांसी। कोरोना वायरस के दौर में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में विदेशी छात्र के प्रवेश का खाता खुल गया है। बांग्लादेश के एक छात्र ने फिजियोथैरेपी कोर्स में प्रवेश लिया है। यह कोर्स साढ़े चार साल का होता है, जो कि यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी से मान्यता प्राप्त है।
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी ने विदेशी छात्रों के प्रवेश के लिए पिछले साल अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी केंद्र की स्थापना की थी। कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने बताया कि केंद्र का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की पहचान बनाना है। विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश से विश्वविद्यालय को विश्व व्यापी प्रतिष्ठा के साथ-साथ बीयू छात्रों को दूसरे देशों की संस्कृति से भी सीखने का मौका मिलेगा। विदेशी छात्रों के प्रवेश से विश्वविद्यालय की यूजीसी-नैक रैंकिंग भी सुधरेगी। केंद्र के कार्यकलापों का एक पेज विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दर्शाया गया है। ताकि, छात्रों को आसानी से सूचनाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में भी बीयू में एक विदेशी छात्र ने प्रवेश लिया है। फिजियोथैरेपी का कोर्स करने के लिए बांग्लादेश से एक छात्र बीयू आया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में अन्य देशों के विद्यार्थी भी बीयू में पढ़ने के लिए आएंगे।
हर कोर्स में पांच फीसदी सीटें
बीयू ने हर पाठ्यक्रम में पांच फीसदी सीटें अतिरिक्त रूप से विदेशी छात्रों के लिए आरक्षित की गई हैं। विदेशी छात्रों के लिए पाठ्यक्रम एवं छात्रावास फीस सामान्य से लगभग डेढ़ से दोगुनी अधिक रखी गई है। ताकि, विश्वविद्यालय को अतिरिक्त आय हो सके।
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी ने विदेशी छात्रों के प्रवेश के लिए पिछले साल अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी केंद्र की स्थापना की थी। कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने बताया कि केंद्र का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की पहचान बनाना है। विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश से विश्वविद्यालय को विश्व व्यापी प्रतिष्ठा के साथ-साथ बीयू छात्रों को दूसरे देशों की संस्कृति से भी सीखने का मौका मिलेगा। विदेशी छात्रों के प्रवेश से विश्वविद्यालय की यूजीसी-नैक रैंकिंग भी सुधरेगी। केंद्र के कार्यकलापों का एक पेज विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दर्शाया गया है। ताकि, छात्रों को आसानी से सूचनाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में भी बीयू में एक विदेशी छात्र ने प्रवेश लिया है। फिजियोथैरेपी का कोर्स करने के लिए बांग्लादेश से एक छात्र बीयू आया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में अन्य देशों के विद्यार्थी भी बीयू में पढ़ने के लिए आएंगे।
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हर कोर्स में पांच फीसदी सीटें
बीयू ने हर पाठ्यक्रम में पांच फीसदी सीटें अतिरिक्त रूप से विदेशी छात्रों के लिए आरक्षित की गई हैं। विदेशी छात्रों के लिए पाठ्यक्रम एवं छात्रावास फीस सामान्य से लगभग डेढ़ से दोगुनी अधिक रखी गई है। ताकि, विश्वविद्यालय को अतिरिक्त आय हो सके।
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