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रुक-रुक कर हुई बारिश से मौसम सुहावना
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बृहस्पतिवार को सारे दिन मौसम सुहावना बना रहा।
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रुक-रुक कर हुई बारिश से मौसम सुहावना
झांसी। महानगर में रुक- रुक कर हुई बारिश से बृहस्पतिवार को मौसम सुहावना बना रहा। गर्मी और उमस झेल रहे लोगों ने बदले मौसम का भरपूर आनंद लिया। पार्क, खेल मैदान और बाजारों में रौनक बनी रही। तापमान में भी नौ डिग्री गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह अच्छी बारिश की संभावना है।
बुधवार की शाम हुई झमाझम बारिश का असर दूसरे दिन भी बना रहा। रात में हर घंटे रुक- रुक कर तेज और हल्की बारिश होती रही। यह सिलसिला बृहस्पतिवार की सुबह तक बना रहा। सुबह दस बजे मौसम साफ हो गया, लेकिन धूप न निकलने से दिन भर मौसम सुहावना बना रहा। गर्मी और उमस से जो लोग घर से नहीं निकल रहे थे, वह बदले मौसम से आनंदित होते रहे। पार्क हो या खेल मैदान, बाजार हो या चाय की दुकान सभी जगह भीड़ बनी रही। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कृषि मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. मुकेश चंद्र ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक मौसम का यही मिजाज रहने के आसार हैं। घने बादल छाए रहेंगे और मध्यम व तेज बारिश होगी। इससे तापमान में और भी कमी आएगी।
मालूम हो कि इस बार मानसून ने समय पर दस्तक दे दी थी। जून आखिर में बारिश की शुरुआत हो गई थी और जुलाई की शुरुआत में भी मेघ मेहरबान रहे। नौ जुलाई को अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन इसके बाद बारिश रूठ गई और मौसम का मिजाज एकदम बदल गया था। पिछले एक पखवाड़े से दिन भर तीखी धूप खिल रही थी। आद्रता का स्तर बढ़ा होने से लोगों का पसीने से हाल बेहाल बना हुआ था। न घर के भीतर चैन मिल पा रहा था और न ही बाहर सुकून। लोग टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे थे।
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पारीछा बांध में छोड़ा गया पानी
जनपद में बुधवार की शाम और रात में हुई बारिश के बाद आंकड़ा 356 मिलीमीटर पर पहुंच गया है। वहीं, जलस्तर पर बढ़ने पर पारीछा बांध से बेतवा नहर में पांच सौ क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया। किसान इस पानी का उपयोग धान की फसल की बुआई में कर सकेंगे।
महानगर में बुधवार की शाम से बृहस्पतिवार की सुबह तक 25 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के हिसाब से अभी झांसी जनपद में 356 मिलीमीटर, जालौन में 120 मिलीमीटर व ललितपुर में 170 मिलीमीटर वर्षा अब तक हो चुकी है। हालांकि, बांधों के जलस्तर में अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है। झांसी और ललितपुर में सिंचाई व पेयजल के सबसे बड़े स्रोत राजघाट और माताटीला बांध खाली पड़े हैं। इन दोनों बांधों का जलस्तर मध्य प्रदेश के भोपाल और आसपास क्षेत्रों में बारिश होने के बाद ही बढ़ता है। मगर, मध्य प्रदेश में अभी भी बारिश थमी हुई है, जिससे ये बांध खाली पड़े हैं। राजघाट बांध 32 फीट और माताटीला बांध 23 फीट खाली है। ऐसी ही स्थिति ढुकुवां, डोंगरी, पहूज, खपरार, सपरार, पहाड़ी, लहचूरा, बड़वार, पथरई, सिजार, लखेरी व कुरार बांध की बनी है।
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झांसी। महानगर में रुक- रुक कर हुई बारिश से बृहस्पतिवार को मौसम सुहावना बना रहा। गर्मी और उमस झेल रहे लोगों ने बदले मौसम का भरपूर आनंद लिया। पार्क, खेल मैदान और बाजारों में रौनक बनी रही। तापमान में भी नौ डिग्री गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह अच्छी बारिश की संभावना है।
बुधवार की शाम हुई झमाझम बारिश का असर दूसरे दिन भी बना रहा। रात में हर घंटे रुक- रुक कर तेज और हल्की बारिश होती रही। यह सिलसिला बृहस्पतिवार की सुबह तक बना रहा। सुबह दस बजे मौसम साफ हो गया, लेकिन धूप न निकलने से दिन भर मौसम सुहावना बना रहा। गर्मी और उमस से जो लोग घर से नहीं निकल रहे थे, वह बदले मौसम से आनंदित होते रहे। पार्क हो या खेल मैदान, बाजार हो या चाय की दुकान सभी जगह भीड़ बनी रही। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कृषि मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. मुकेश चंद्र ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक मौसम का यही मिजाज रहने के आसार हैं। घने बादल छाए रहेंगे और मध्यम व तेज बारिश होगी। इससे तापमान में और भी कमी आएगी।
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मालूम हो कि इस बार मानसून ने समय पर दस्तक दे दी थी। जून आखिर में बारिश की शुरुआत हो गई थी और जुलाई की शुरुआत में भी मेघ मेहरबान रहे। नौ जुलाई को अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन इसके बाद बारिश रूठ गई और मौसम का मिजाज एकदम बदल गया था। पिछले एक पखवाड़े से दिन भर तीखी धूप खिल रही थी। आद्रता का स्तर बढ़ा होने से लोगों का पसीने से हाल बेहाल बना हुआ था। न घर के भीतर चैन मिल पा रहा था और न ही बाहर सुकून। लोग टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे थे।
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पारीछा बांध में छोड़ा गया पानी
जनपद में बुधवार की शाम और रात में हुई बारिश के बाद आंकड़ा 356 मिलीमीटर पर पहुंच गया है। वहीं, जलस्तर पर बढ़ने पर पारीछा बांध से बेतवा नहर में पांच सौ क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया। किसान इस पानी का उपयोग धान की फसल की बुआई में कर सकेंगे।
महानगर में बुधवार की शाम से बृहस्पतिवार की सुबह तक 25 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के हिसाब से अभी झांसी जनपद में 356 मिलीमीटर, जालौन में 120 मिलीमीटर व ललितपुर में 170 मिलीमीटर वर्षा अब तक हो चुकी है। हालांकि, बांधों के जलस्तर में अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है। झांसी और ललितपुर में सिंचाई व पेयजल के सबसे बड़े स्रोत राजघाट और माताटीला बांध खाली पड़े हैं। इन दोनों बांधों का जलस्तर मध्य प्रदेश के भोपाल और आसपास क्षेत्रों में बारिश होने के बाद ही बढ़ता है। मगर, मध्य प्रदेश में अभी भी बारिश थमी हुई है, जिससे ये बांध खाली पड़े हैं। राजघाट बांध 32 फीट और माताटीला बांध 23 फीट खाली है। ऐसी ही स्थिति ढुकुवां, डोंगरी, पहूज, खपरार, सपरार, पहाड़ी, लहचूरा, बड़वार, पथरई, सिजार, लखेरी व कुरार बांध की बनी है।