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डॉ. आरती लालचंदानी नहीं आएंगी झांसी, डीजी ऑफिस की गईं संबद्ध
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मेडिकल कॉलेज
- फोटो : ?????? ?????
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य पद पर तबादला की गईं कानपुर की डॉ. आरती लालचंदानी को चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय से संबद्ध कर दिया गया है। इसके साथ ही अब यह तय हो गया है कि डॉ. लालचंदानी झांसी ज्वाइन नहीं करेंगी। तब्लीगी जमातियों पर टिप्पणी का वीडियो वायरल होने के बाद उनका तबादला आदेश जारी हुआ था।
संक्रमित मिले तब्लीगी जमातियों को 4 अप्रैल को हैलट में भर्ती कराया गया था। तब इन पर पैरा मेडिकल स्टाफ का सहयोग न करने, दवाएं फेंकने, थूकने के आरोप लगे थे। इसी प्रकरण को लेकर डॉ. लालचंदानी की टिप्पणी का वीडियो 70 दिन बाद वायरल हो गया था। मामला बढ़ने पर उनका तबादला झांसी कर दिया गया लेकिन शासन ने आदेश जारी नहीं किया। उन्होंने झांसी जाने से मना कर दिया और नौकरी तक छोड़ने के संकेत दिए। इस पर शासन ने डीएम को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी। एडीएम और एसपी क्राइम ने जांच की।
डीएम की रिपोर्ट पर बुधवार देर रात शासन का आदेश आने के बाद तड़के पौने तीन बजे कैंपस प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार ने कार्यालय खुलवाया। इसके बाद डॉ. लालचंदानी ने डॉ. आरबी कमल को कार्यभार सौंपा। यह प्रक्रिया सुबह चार बजे तक चली। एसीएम और क्षेत्राधिकारी स्वरूपनगर ने डॉ. लालचंदानी को महानिदेशक कार्यालय से संबद्ध किए जाने संबंधी आदेश तामील करवाया। उनके डीजी कार्यालय संबद्ध होने के बाद अब यह तय हो गया है कि वह झांसी नहीं आएंगी।
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शासन से सिफारिशें काम न आईं
डॉ. लालचंदानी का तबादला रुकवाने के लिए तमाम संगठन लामबंद हुए थे। इसके लिए डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन तक भेजा गया था। कुछ मुस्लिम संगठनों ने भी उनका पक्ष लिया था। साथ ही उन्हें कोरोना वॉरियर के रूप में सम्मानित किया गया। इसके बावजूद उनका तबादला रद्द नहीं हुआ।
डॉ. आरती ने भी आधी रात लिया था चार्ज
डॉ. आरती लालचंदानी ने भी वर्ष 2018 में आधी रात को ही चार्ज लिया था। शासन से उनकी नियुक्ति का आदेश रात में ही जारी हुआ था। उन्होंने तब डॉ. नवनीत कुमार से प्राचार्य का चार्ज लिया था।
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संक्रमित मिले तब्लीगी जमातियों को 4 अप्रैल को हैलट में भर्ती कराया गया था। तब इन पर पैरा मेडिकल स्टाफ का सहयोग न करने, दवाएं फेंकने, थूकने के आरोप लगे थे। इसी प्रकरण को लेकर डॉ. लालचंदानी की टिप्पणी का वीडियो 70 दिन बाद वायरल हो गया था। मामला बढ़ने पर उनका तबादला झांसी कर दिया गया लेकिन शासन ने आदेश जारी नहीं किया। उन्होंने झांसी जाने से मना कर दिया और नौकरी तक छोड़ने के संकेत दिए। इस पर शासन ने डीएम को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी। एडीएम और एसपी क्राइम ने जांच की।
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डीएम की रिपोर्ट पर बुधवार देर रात शासन का आदेश आने के बाद तड़के पौने तीन बजे कैंपस प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार ने कार्यालय खुलवाया। इसके बाद डॉ. लालचंदानी ने डॉ. आरबी कमल को कार्यभार सौंपा। यह प्रक्रिया सुबह चार बजे तक चली। एसीएम और क्षेत्राधिकारी स्वरूपनगर ने डॉ. लालचंदानी को महानिदेशक कार्यालय से संबद्ध किए जाने संबंधी आदेश तामील करवाया। उनके डीजी कार्यालय संबद्ध होने के बाद अब यह तय हो गया है कि वह झांसी नहीं आएंगी।
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शासन से सिफारिशें काम न आईं
डॉ. लालचंदानी का तबादला रुकवाने के लिए तमाम संगठन लामबंद हुए थे। इसके लिए डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन तक भेजा गया था। कुछ मुस्लिम संगठनों ने भी उनका पक्ष लिया था। साथ ही उन्हें कोरोना वॉरियर के रूप में सम्मानित किया गया। इसके बावजूद उनका तबादला रद्द नहीं हुआ।
डॉ. आरती ने भी आधी रात लिया था चार्ज
डॉ. आरती लालचंदानी ने भी वर्ष 2018 में आधी रात को ही चार्ज लिया था। शासन से उनकी नियुक्ति का आदेश रात में ही जारी हुआ था। उन्होंने तब डॉ. नवनीत कुमार से प्राचार्य का चार्ज लिया था।