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टेंडर पर अटक गया डबल ट्रैक का काम

Wed, 19 Jul 2017 12:41 AM IST
amarujala
amarujala Updated Wed, 19 Jul 2017 12:41 AM IST
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 Double track work stuck on tender
railway jahnsi news - फोटो : demo
झांसी।
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रेल विकास निगत लिमिटेड झांसी- कानपुर डबल ट्रैक पर एक कंपनी का ठेका निरस्त होने के तीन महीने बाद भी नए सिरे से टेंडर के लिए प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकी है।  इससे काम की गति धीमी पड़ती जा रही है।  काम अब दो से ढाई साल और विलंब से पूरा होने की संभावना है। अभी यह काम जून 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य था। इसके अलावा शहर के और भी कई विकास कार्य ठप हैं। कहीं बजट आड़े आ रहा है तो कहीं बालू उपलब्ध नहीं है।
रेल बजट 2013-14 में झांसी-कानपुर डबल ट्रैैक के लिए 817 करोड़ रुपये स्वीकृत हुई हैं। इसमें झांसी-भीमसेन के  बीच 206 किलोमीटर तक काम होना है। इसकी जिम्मेदारी रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को सौंपी गई है। इसने यह काम तीन कंपनियों को सौंपा है। झांसी से एरच रोड स्टेशन (66 किलोमीटर) तक 265 करोड़ का काम मुंबई की कंपनी जीएमआर, एरच रोड से ऊसरगांव (70 किलोमीटर) तक 288 करोड़ का काम बंगलूरू की कंपनी केईसी को और ऊसरगांव से भीमसेन (69 किलोमीटर) तक का 264 करोड़ का काम हैदराबाद की कंपनी एसईडब्लू को सौंपा गया है। डबल ट्रैक को पूरा करने का लक्ष्य जून-2018 तय किया गया है। मुंबई और बंगलूरू की कंपनियां अपने हिस्से का 70 फीसदी काम पूरा कर चुकी हैं। जबकि, हैदराबाद की कंपनी काम बेहद धीमा चल रहा था। यह कंपनी तीन साल में 70 में 20 किलोमीटर भी पटरी बिछाने का काम पूरा नहीं कर सकी है। इस कारण रेल विकास निगम लिमिटेड ने अप्रैल में हैदराबाद की कंपनी का टेंडर निरस्त कर दिया गया था। मगर, तीन माह बाद भी नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इससे काम पिछड़ता जा रहा है। 
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‘भीमसेन और ऊसरगांव स्टेशन के बीच डबल ट्रैक का काम तय समय पर पूरा हो सके, इसके लिए जल्द ही नया टेंडर निकाला जाएगा।
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी रेलवे।

पारीछा तक भी लाइन क्लीयर नहीं 
उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक मूलचंद्र चौहान ने झांसी-कानपुर डबल ट्रैक का 21 किलोमीटर हिस्सा (झांसी से पारीछा तक ट्रैक) जून महीने में चालू होने की बात कही थी, लेकिन अभी तक संचालन शुरू नहीं हो सका है। अभी इसमें दो- तीन महीने और लग सकते हैं। मालूम हो कि, झांसी होकर हर रोज पारीछा थर्मल पावर हाउस कोयले से भरी मालगाड़ियां जाती हैं। अभी सिंगल लाइन होने के कारण मालगाड़ियों को निकालते समय अन्य ट्रेनों को रास्ते के स्टेशनों पर खड़ा करना पड़ता है। पारीछा तक डबल ट्रैक शुरू होने पर अन्य ट्रेनों का संचालन तेज हो जाएगा। 
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ये विकास कार्य भी ठप
- मेडिकल कॉलेज में पांच सौ बेड का अस्पताल
- सीपरी बाजार में ओवरब्रिज का निर्माण।
- दिगारा में निर्माणाधीन सैनिक स्कूल।
- गल्ला मंडी और हाइडिल कॉलोनी में सबस्टेशन
- शहर की तमाम सड़क, नालियों के काम भी ठप।
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