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Jhansi News: मंत्री के सामने उठा भ्रष्टाचार का मुद्दा, समस्याएं भी गूंजीं
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- किसी ने अधिकारी पर दुर्व्यवहार, किसी ने मंत्री से मिलने की जिद पर किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में बृहस्पतिवार को मंत्री के सामने किसानों ने एक तरफ भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया तो दूसरी तरफ समस्याएं भी बताईं। किसी किसान ने अधिकारी पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया तो किसी ने मंत्री से मिलने की जिद को लेकर हंगामा किया।
बबीना ब्लॉक की वती परिहार ने कहा कि उन्हें न तो आवास मिला है और न ही शौचालय बना है। मगर कागजों में ये सब बन गए हैं। ललितपुर के किसान ऊधम सिंह पटेल ने कहा कि कृषि से जुड़े क्लस्टर में 98 लाख के घोटाले की पुष्टि भी हो चुकी है। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाया कि बीमा कंपनी ने पिछले साल घोटाला किया है। इसलिए फसल बीमा का पैसा 31 जुलाई तक खाते से कटने के बाद 31 अगस्त तक बीमा पॉलिसी की रसीद भी मिल जाए। बोले कि किसानों का केसीसी नंबर जीवनभर एक ही होना चाहिए।
चित्रकूट के कर्वी के स्वतंत्र कुमार ने किसानों की जरूरत के हिसाब से योजनाएं लाई जाएं। भाकियू के अविनाश भार्गव ने मंत्री को प्रार्थनापत्र देकर कहा कि गढ़मऊ में 70 हेक्टेअर भूमि पर जल रिसाव के कारण रबी की फसल नहीं हो पाती है। उन्होंने पक्की नहर बनवाने की मांग की। संगोष्ठी में कुछ किसान एक अधिकारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए भड़क गए। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें शांत कराया।
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किसानों ने रखी राय
.........................
जिला स्तर पर ही सोलर प्लांट को ठीक करने का मेकेनिक होना चाहिए। खेत तालाब योजना का पैसा भी दो साल से नहीं मिला है। - फूल सिंह।
सात एकड़ में से एक एकड़ में मैं प्राकृतिक खेती करता हूं। इसमें बहुत अधिक खर्च नहीं आता है। मेरी आय भी दोगुनी हुई है। - राजबहादुर।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में बृहस्पतिवार को मंत्री के सामने किसानों ने एक तरफ भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया तो दूसरी तरफ समस्याएं भी बताईं। किसी किसान ने अधिकारी पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया तो किसी ने मंत्री से मिलने की जिद को लेकर हंगामा किया।
बबीना ब्लॉक की वती परिहार ने कहा कि उन्हें न तो आवास मिला है और न ही शौचालय बना है। मगर कागजों में ये सब बन गए हैं। ललितपुर के किसान ऊधम सिंह पटेल ने कहा कि कृषि से जुड़े क्लस्टर में 98 लाख के घोटाले की पुष्टि भी हो चुकी है। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाया कि बीमा कंपनी ने पिछले साल घोटाला किया है। इसलिए फसल बीमा का पैसा 31 जुलाई तक खाते से कटने के बाद 31 अगस्त तक बीमा पॉलिसी की रसीद भी मिल जाए। बोले कि किसानों का केसीसी नंबर जीवनभर एक ही होना चाहिए।
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चित्रकूट के कर्वी के स्वतंत्र कुमार ने किसानों की जरूरत के हिसाब से योजनाएं लाई जाएं। भाकियू के अविनाश भार्गव ने मंत्री को प्रार्थनापत्र देकर कहा कि गढ़मऊ में 70 हेक्टेअर भूमि पर जल रिसाव के कारण रबी की फसल नहीं हो पाती है। उन्होंने पक्की नहर बनवाने की मांग की। संगोष्ठी में कुछ किसान एक अधिकारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए भड़क गए। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें शांत कराया।
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जिला स्तर पर ही सोलर प्लांट को ठीक करने का मेकेनिक होना चाहिए। खेत तालाब योजना का पैसा भी दो साल से नहीं मिला है। - फूल सिंह।
सात एकड़ में से एक एकड़ में मैं प्राकृतिक खेती करता हूं। इसमें बहुत अधिक खर्च नहीं आता है। मेरी आय भी दोगुनी हुई है। - राजबहादुर।