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जन स्वास्थ्य प्रबंधन में डिप्लोमा करेंगे डॉक्टर
झांसी / ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2015 12:24 AM IST
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सरकारी डॉक्टरों को जन स्वास्थ्य प्रबंधन में एक साल का स्नातकोत्तर (पीजी) डिप्लोमा करना होगा। कोर्स के लिए 20 जून तक आवेदन मांगे गए हैं। एमबीबीएस डिग्री वाले चिकित्सक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। जन स्वास्थ्य गतिविधियों में रुचि उत्पन्न करने व विषम हालातों को संभालने हेतु ट्रेनिंग के लिए भारत सरकार ने पीजी कोर्स शुरू किया है।
गौरतलब है कि जन स्वास्थ्य गतिविधियों में सरकारी चिकित्सकों द्वारा रुचि न लेने से शासन चिंतित है। डॉक्टरों द्वारा विषम परिस्थितियों को नहीं संभाल पाने के कारण अकसर विवाद की स्थिति बन जाती है। इसी क्रम में जन स्वास्थ्य गतिविधियों की जानकारी हेतु भारत सरकार ने पीजी कोर्स शुरू किया किया है। इसमें एमबीबीएस चिकित्सक प्रवेश ले सकेंगे। इसके लिए हर साल प्रदेश के दस चिकित्सकों को डिप्लोमा के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान भेजा जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रति डॉक्टर पर आने वाले खर्च 2.75 लाख का वहन करेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान के डायरेक्टर ने प्रमुख सचिव को इस संबंध में पत्र भेजकर डॉक्टरों की सूची मांगी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि पत्र प्राप्त हो गया है। सभी डॉक्टरों को इसकी जानकारी भी दे दी गई है।
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गौरतलब है कि जन स्वास्थ्य गतिविधियों में सरकारी चिकित्सकों द्वारा रुचि न लेने से शासन चिंतित है। डॉक्टरों द्वारा विषम परिस्थितियों को नहीं संभाल पाने के कारण अकसर विवाद की स्थिति बन जाती है। इसी क्रम में जन स्वास्थ्य गतिविधियों की जानकारी हेतु भारत सरकार ने पीजी कोर्स शुरू किया किया है। इसमें एमबीबीएस चिकित्सक प्रवेश ले सकेंगे। इसके लिए हर साल प्रदेश के दस चिकित्सकों को डिप्लोमा के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान भेजा जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रति डॉक्टर पर आने वाले खर्च 2.75 लाख का वहन करेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान के डायरेक्टर ने प्रमुख सचिव को इस संबंध में पत्र भेजकर डॉक्टरों की सूची मांगी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि पत्र प्राप्त हो गया है। सभी डॉक्टरों को इसकी जानकारी भी दे दी गई है।
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