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नल की टोंटी न निकालें, पानी बेकार बह रहा हो तो बंद कर दें
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झांसी। भारत सरकार के जल जीवन मिशन के अंतर्गत 2024 तक सभी ग्रामीणों के घर में पेयजल की सुविधा देने के लिए नल का कनेक्शन दिया जाना है। इसके लिए हर घर नल योजना पर काम चल रहा है। योजना के अंतर्गत ग्रामीण पानी की बर्बादी न करें, इसके लिए उन्हें जागरूक किया जा रहा है। गांव में जाकर जागरूकता टीम ग्रामीणों को बता रही है कि पानी बेकार बह रहा हो तो नल की टोंटी बंद कर दें। नलों की टोंटी न निकालें, जिससे बूंद- बूंद पानी का संचय किया जा सके और उसका दुरुपयोग रोका जा सके।
बुंदेलखंड में पानी की समस्या गर्मियों में काफी गंभीर हो जाती है। इसके समाधान के लिए केंद्र सरकार ने हर घर नल योजना शुरू की है। 1627.94 करोड़ रुपये की योजना के अंतर्गत 644 गांवों के घर- घर पीने का पानी पहुंचाया जाएगा। योजना पूरी होने पर करीब सात लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध होने लगेगा। इसके अंतर्गत दस परियोजनाएं चल रही हैं। इसमें ग्राम गुलारा, बचावली, तिलैथा, बुढ़पुरा, कुरैछा, इमलौटा, बरथरी, टेहरका और बरवार में काम प्रगति पर है।
जल जीवन मिशन राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को पानी के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कोई कविताओं के माध्यम से जागरूक कर रहा है तो कोई गोष्ठियों के द्वारा ग्रामीणों को जागरूक कर रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि ग्रामीणों को पानी की कीमत समझ में आ जाए, क्योंकि अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में नलों की टोटियां तोड़ दी जाती हैं। पानी बेकार में बहता रहता है। जो पानी बेकार बहकर बर्बाद हो जाता है, उससे कई लोगों की प्यास बुझाई जा सकती है। इतना ही नहीं, नल के कनेक्शन के लिए लोगों से आधार कार्ड की फोटो कापी मांगी जाने पर वह देने से इंकार कर देते हैं। इस बारे में भी उन्हें बताया जा रहा है। ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि योजना उनके फायदे के लिए है, इसलिए सभी लोग सहयोग करें।
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बंगरा व मऊरानीपुर में चल रहीं जागरूकता गोष्ठियां
क्षेत्रीय ग्राम विकास संस्थान चिरगांव से मुकेश कुमार, कैलाश नारायण साहू एवं मास्टर ट्रेनर रिचा अहिरवार ब्लाक बंगरा के ग्राम पलरा और राज्य पेयजल मिशन के बी के लिटौरिया और प्रशांत कुमार मऊरानीपुर के ग्राम बुखारा में ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा आसपास के गांवों में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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बुंदेलखंड में पानी की समस्या गर्मियों में काफी गंभीर हो जाती है। इसके समाधान के लिए केंद्र सरकार ने हर घर नल योजना शुरू की है। 1627.94 करोड़ रुपये की योजना के अंतर्गत 644 गांवों के घर- घर पीने का पानी पहुंचाया जाएगा। योजना पूरी होने पर करीब सात लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध होने लगेगा। इसके अंतर्गत दस परियोजनाएं चल रही हैं। इसमें ग्राम गुलारा, बचावली, तिलैथा, बुढ़पुरा, कुरैछा, इमलौटा, बरथरी, टेहरका और बरवार में काम प्रगति पर है।
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जल जीवन मिशन राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को पानी के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कोई कविताओं के माध्यम से जागरूक कर रहा है तो कोई गोष्ठियों के द्वारा ग्रामीणों को जागरूक कर रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि ग्रामीणों को पानी की कीमत समझ में आ जाए, क्योंकि अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में नलों की टोटियां तोड़ दी जाती हैं। पानी बेकार में बहता रहता है। जो पानी बेकार बहकर बर्बाद हो जाता है, उससे कई लोगों की प्यास बुझाई जा सकती है। इतना ही नहीं, नल के कनेक्शन के लिए लोगों से आधार कार्ड की फोटो कापी मांगी जाने पर वह देने से इंकार कर देते हैं। इस बारे में भी उन्हें बताया जा रहा है। ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि योजना उनके फायदे के लिए है, इसलिए सभी लोग सहयोग करें।
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बंगरा व मऊरानीपुर में चल रहीं जागरूकता गोष्ठियां
क्षेत्रीय ग्राम विकास संस्थान चिरगांव से मुकेश कुमार, कैलाश नारायण साहू एवं मास्टर ट्रेनर रिचा अहिरवार ब्लाक बंगरा के ग्राम पलरा और राज्य पेयजल मिशन के बी के लिटौरिया और प्रशांत कुमार मऊरानीपुर के ग्राम बुखारा में ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा आसपास के गांवों में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।