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नहीं हो सकेगी कन्या भ्रूण हत्या
ब्यूरो झांसी
Updated Thu, 19 Nov 2015 12:43 AM IST
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झांसी। डीएम अनुराग यादव ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सभी अल्ट्रासाउंड मशीनों में 30 नवंबर तक एक्टिव ट्रैकर लगा दिया जाएगा। इसकी मदद से कन्या भ्रूण हत्या को प्रभावशाली तरीके से रोका जा सकेगा। प्रदेश में झांसी ऐसा पहला जिला होगा जहां यह व्यवस्था लागू होगी। झांसी में लगभग 63 नर्सिंग होम अल्ट्रासाउंड मशीनयुक्त हैं। वह विकास भवन में अल्ट्रासाउंड संचालन में ट्रैकर की भूमिका कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे डीएम ने कहा कि लिंग अनुपात में अंतर होने से लड़कियों की तुलना में लड़के बहुत अधिक हैं। यह चिंता जनक है और इसमें सुधार होना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक्टिव ट्रैकर का उपयोग सफलता पूर्वक वर्ष 2009 में कोल्हापुर, महाराष्ट्र में किया गया। अब अन्य प्रदेशों में भी सफल संचालन हो रहा है। पीसीएनडीटी एक्ट की जानकारी देते हुए कहा कि यदि एक्ट के अंतर्गत आदेशों का अनुपालन नहीं किया जाता है तो अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी जाएगी। वहीं, अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने के लिए एक्ट के जरिए सर्टिफिकेट प्राप्त होगा।
मैग्नम ओपन पुणे के मैनेजिंग डायरेक्टर गिरीश लाड ने बताया कि यह तकनीकी उन्होंने ही ईजाद की है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत संपूर्ण भारत में सौ शहरों को चुना है, जिसमें झांसी शामिल है। उन्होंने मशीन में ट्रैकर लगाने, उसके कार्य करने की जानकारी देते हुए बताया कि जैसे ही इसे जोड़ा जाएगा तो मॉनीटर पर दिखने वाली हर गतिविधि स्टोर होती जाएगी। मशीन शुरू और बंद होने पर संबंधित डॉक्टर के मोबाइल पर एसएमएस जाएगा। सभी अल्ट्रासाउंड मशीनों को वेबसाइट के जरिए जोड़ा जाएगा और ऑनलाइन फॉर्म भरवाए जाएंगे। यदि मशीन से कोई छेड़छाड़ होती है तब भी जिला प्रशासन के पास सीधा मैसेज चला जाएगा। इस मौके पर सीडीओ संजय कुमार, सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव, तरुण अग्रवाल समेत समस्त नर्सिंग होम के संचालक, चिकित्सक मौजूद रहे।
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कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे डीएम ने कहा कि लिंग अनुपात में अंतर होने से लड़कियों की तुलना में लड़के बहुत अधिक हैं। यह चिंता जनक है और इसमें सुधार होना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक्टिव ट्रैकर का उपयोग सफलता पूर्वक वर्ष 2009 में कोल्हापुर, महाराष्ट्र में किया गया। अब अन्य प्रदेशों में भी सफल संचालन हो रहा है। पीसीएनडीटी एक्ट की जानकारी देते हुए कहा कि यदि एक्ट के अंतर्गत आदेशों का अनुपालन नहीं किया जाता है तो अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी जाएगी। वहीं, अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने के लिए एक्ट के जरिए सर्टिफिकेट प्राप्त होगा।
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मैग्नम ओपन पुणे के मैनेजिंग डायरेक्टर गिरीश लाड ने बताया कि यह तकनीकी उन्होंने ही ईजाद की है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत संपूर्ण भारत में सौ शहरों को चुना है, जिसमें झांसी शामिल है। उन्होंने मशीन में ट्रैकर लगाने, उसके कार्य करने की जानकारी देते हुए बताया कि जैसे ही इसे जोड़ा जाएगा तो मॉनीटर पर दिखने वाली हर गतिविधि स्टोर होती जाएगी। मशीन शुरू और बंद होने पर संबंधित डॉक्टर के मोबाइल पर एसएमएस जाएगा। सभी अल्ट्रासाउंड मशीनों को वेबसाइट के जरिए जोड़ा जाएगा और ऑनलाइन फॉर्म भरवाए जाएंगे। यदि मशीन से कोई छेड़छाड़ होती है तब भी जिला प्रशासन के पास सीधा मैसेज चला जाएगा। इस मौके पर सीडीओ संजय कुमार, सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव, तरुण अग्रवाल समेत समस्त नर्सिंग होम के संचालक, चिकित्सक मौजूद रहे।
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