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टमाटर का निकला कचूमर, डेढ़ रुपये किलो

Sun, 22 Jan 2017 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 22 Jan 2017 11:44 PM IST
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Disintegrate turned tomato, a half per kg
tomaito, jhansi news - फोटो : demo
इस बार टमाटर के दाम ने आम आदमी को तो बेहद राहत पहुंचाई है, लेकि न किसानों को बर्बाद कर दिया है। उत्पादन लागत तक नहीं निकल पा रही है। हालत यह है कि छह महीने पहले थोक में 35-40 रुपये किलो वाला टमाटर अब डेढ़-दो रुपये किलो बिक रहा है। फुटकर के रेट चार से पांच रुपये किलो हैं। खेतों से सीधे खरीदें तो 80 पैसे किलो मिल जाएगा। दरअसल मांग के मुताबिक आपूर्ति जरूरत से ज्यादा है और इस कारण ही टमाटर के दाम धरातल पर आ गए हैं। 
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अमर उजाला संवाददाता ने रविवार को महानगर की थोक सब्जी मंडी का जायजा लिया, तो टमाटर की हालत खासी पतली नजर आई। टमाटर किसान निराश खडे़ थे। उनक ो उनकी उपज की मूल लागत देने वाला भी कोई नहीं था। अब तो ज्यादातर किसान मंडी भी नहीं आ रहे हैं। उन्होंने आढ़तियों क ो संदेश भेजा है कि वे खुद खेतों से टमाटर उठवा लें, क्योंकि मंडी तक पहुंचने का जितना भाड़ा लग जाएगा, उतना तो उनको लाभ भी नहीं मिलेगा। कई जगह तो टमाटर फेंकने की नौबत है।
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हालत यह है कि यदि आप खेत में पहुंच जाएं तो वहां आपको टमाटर 70 या 75 पैसे किलो मिल जाएगा। औने-पौने तक बेचने को मजबूर है। शिवपुरी के किसान बनवारी के मुताबिक इस बार टमाटर की पैदावार जबर्दस्त हुई है। नोटबंदी और धुंध का भी कुछ असर है। उत्पादन लागत तक नहीं निकल रही है। कई छोटे किसान तो बर्बाद हो गए हैं। पिछले साल इनदिनों ऐसे हालात नहीं थे। सब खर्चे निकालकर टमाटर का उत्पादन फायदेमंद रहा था पर इस बार तो हालात बेहद खराब हैं। आढ़ती दीपक और सतीश का कहना है कि टमाटर से न तो किसान को लाभ मिला और न ही थोक और फुटकर कारोबारियों को। यहां से कई जिलों को भी बड़े पैमाने पर टमाटर सप्लाई किया जाता है, लेकिन इस बार नोटबंदी के चलते किसान ऐसा नहीं कर सके और इसका नतीजा यह हुआ कि यहां की मंडी टमाटर से सराबोर हो गई। इस कारण दाम घट गए।
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लागत 20 हजार, लाभ टके का नहीं
 किसान बनवारी के अनुसार एक बीघा जमीन 15 से 20 हजार रुपये की लागत लगती है, जिसे इस बार किसान नहीं वसूल सके है। 
 
आठ साल बाद इतना सस्ता
आठ साल पहले भी टमाटर के यही हाल थे। इस बार फुटकर में पांच रुपये किलो बिक रहा है। कहीं-कहीं 10 रुपये में तीन किलो भी मिल जाएगा।
अख्तर, फुटकर सब्जी विक्रेता
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