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डिजिटल एक्सरे मशीन खराब, निजी सेंटर पर मरीज करा रहे हैं जांच
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झांसी। जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे मशीन खराब पड़ी हुई है। यूपीएस में समस्या आने के कारण फिल्म नहीं निकल पा रही है। इस कारण मरीज निजी सेंटर पर जाकर जांच कराने को मजबूर हैं। उधर, टेक्नीशियन बुलाकर मशीन सुधरवाने का प्रयास किया जा रहा है।
महानगर के बीचों बीच स्थित होने की वजह से शहर के मरीजों का अधिकतर भार जिला अस्पताल पर रहता है। यहां पर प्रतिदिन 20-25 डिजिटल एक्सरे हो जाते हैं। मगर इन दिनों डिजिटल एक्सरे मशीन के यूपीएस में समस्या आ गई है। इस कारण जांच बंद पड़ी हुई है। इससे रोजाना मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। साथ ही जांच कराने के लिए निजी सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों के पैसे बेवजह खर्च हो रहे हैं। बताया गया कि मशीन को ठीक करने के लिए टेक्नीशियन को भी सूचना दे दी गई है। टेक्नीशियन आकर मशीन सुधारने का प्रयास कर रहा है।
निजी सेंटरों पर 700 में होती जांच
जिला अस्पताल में रियायती दरों पर डिजिटल एक्सरे हो जाता है। जबकि, निजी सेंटरों पर 700 रुपये खर्च हो जाते हैं। ऐसे में दिन भर में जिला अस्पताल आने वाले मरीजों का निजी सेंटरों पर जाकर जांच कराने पर लगभग 15000 रुपये खर्च हो रहा है।
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महानगर के बीचों बीच स्थित होने की वजह से शहर के मरीजों का अधिकतर भार जिला अस्पताल पर रहता है। यहां पर प्रतिदिन 20-25 डिजिटल एक्सरे हो जाते हैं। मगर इन दिनों डिजिटल एक्सरे मशीन के यूपीएस में समस्या आ गई है। इस कारण जांच बंद पड़ी हुई है। इससे रोजाना मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। साथ ही जांच कराने के लिए निजी सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों के पैसे बेवजह खर्च हो रहे हैं। बताया गया कि मशीन को ठीक करने के लिए टेक्नीशियन को भी सूचना दे दी गई है। टेक्नीशियन आकर मशीन सुधारने का प्रयास कर रहा है।
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निजी सेंटरों पर 700 में होती जांच
जिला अस्पताल में रियायती दरों पर डिजिटल एक्सरे हो जाता है। जबकि, निजी सेंटरों पर 700 रुपये खर्च हो जाते हैं। ऐसे में दिन भर में जिला अस्पताल आने वाले मरीजों का निजी सेंटरों पर जाकर जांच कराने पर लगभग 15000 रुपये खर्च हो रहा है।
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