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Jhansi News: अब तीन शिफ्ट में काम करेगी डायल-112, तलाशे जा रहे 183 चालक
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस महकमे ने तैयारी शुरू कर दी है। सबसे पहले डायल-112 के बेड़े को मजबूत किया जाएगा। झांसी रेंज के तीनों जनपदों में अब पीआरवी कर्मियों की दो के बजाय तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगेगी। शिफ्ट बढ़ने की वजह से 183 चालकों की आवश्यकता पड़ेगी। इनकी कमी पूरी करने के लिए रिक्रूट एवं होमगार्ड की मदद ली जा रही है। आईजी आकाश कुलहरि के निर्देश पर कुशल चालकों की तलाश शुरू हो गई है।
कानून व्यवस्था बिगड़ने की दशा में सबसे पहले मौके पर डायल-112 को पहुंचना होता है। झांसी रेंज में 116 चार पहिया समेत सौ से अधिक दो पहिया वाहन हैं। इनके लिए 264 चालक तैनात हैं। पायलट की कम संख्या होने से 12-12 घंटे ड्यूटी लगती है। मॉनीटरिंग के बाद 8-8 घंटे की ड्यूटी लगाने का निर्णय हुआ। ललितपुर में 28 पीआरवी वाहन हैं। इनके लिए 61 चालक हैं, जबकि नई व्यवस्था में 92 चालकों की जरूरत होगी। इस तरह 31 चालकों की कमी है। जालौन में 39 पीआरवी वाहन हैं। यहां वर्तमान में 67 चालक उपलब्ध हैं। तीन शिफ्ट में इन वाहनों के संचालन के लिए 128 चालकों की आवश्यकता है। इस हिसाब से यहां 61 चालक कम हैं।
झांसी में सबसे कम पायलट
मुख्यालय होने के बावजूद झांसी में पायलटों की कमी सबसे अधिक है। यहां 44 चार पहिया पीआरवी वाहनों के लिए 145 पायलट की जरूरत है, जबकि 66 उपलब्ध हैं। इस तरह यहां 79 पायलट कम हैं। इसी तरह 25 दो पहिया पीआरवी के लिए 82 पायलट चाहिए, जबकि 70 पायलट ही उपलब्ध हैं। दो पहिया वाहनों के लिए भी 12 पायलट कम हैं। झांसी में सर्वाधिक 91 पायलट कम हैं। रेंज में 183 पायलट लगाए जाएंगे। अगले माह से तीन शिफ्ट में पीआरवी काम शुरू करेगी।
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वर्जन
पीआरवी व्यवस्था आपात स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में पुलिस का फोकस उपलब्ध वाहनों को पर्याप्त पायलट उपलब्ध कराने पर है। अब तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगेगी। इसके लिए रिक्रूट और होमगार्ड में ऐसे लोगों की तलाश कर रही है, जो वाहन चलाने में दक्ष हों।
-आकाश कुलहरि, आईजी, झांसी रेंज।
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झांसी। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस महकमे ने तैयारी शुरू कर दी है। सबसे पहले डायल-112 के बेड़े को मजबूत किया जाएगा। झांसी रेंज के तीनों जनपदों में अब पीआरवी कर्मियों की दो के बजाय तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगेगी। शिफ्ट बढ़ने की वजह से 183 चालकों की आवश्यकता पड़ेगी। इनकी कमी पूरी करने के लिए रिक्रूट एवं होमगार्ड की मदद ली जा रही है। आईजी आकाश कुलहरि के निर्देश पर कुशल चालकों की तलाश शुरू हो गई है।
कानून व्यवस्था बिगड़ने की दशा में सबसे पहले मौके पर डायल-112 को पहुंचना होता है। झांसी रेंज में 116 चार पहिया समेत सौ से अधिक दो पहिया वाहन हैं। इनके लिए 264 चालक तैनात हैं। पायलट की कम संख्या होने से 12-12 घंटे ड्यूटी लगती है। मॉनीटरिंग के बाद 8-8 घंटे की ड्यूटी लगाने का निर्णय हुआ। ललितपुर में 28 पीआरवी वाहन हैं। इनके लिए 61 चालक हैं, जबकि नई व्यवस्था में 92 चालकों की जरूरत होगी। इस तरह 31 चालकों की कमी है। जालौन में 39 पीआरवी वाहन हैं। यहां वर्तमान में 67 चालक उपलब्ध हैं। तीन शिफ्ट में इन वाहनों के संचालन के लिए 128 चालकों की आवश्यकता है। इस हिसाब से यहां 61 चालक कम हैं।
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झांसी में सबसे कम पायलट
मुख्यालय होने के बावजूद झांसी में पायलटों की कमी सबसे अधिक है। यहां 44 चार पहिया पीआरवी वाहनों के लिए 145 पायलट की जरूरत है, जबकि 66 उपलब्ध हैं। इस तरह यहां 79 पायलट कम हैं। इसी तरह 25 दो पहिया पीआरवी के लिए 82 पायलट चाहिए, जबकि 70 पायलट ही उपलब्ध हैं। दो पहिया वाहनों के लिए भी 12 पायलट कम हैं। झांसी में सर्वाधिक 91 पायलट कम हैं। रेंज में 183 पायलट लगाए जाएंगे। अगले माह से तीन शिफ्ट में पीआरवी काम शुरू करेगी।
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पीआरवी व्यवस्था आपात स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में पुलिस का फोकस उपलब्ध वाहनों को पर्याप्त पायलट उपलब्ध कराने पर है। अब तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगेगी। इसके लिए रिक्रूट और होमगार्ड में ऐसे लोगों की तलाश कर रही है, जो वाहन चलाने में दक्ष हों।
-आकाश कुलहरि, आईजी, झांसी रेंज।