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शक के दायरे में धौलपुर के गिरोह

Thu, 04 Feb 2021 01:14 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 04 Feb 2021 01:14 AM IST
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Dhaoulpur gang suspect
झांसी। डॉ.आरके गुरबक्शानी अपहरण कांड में पुलिस तमाम बिंदुओं की पड़ताल कर रही है। धौलपुर समेत आसपास सक्रिय बदमाशों की कुंडली तलाशने में पुलिस जुटी है। अफसरों का दावा है कि अहम जानकारी हाथ आई है। अगर सही दिशा रही, तब जल्द ही मामले का खुलासा हो सकता है।
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थाना सीपरी बाजार क्षेत्र के संगम विहार कॉलोनी निवासी डॉ. आरके गुरबक्शानी का शुक्रवार तड़के करीब पांच बजे अपहरण हो गया लेकिन, दूसरे दिन शनिवार चिकित्सक मुरैना के हिंगोना गांव में सड़क पर जंजीरों से बंधे मिले। छूटने के बाद उन्होंने पुलिस को बताया कि डकैतों ने मुरैना के पास खेत में ले जाकर जंजीरों से हाथ-पैर बांधकर डाल दिया था। तड़के डकैतों को झपकी आने पर वह खेत के रास्ते कोहनी के बल घिसटते हुए सड़क तक पहुंचे। गश्त के दौरान सड़क पर खड़े डायल 112 कर्मियों की मदद से वह बाहर निकल सके। पुलिस इस मामले में बदमाशों की तलाश में जुटी है। पुलिस मोबाइल टॉवरों के जरिए पड़ताल कर रही कि उस समय कितने मोबाइल इन इलाकों के बीच सक्रिय रहे।
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लोकेशन के माध्यम से भी तलाश की जा रही है। मुरैना के साथ ही धौलपुर में सक्रिय बदमाशों की भी पड़ताल हो रही है। धौलपुर में केशव गुर्जर गैंग काफी समय से ऐसी वारदातों में सक्रिय रहा है। ग्वालियर जेल में बंद झांसी के कुख्यात बदमाश की गतिविधि भी पुलिस खंगाल रही है हालांकि अभी कुछ भी खुलकर बोलने को पुलिस राजी नहीं है। अफसरों का कहना है अहम जानकारी मिली है। जल्द ही, बदमाशों के बारेे में मालूम चल जाएगा। वहीं, एसएसपी दिनेश कुमार पी का कहना है सभी बिंदुओं की पड़ताल तेजी से की जा रही है। मामला जल्द सुलझा लिया जाएगा।
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छह दिन बाद क्लीनिक पर बैठे
अपहरण के छह दिन बाद बुधवार को डॉ.गुरबक्शानी पहली बार आर्य कन्या चौराहा स्थित अपनी क्लीनिक सुबह करीब सवा ग्यारह बजे पहुंचे। पहले से ही कई मरीज उनका इंतजार कर रहे थे। इसके अलावा तमाम एमआर भी क्लीनिक पहुंचे। उनकी सुरक्षा के लिए सीपरी बाजार थाने के सिपाही क्लीनिक में तैनात थे। अपहरण कांड के बाद पहली बार मीडिया से मुखातिब डॉ.गुरबक्शानी ने उसे बुरा समय बताया। कहा, जान बचाने के लिए उनके अंदर किसी तरह ताकत पैदा हुई। इसकी मदद से वह निकलने में कामयाब रहे। बदमाश बुंदेली के अलावा दूसरी बोली भी बोल रहे थे। बदमाशों ने उनके साथ मारपीट नहीं की। हालांकि खाने के लिए भी उनको कुछ नहीं दिया। उन्होंने इस संभावना से भी इंकार किया कि उनको गलती से उठाया गया। उनका कहना था कि बदमाशों ने बकायादा रेकी की हुई थी।
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