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Jhansi News: अब जनरल विपिन रावत के नाम से पहचाना जाएगा झांसी में डिफेंस कॉरिडोर
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झांसी। डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड का नाम पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल विपिन रावत के नाम पर कर दिया गया है। प्रदेश सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। बता दें कि झांसी आने के 19 दिन बाद जनरल रावत तमिलनाडु के कुन्नूर में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटना में वीरगति को प्राप्त हो गए थे।
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर 19 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ तत्कालीन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत झांसी आए थे। जनरल रावत की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड में पहली इकाई की आधारशिला रखी थी। किले के मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम ने रक्षा मंत्रालय के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) की इकाई का शिलान्यास किया था। बीडीएल को यहां 183 हेक्टेअर जमीन आवंटित की गई है और कंपनी यहां 400 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है।
इसके 19 दिन बाद 08 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटना में जनरल रावत वीरगति को प्राप्त हो गए थे। इसके बाद फरवरी 2022 में झांसी आए गृहमंत्री अमित शाह ने डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड का नाम जनरल विपिन रावत के नाम पर करने की घोषणा की थी।
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अब प्रदेश सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके साथ ही डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड का नाम ‘जनरल विपिन रावत डिफेंस इंडस्ट्रियल, झांसी नोड उत्तर प्रदेश’ कर दिया गया है।
किले का मैदान भी होगा जनरल रावत के नाम
झांसी। किले के मैदान का नाम भी जनरल विपिन रावत के नाम पर किया जाना है। जनरल विपिन रावत के वीरगति को प्राप्त होने के बाद इसका प्रस्ताव स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से शासन को भेजा गया था। बताया जा रहा है कि इसे लेकर शासन स्तर पर कार्यवाही जारी है। जल्द ही इसकी अधिसूचना भी जारी की जा सकती है। इसके अलावा किले की तलहटी में जनरल रावत की प्रतिमा लगाने की भी योजना है।
जनरल विपिन रावत का देश की रक्षा में अहम योगदान रहा है। उन्हीं की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड में पहली इकाई की आधारशिला रखी थी। झांसी नोड का नाम जनरल रावत के नाम पर रखकर सरकार ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
- मनीष चौधरी, उपायुक्त उद्योग
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वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर 19 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ तत्कालीन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत झांसी आए थे। जनरल रावत की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड में पहली इकाई की आधारशिला रखी थी। किले के मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम ने रक्षा मंत्रालय के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) की इकाई का शिलान्यास किया था। बीडीएल को यहां 183 हेक्टेअर जमीन आवंटित की गई है और कंपनी यहां 400 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है।
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इसके 19 दिन बाद 08 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटना में जनरल रावत वीरगति को प्राप्त हो गए थे। इसके बाद फरवरी 2022 में झांसी आए गृहमंत्री अमित शाह ने डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड का नाम जनरल विपिन रावत के नाम पर करने की घोषणा की थी।
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अब प्रदेश सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके साथ ही डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड का नाम ‘जनरल विपिन रावत डिफेंस इंडस्ट्रियल, झांसी नोड उत्तर प्रदेश’ कर दिया गया है।
किले का मैदान भी होगा जनरल रावत के नाम
झांसी। किले के मैदान का नाम भी जनरल विपिन रावत के नाम पर किया जाना है। जनरल विपिन रावत के वीरगति को प्राप्त होने के बाद इसका प्रस्ताव स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से शासन को भेजा गया था। बताया जा रहा है कि इसे लेकर शासन स्तर पर कार्यवाही जारी है। जल्द ही इसकी अधिसूचना भी जारी की जा सकती है। इसके अलावा किले की तलहटी में जनरल रावत की प्रतिमा लगाने की भी योजना है।
जनरल विपिन रावत का देश की रक्षा में अहम योगदान रहा है। उन्हीं की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड में पहली इकाई की आधारशिला रखी थी। झांसी नोड का नाम जनरल रावत के नाम पर रखकर सरकार ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
- मनीष चौधरी, उपायुक्त उद्योग