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डिफेंस कॉरिडोर : 760 में से 15 हेक्टेयर जमीन के ही हुए बैनामे
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ओमकार सिंह
एरच। डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड के विस्तार के लिए द्वितीय चरण में 760 हेक्टेयर जमीन और ली जानी है। इसके लिए पंद्रह दिन पूर्व जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन अब तक महज 15 हेक्टेयर भूमि के बैनामे ही हो पाए हैं। काश्तकार जमीन का सर्किल रेट बढ़ने का इंतजार कर हैं, जिससे वे अपनी भूमि देने में तेजी नहीं दिखा रहे हैं।
डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड के पहले चरण में गरौठा तहसील के एरच, इसकिल, लभेरा, कठर्री, नेकेरा, गेंदाकबूला गांव की एक हजार हेक्टेयर जमीन ली गई थी। इस जमीन पर निर्माण कार्य जारी है। अब यूपीडा ने कॉरिडोर को विस्तार देने की योजना बनाई है, जिसके तहत 760 हेक्टेयर जमीन और ली जानी है। यह जमीन गोंती, झबरा व जखनवारा गांव में ली जानी है। जमीन लेने की प्रक्रिया 15 दिन पहले शुरू की गई थी, लेकिन अब तक 15 हेक्टेयर जमीन के ही बैनामे हो पाए हैं।
दरअसल, प्रभावित किसान शुरुआत से ही ली जाने वाली जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की मांग करते आ रहे हैं। सर्किल रेट बढ़ जाने से उन्हें मुआवजा भी अधिक मिलेगा। ऐसे में सर्किल रेट बढ़ने के इंतजार में काश्तकार जमीन देने के लिए तेजी से आगे नहीं आ रहे हैं।
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तहसीलदार गरौठा अमृतलाल ने बताया कि डिफेंस कॉरिडोर के दूसरे चरण में 760 हेक्टेयर जमीन ली जानी है। अब तक 15 हेक्टेयर जमीन के बैनामे हो चुके हैं। इसमें 12 हेक्टेयर जमीन गोंती में और तीन हेक्टेयर ग्राम झबरा की ली जा चुकी है। जखनवारा मौजा से अभी तक कोई बैनामा नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि सर्किल रेट के अनुसार किसानों का मुआवजा 20-25 दिन के भीतर उनके खाते में पहुंच जाएगा। डिफेंस कॉरिडोर के विकसित होने से क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। (संवाद)
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एरच। डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड के विस्तार के लिए द्वितीय चरण में 760 हेक्टेयर जमीन और ली जानी है। इसके लिए पंद्रह दिन पूर्व जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन अब तक महज 15 हेक्टेयर भूमि के बैनामे ही हो पाए हैं। काश्तकार जमीन का सर्किल रेट बढ़ने का इंतजार कर हैं, जिससे वे अपनी भूमि देने में तेजी नहीं दिखा रहे हैं।
डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड के पहले चरण में गरौठा तहसील के एरच, इसकिल, लभेरा, कठर्री, नेकेरा, गेंदाकबूला गांव की एक हजार हेक्टेयर जमीन ली गई थी। इस जमीन पर निर्माण कार्य जारी है। अब यूपीडा ने कॉरिडोर को विस्तार देने की योजना बनाई है, जिसके तहत 760 हेक्टेयर जमीन और ली जानी है। यह जमीन गोंती, झबरा व जखनवारा गांव में ली जानी है। जमीन लेने की प्रक्रिया 15 दिन पहले शुरू की गई थी, लेकिन अब तक 15 हेक्टेयर जमीन के ही बैनामे हो पाए हैं।
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दरअसल, प्रभावित किसान शुरुआत से ही ली जाने वाली जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की मांग करते आ रहे हैं। सर्किल रेट बढ़ जाने से उन्हें मुआवजा भी अधिक मिलेगा। ऐसे में सर्किल रेट बढ़ने के इंतजार में काश्तकार जमीन देने के लिए तेजी से आगे नहीं आ रहे हैं।
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तहसीलदार गरौठा अमृतलाल ने बताया कि डिफेंस कॉरिडोर के दूसरे चरण में 760 हेक्टेयर जमीन ली जानी है। अब तक 15 हेक्टेयर जमीन के बैनामे हो चुके हैं। इसमें 12 हेक्टेयर जमीन गोंती में और तीन हेक्टेयर ग्राम झबरा की ली जा चुकी है। जखनवारा मौजा से अभी तक कोई बैनामा नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि सर्किल रेट के अनुसार किसानों का मुआवजा 20-25 दिन के भीतर उनके खाते में पहुंच जाएगा। डिफेंस कॉरिडोर के विकसित होने से क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। (संवाद)