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झांसी में भी तो नहीं आ गया डेंगू का खतरनाक रूप, दिल से लेकर लिवर पर कर रहा अटैक
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झांसी। डेंगू के खतरनाक स्ट्रेन डी-2 की झांसी में भी आ जाने की आशंका है। पिछले तीन सप्ताह में डेंगू के डंक से गंभीर होने वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। डेंगू दिल से लेकर लिवर पर अटैक कर रहा है। मरीज मायोकार्डिटिस से लेकर हेपेटाइटिस तक के शिकार हो रहे हैं। शरीर में आंतरिक रक्तस्त्राव के भी मामले बढ़े हैं।
डेंगू का कहर शहर से लेकर गांव तक जारी है। सरकारी आंकड़ों में जो मरीज सामने आ रहे हैं। हकीकत उससे कोसो दूर है। ज्यादातर निजी अस्पताल अपने यहां भर्ती डेंगू मरीजों के सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज नहीं भेजते हैं। गांव में मरीजों का इलाज झोलाछाप के भरोसे हैं। इसी बीच, जो खबर सामने आई है, वो चौंकाने वाली है। पिछले 15-20 दिनों में डेंगू से गंभीर होने वाले मरीजों की संख्या में काफी तेजी आई है। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों के मुताबिक यह डेंगू का डी-2 स्ट्रेन भी हो सकता है। ऐसे में लोगों को इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस बार डेंगू लोगों को हड्डी तोड़ बुखार दे रहा है। इससे जीवनरक्षक अंग लिवर, फेफड़े, ह्रदय तक प्रभावित हो रहे हैं। कुछ मरीजों में मायोकार्डिटिस भी देखने को मिल रहा है। इसमें दिल के धड़कने की क्षमता कम हो जाती है और मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। इसके अलावा डेंगू हेपेटाइटिस के भी मामले बढ़े हैं। इससे मरीज को पीलिया हो जाता है। जोड़ दर्द, सिर दर्द होना तो आम है। विशेषज्ञों के मुताबिक कई मरीजों में दांतों, आंतों आदि से खून आने के मामले भी बढ़े हैं। रोजाना आठ से दस मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ानी पड़ रही है।
ये भी जानें
झांसी में डेंगू के मरीज: 550
सरकारी अस्पताल में भर्ती: 55
रोज प्लेटलेट्स चढ़ रहीं: 40-50 जंबो, 150-200 आरडीपी
कितने घरों में मिल चुका लार्वा: 2500
झांसी में नहीं होती स्ट्रेन की जांच
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि झांसी में डेंगू के स्ट्रेन की जांच नहीं होती है। ये सुविधा केजीएमयू लखनऊ में है। स्ट्रेन जांच के लिए सैंपल अभी तक नहीं भेजा है। अधीनस्थों से बात करके सोमवार को इस संबंध में फैसला किया जाएगा।
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15-20 दिनों से डेंगू से गंभीर होने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चूंकि, झांसी में स्ट्रेन की जांच नहीं होती है, ऐसे में स्पष्ट कुछ नहीं कहा जा सकता। मगर हो सकता है डी-2 स्ट्रेन आ गया हो। क्योंकि, इस बार डेंगू ज्यादा खतरनाक लग रहा है। मायोकार्डिटिस से लेकर डेंगू हेपेटाइटिस और आंतरिक रक्तस्त्राव के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। लोगों को मच्छरों से बचाव करना चाहिए। यदि लक्षण दिखे तो तुरंत जांच कराएं। - डॉ. रामबाबू सिंह, क्रिटिकल केयर इंचार्ज, मेडिकल कॉलेज।
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डेंगू का कहर शहर से लेकर गांव तक जारी है। सरकारी आंकड़ों में जो मरीज सामने आ रहे हैं। हकीकत उससे कोसो दूर है। ज्यादातर निजी अस्पताल अपने यहां भर्ती डेंगू मरीजों के सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज नहीं भेजते हैं। गांव में मरीजों का इलाज झोलाछाप के भरोसे हैं। इसी बीच, जो खबर सामने आई है, वो चौंकाने वाली है। पिछले 15-20 दिनों में डेंगू से गंभीर होने वाले मरीजों की संख्या में काफी तेजी आई है। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों के मुताबिक यह डेंगू का डी-2 स्ट्रेन भी हो सकता है। ऐसे में लोगों को इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस बार डेंगू लोगों को हड्डी तोड़ बुखार दे रहा है। इससे जीवनरक्षक अंग लिवर, फेफड़े, ह्रदय तक प्रभावित हो रहे हैं। कुछ मरीजों में मायोकार्डिटिस भी देखने को मिल रहा है। इसमें दिल के धड़कने की क्षमता कम हो जाती है और मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। इसके अलावा डेंगू हेपेटाइटिस के भी मामले बढ़े हैं। इससे मरीज को पीलिया हो जाता है। जोड़ दर्द, सिर दर्द होना तो आम है। विशेषज्ञों के मुताबिक कई मरीजों में दांतों, आंतों आदि से खून आने के मामले भी बढ़े हैं। रोजाना आठ से दस मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ानी पड़ रही है।
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झांसी में डेंगू के मरीज: 550
सरकारी अस्पताल में भर्ती: 55
रोज प्लेटलेट्स चढ़ रहीं: 40-50 जंबो, 150-200 आरडीपी
कितने घरों में मिल चुका लार्वा: 2500
झांसी में नहीं होती स्ट्रेन की जांच
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि झांसी में डेंगू के स्ट्रेन की जांच नहीं होती है। ये सुविधा केजीएमयू लखनऊ में है। स्ट्रेन जांच के लिए सैंपल अभी तक नहीं भेजा है। अधीनस्थों से बात करके सोमवार को इस संबंध में फैसला किया जाएगा।
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15-20 दिनों से डेंगू से गंभीर होने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चूंकि, झांसी में स्ट्रेन की जांच नहीं होती है, ऐसे में स्पष्ट कुछ नहीं कहा जा सकता। मगर हो सकता है डी-2 स्ट्रेन आ गया हो। क्योंकि, इस बार डेंगू ज्यादा खतरनाक लग रहा है। मायोकार्डिटिस से लेकर डेंगू हेपेटाइटिस और आंतरिक रक्तस्त्राव के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। लोगों को मच्छरों से बचाव करना चाहिए। यदि लक्षण दिखे तो तुरंत जांच कराएं। - डॉ. रामबाबू सिंह, क्रिटिकल केयर इंचार्ज, मेडिकल कॉलेज।