फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   damage road in jhansi

शहर की गड्ढों भरी सड़कों पर चलना मुश्किल

Sat, 08 Feb 2020 02:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2020 02:09 AM IST
विज्ञापन
damage road in jhansi
बीकेडी से मंडलायुक्त कार्यालय के सामने की सड़क की गिट्टी उखड़ी पड़ी है।
झांसी। सरकार के लाख दावों के बावजूद सड़कों के गढ्ढे भरे नहीं जा पा रहे। पीडब्ल्यूडी एवं नगर निगम जैसे बड़े महकमे मिलकर भी इन गढ्ढों को खत्म नहीं कर पा रहे। सड़कों के गड्ढे काफी खतरनाक हैं, जिनकी वजह से गिरकर राहगीर अकसर चुटहिल हो रहे हैं।
विज्ञापन

सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए पिछले तीन साल से अभियान चल रहा है लेकिन, तमाम सड़कों के गढ्ढे अब तक नहीं भरे जा सके। यहां तक की कमिश्नर कार्यालय के ठीक सामने की सड़क भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई लेकिन, इसके भी न गढ्ढे भरे गए और न इसका पुर्ननिर्माण कराया जा सका। बीकेडी-ग्वालियर मार्ग का हाल भी बुरा है। सीपरी बाजार से प्रेमनगर जाने वाली सड़क में जगह-जगह गढ्ढे हैं। इसी तरह ग्वालियर-झांसी मार्ग, झांसी-बरुआसागर मार्ग, फिल्टर रोड, हंसारी से बीएचईएल के बीच सड़क भी क्षतिग्रस्त है। इन सड़कों पर जगह-जगह गढ्ढे हैं लेकिन, इनकी पैचिंग का काम नहीं कराया जा रहा। कुछ सड़कों पर पैचिंग कराई गई लेकिन, बिटुमिन की जगह वहां बोल्डर के टुकड़े डाल दिए गए हालांकि सहायक अभियंता अवधेश कुमार के मुताबिक गड्ढामुक्त का लक्ष्य पूरा कर लिया गया। उनका कहना है 146.08 किलोमीटर के लक्ष्य में 144.48 किलोमीटर काम पूरा हो चुका है।
विज्ञापन

बजट में भारी भरकम कटौती
सरकार ने गड्ढामुक्त कार्यों के बजट में भी भारी भरकम कटौती की हुई है। पिछले वित्तीय वर्ष में जहां करीब 10 करोड़ रुपये जारी किए गए थे वहीं, इस बार साढ़े चार करोड़ रुपये ही जारी किए गए। बजट में कटौती होने से सड़कों की पैचिंग में बोल्डर का इस्तेमाल किया जा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पैचिंग को सामने नहीं आ रहे ठेकेदार
सरकार की ओर से बजट में भारी-भरकम कटौती कर देने से अब इस काम में पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। प्रांतीय खंड की ओर से तीन बार निविदाएं निकाली गईं लेकिन, कोई ठेकेदार सामने नहीं आया। ठेकेदारों का कहना है कि बीस हजार रुपये प्रति किलोमीटर की दर से पैचिंग के लिए भुगतान कर रही जबकि एक ड्रम कोलतार की कीमत ही करीब दस हजार रुपये के आसपास पड़ती है।

प्रस्तावित स्मार्ट रोड का हाल बेहाल
स्मार्ट रोड के तहत कमिश्नर कार्यालय के सामने की सड़क को दुरुस्त किया जाना है लेकिन, अभी यह सड़क ट्रैफिक के लिहाज से ही बेहद खतरनाक है। विकास भवन के सामने से मंडलायुक्त कार्यालय तक गिट्टी उखड़कर सड़क पर बिखर गई है। इस वजह से यहां रोजाना ही दुर्घटनाएं होती हैं।
- विकास भवन के सामने की सड़क की हालत बेहद खस्ता है। जगह-जगह गढ्ढे हैं। सड़क की छोटी गिट्टियां निकलकर बिखर गई है। इससे अकसर दुर्घटनाएं होती हैं।
शिवम सक्ेसना
- शहर की कई सड़कों की हालत बेहद खराब है। नगर निगम से भी शिकायत की लेकिन, इनको ठीक नहीं कराया गया।
जेएल जैन
- सड़कों पर जगह-जगह गढ्ढे होने से अकसर यहां दुर्घटनाएं होती हैं। सड़कों की मरम्मत जल्द कराए जाने की जरूरत है
पुनीत अग्रवाल
-फिल्टर रोड की दशा बेहद खराब है। इस सड़क को जल्द दुरुस्त कराए जाने की जरूरत है। सड़क खराब होने से हजारों लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
कुंज बिहारी ओझा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed